रूस, पूर्वी यूरोप और उत्तर एशिया में स्थित एक विशाल आकार वाला देश है लेकिन क्या आप जानते हैं सोवियत संघ को अक्सर गलती से 'रूस' बोल दिया जाता है। "सोवियत" एक रूसी शब्द है जिसका अर्थ है परिषद, असेंबली, सलाह और सद्भाव। आईये जानते हैं सोवियत संघ और रूस में क्या अंतर है।
सोवियत संघ और रूस में अंतर
सोवियत संघ, जिसका औपचारिक नाम सोवियत समाजवादी गणतंत्रों का संघ था, यूरेशिया के बड़े भूभाग पर विस्तृत एक देश था जो 1922 से 1992 तक अस्तित्व में रहा और यह संघ साम्यवादी पार्टी (कोम्युनिस्ट पार्टी) द्वारा शासन किया जाता था। संवैधानिक रूप से सोवियत संघ 15 स्वशासित गणतंत्रों का संघ था लेकिन वास्तव में पूरे देश के प्रशासन और अर्थव्यवस्था पर केन्द्रीय सरकार का कड़ा नियंत्रण रहा। रूसी सोवियत संघीय समाजवादी गणतंत्र इस देश का सबसे बड़ा गणतंत्र और राजनैतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र था, इसलिए पूरे देश का गहरा रूसीकरण हुआ। यही कारण रहा कि विदेश में भी सोवियत संघ को अक्सर गलती से 'रूस' बोल दिया जाता था।
वही दूसरी तरफ देखे तो रूस, विश्व का सबसे बड़ा देश है और आकार की दृष्टि से यह भारत से पाँच गुणा से भी अधिक है। इसकी राजधानी मॉस्को है। रूस की मुख्य और राजभाषा रूसी है। 1917 की रूसी क्रांति के बाद, यह सोवियत संघ में अपने गणराज्यों में से एक के रूप में शामिल हो गया था। यह प्रधान मंत्री की अध्यक्षता वाली अर्ध-राष्ट्रपति सरकार के तहत काम करती थी। यूएसएसआर के विघटन से पहले यह सोवियत संघ का प्रमुख राज्य था। दिसंबर 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद यह एक स्वतंत्र देश बन गया।
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रूस बनाम (Vs) सोवियत संघ (यूएसएसआर)
रूस | सोवियत संघ |
यह विश्व का सब्से बड़ा देश है। नार्वे, फ़िनलैण्ड, एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया, पोलैण्ड, बेलारूस, यूक्रेन, जॉर्जिया, अज़रबैजान, कजाकिस्तान, चीन, मंगोलिया और उत्तर कोरिया से इसकी सीमाएँ मिलती हैं। | यह संवैधानिक रूप से सोवियत संघ 15 स्वशासित गणतंत्रों का संघ था। |
इसे आधिकारिक तौर पर रूसी संघ के रूप में जाना जाता है। | इसे आधिकारिक तौर पर सोवियत समाजवादी गणतंत्रों का संघ जाना जाता था। |
यहाँ बहु-पार्टी प्रणाली है। | इसमें एकल पार्टी प्रणाली थी तथा मार्क्सवादी-कम्युनिस्ट के दर्शन पर शासन किया जाता था। |
इसकी अपनी विशिष्ट पहचान, संस्कृति और परंपराएं हैं। | यहं समेकित जातीयताएं, संस्कृति और परंपरा थी। या फिर दूसरे शब्दों में, जातीयताओं, संस्कृतियों और परंपराओं के संघ के रूप में भी जाना जाता था। |
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