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कैसे जानें कि आप एक सही NGO को दान दे रहे हैं?

एक गैर सरकारी संगठन (NGO) एक गैर-लाभकारी संगठन (NPO) होता है जो राज्यों और अंतर्राष्ट्रीय सरकारी संगठनों के प्रभाव से स्वतंत्र होता है. ये आमतौर पर लोगों के दान द्वारा वित्त पोषित होते हैं लेकिन कुछ संगठन केवल स्वयंसेवकों द्वारा चलाए जाते हैं. ईमानदार NGO आम तौर जिस उद्येश्य के लिए काम करते हैं उसकी परफॉरमेंस रिपोर्ट से दान देने वालों को अवगत कराते रहते हैं और इसकी रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड करते रहते हैं.
Jun 27, 2017 18:59 IST
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एक गैर सरकारी संगठन (NGO)एक गैर-लाभकारी संगठन (NPO) होता है जो राज्यों और अंतर्राष्ट्रीय सरकारी संगठनों के प्रभाव से स्वतंत्र होता है. ये आमतौर पर लोगों के दान द्वारा वित्त पोषित होते हैं लेकिन कुछ संगठन केवल स्वयंसेवकों द्वारा चलाए जाते हैं.
ये संगठन आमतौर पर धर्मार्थ हैं और पंजीकृत होने के बाद उन्हें करों का भुगतान करने से छूट प्राप्त होती है। इन संगठनों को पैसा दान करने वाले लोग जितना दान इन संगठनों को देते हैं उसके 50% का आय कर में लाभ मिल जाता है अर्थात दान में दी गयी राशि के 50% तक का आयकर बचाया जा सकता है.

NGO
Image sourcre:OpIndia.com

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हम में से बहुत से लोग केवल दान देने को ही अपना कर्तव्य मानते हैं; ये लोग इस बात की चिंता नही करते हैं कि जो दान उन्होंने दिया है वह वांछित लोगों तक पहुंचा भी है या नही. कभी कभी लोग अनिभिज्ञता के कारण ऐसे गैर सरकारी संगठनों को दान दे देते हैं जो कि सरकार के पास रजिस्टर्ड नही होते हैं. ऐसी घटनाओं को सुनकर या पढ़कर लोग ऐसे NGO को भी दान देना बंद कर देते हैं जो कि सरकार के पास पंजीकृत होते हैं.
अतः ऐसे फर्जी गैर सरकारी संगठनों को कैसे पहचाने इसकी जाँच के लिए हम इस लेख में सारी जानकारी दे रहे हैं.
1. जो NGO सरकार से अनुदान प्राप्त करते हैं वे आरटीआई अधिनियम के दायरे में आते हैं. अगर कोई NGO यह कहता है कि उसे सरकार से अनुदान या वित्तीय सहायता मिलती है तो आपके पास यह अधिकार है कि आप उस NGO के प्रमुख से प्राप्त धन की जानकारी मांगे और यह भी पूछ सकते है कि उन्होंने धन का उपयोग कैसे किया? आम तौर पर एक अच्छा और ईमानदार NGO अपने पूरे आय और व्यय का लेखा जोखा अपनी वेबसाइट पर रखता है.
2. कौंसिल फॉर एडवांसमेंट ऑफ़ पीपुल्स एक्शन एंड रूरल टेक्नोलॉजी (CAPART) नियमित रूप से ब्लैकलिस्ट किए गए NGOs के नामों को घोषित करती है इसलिए दान करने से पहले NGO के नाम को इसकी वेबसाइट पर चेक कर लें. इसके अलावा चैरिटी ऐड फाउंडेशन इंडिया (CAF) जो कि NGO को विश्वसनीयता का प्रमाण पत्र प्रदान करता है (हालांकि इसका प्रमाणन अनिवार्य नहीं है), के माध्यम से भी किसी गैर-सरकारी संगठन के बारे में पता लगाया जा सकता है.
CAPART
Image sourcre:United News of India
3. यदि आप चाहें तो किसी NGO के पंजीकरण, उसके कर छूट का दावा करने वाले दस्तावेजों और वह जिस क्षेत्र में सेवा प्रदान करता है इन सभी के बारे में पूछ सकते हैं और उसकी बातों के प्रमाणन के लिए आप उस NGO के ऑफिस भी जा सकते हैं.
4. आप चाहें तो NGO से उसकी वार्षिक रिपोर्ट के बारे में भी पूछ सकते हैं. यदि कोई गैर-सरकारी संगठन बिलकुल ईमानदार है तो उसे आपको अपनी वार्षिक रिपोर्ट दिखाने में कोई परेशानी या ऐतराज नही होगा. एनजीओ की वार्षिक रिपोर्टों का अध्ययन करने से संगठन के काम और खर्च के पैटर्न को समझने में भी आपको मदद मिलेगी.
5. ईमानदार NGO आम तौर जिस उद्येश्य के लिए काम करते हैं उसकी परफॉरमेंस रिपोर्ट से दान देने वालों को अवगत कराते रहते हैं और इसकी रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड करते रहते हैं. इसके अलावा आप चाहें तो NGO के प्रमुख से भी सीधे रिपोर्ट मांग सकते हैं ताकि आपको ये पता चल सके कि आपने जिस उद्येश्य के लिए पैसा दान दिया है तो क्या वह उसी काम के लिए खर्च हो रहा है.
6.यदि आप यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि किस गैर-सरकारी संगठन को दान दिया जाये या किस उद्येश्य के लिए दान दिया जाये तो आप ICICI Communities, GiveIndia, CAF or CRY जैसे गैर-सरकारी संगठनों की मदद ले सकते हैं जो कि विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं.

CRY
Image sourcre:mastylecare.org
7. प्रत्यक्ष बिक्री एजेंट-direct selling agents (DSA) के माध्यम से किसी भी संस्था को दान नही देना चाहिए क्योंकि ये एजेंट्स 40% से 50% तक का कमीशन लेकर कलेक्शन करते हैं. इस प्रकार जो राशि आपने दान में दी है उसका आधा ही उस उद्येश्य के लिए पहुँच पाता है. इसलिए संस्था को सीधे दान देना ही ठीक होता है.
8."Credibility Alliance" नामक संगठन द्वारा भी लोगों की मदद की जाती है, जोकि स्वयं ही एक स्वयंसेवी संस्था है और अन्य गैर-सरकारी संगठनों पर नजर रखती है. यदि किसी दानदाता को किसी NGO के ऊपर शक है तो उसे Credibility Alliance की वेबसाइट पर उस संस्था का नाम चेक कर लेना चाहिए. यदि संस्था असली है तो उसका नाम इसकी लिस्ट में दिया होगा अन्यथा नही. यदि किसी NGO का नाम  "Credibility Alliance" की लिस्ट में नही है तो फिर "Give India"नाम का NGO भी है जहाँ पर ईमानदार NGOs की लिस्ट दी गयी है जो कि Give India के माध्यम से डोनेशन लेने के अधिकारी हैं.

alliance credibility
Image sourcre:www.shishusarothi.org
यद्यपि एक एनजीओ की जांच करने के कई तरीके होने के बाद भी कुछ NGO इस प्रकार के काम कर रहे हैं जिनका ऑडिट करना बहुत मुश्किल है जैसे झुग्गी वाले स्कूलों को किताबें दान करना, नकद पैसे देने की जगह अपना समय देना इत्यादि.

सारांश रूप में यह कहा जा सकता है कि यदि आपको किसी NGO के असली या नकली या प्रतिबंधित होने के बारे में पता लगाना है तो इसके कई उपाय इस लेख में बताये गए हैं. इस प्रकार यह उम्मीद की जाती है कि आप अपने कीमती पैसे को सही NGO को दान करेंगे और जन कल्याण के कार्यों में भागीदारी करते रहेंगे.
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