Provident Fund(PF) यानि कि भविष्य निधि वेतनभागी कर्मचारियों के लिए एक बचत खाते की तरह है। कर्मचारी और कंपनी द्वारा मूल वेतन का 12फीसदी अंशदान पीएफ खाते में जोड़ा जाता है। आप इस राशि को सेवानिवृत्ति के बाद पूरी तरह से निकाल सकते हैं।
हालांकि, EPFO द्वारा कुछ विशेष परिस्थितियों में भी पीएफ राशि का कुछ हिस्सा निकालने की सुविधा दी गई है। ऐसे में हम जानेंगे कि आखिर आप नौकरी करते हुए और किन परिस्थितियों में पीएफ राशि निकाल सकते हैं।
मेडिकल इमरजेंसी
यदि किसी प्रकार की कोई मेडिकल इमरजेंसी होती है, तो पीएफ राशि को निकाला जा सकता है। हालांकि, इसकी सीमा मासिक मूल वेतन के 6 गुना तक है। यदि आपका अंशदान और ब्याज 6 महीने के मूल वेतन से कम है, तो आप अंशदान और ब्याज ही निकाल सकते हैं।
शादी
यदि आपकी या फिर बेटे-बेटी या फिर भाई या बहन की शादी है, तो आप कर्मचारी के अंशदान का 50 फीसदी ही निकाल सकते हैं। इसके लिए आपकी नौकरी कम से कम 7 साल की होनी चाहिए।
जमीन खरीदने या मकान बनाने में
यदि आप कोई जमीन खरीद रहे हैं, तो आप मासिक मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 24 गुना तक निकाल सकते हैं। वहीं, यदि आप घर बनवा रहे हैं, तो आप मासिक मूल वेतन या फिर महंगाई भत्ते का 36 गुना तक निकाल सकते हैं। इसके लिए आपकी नौकरी कम से कम 5 वर्ष की होनी चाहिए।
गृह ऋण चुकाने के लिए
गृह ऋण चुकाने के लिए आपकी सेवा कम से कम 10 वर्ष होनी चाहिए। वहीं, आप मासिक मूल वेतन तथा महंगाई भत्ते का 36 गुना तक निकाल सकते हैं। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता का ब्याज सहित योगदान शामिल होता है।
घर का नवीनीकरण कराने के लिए
घर का नवीनीकरण कराने के लिए आप मासिक मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 12 गुना तक निकाल सकते हैं। इसमें कर्मचारी का योगदान ब्याज सहित शामिल होता है। वहीं, सेवा वर्ष कम से कम 5 वर्ष होने चाहिए।
प्रमुख शर्तेंः घर के नवीनीकरण को लेकर शर्त है कि संपत्ति कर्मचारी के नाम पर या फिर पति या पत्नी के नाम पर संयुक्त रूप से होनी चाहिए। इसमें निकासी की अनुमति दो बार दी जाती है, एक- मकान बनने से 5 साल बाद और दूसरी-मकान बनने के 10 साल के बाद।
सेवानिवृत्ति से पहले
आप सेवानिवृत्ति से पहले भी अपनी राशि का ब्याज सहित 90 फीसदी निकाल सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपकी उम्र कम से कम 54 वर्ष होनी चाहिए।
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