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भारत में कृषि से सम्बंधित क्रांतियाँ

भारत में सबसे पहली क्रांति की शुरुआत 1966-67 में हुई हरित क्रांति से मानी जाती है | इस क्रांति के कारण भारत खाद्य उत्पादन में आत्म निर्भर हो गया| हरित क्रांति में मुख्य योगदान उन्नत किस्म के बीजों का रहा है | इसी क्रांति के बाद भारत में दुग्ध क्रांति, पीली क्रांति, गोल क्रांति नीली क्रांति आदि की शुरुआत हुई और भारत दूध, सरसों, आलू और मत्स्य उत्पादन में आत्म निर्भर हो गया |
May 11, 2017 17:40 IST
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भारत में सबसे पहली क्रांति की शुरुआत 1966-67 में हुई हरित क्रांति से मानी जाती है | इस क्रांति के कारण भारत खाद्य उत्पादन में आत्म निर्भर हो गया| हरित क्रांति में मुख्य योगदान उन्नत किस्म के बीजों का रहा है | इसी क्रांति के बाद भारत में दुग्ध क्रांति, पीली क्रांति, गोल क्रांति नीली क्रांति आदि की शुरुआत हुई और भारत दूध, सरसों, आलू और मत्स्य उत्पादन में आत्म निर्भर हो गया |

आइये विभिन्न क्षेत्रों से जुडी अन्य क्रांतियों के बारे में जानते हैं:

क्रांति का नाम

क्षेत्र

तथ्य

1. हरित क्रांति (Green Revolution)

 खाद्यान्न उत्पादन से सम्बंधित थी |

इसके कारण गेहूं और धान की पैदावार में अच्छी बृद्धि हुई थी |

2. श्वेत क्रांति

 दुग्ध उत्पादन से सम्बंधित है

इसकी शुरुआत 1964-65 हुई जिसे आगे ‘ऑपरेशन फ्लड’ कहा गया |

3. पीली क्रांति (yellow Revolution)

 खाद्य तेलों और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए

भारत, तिलहन उत्पादन में आत्म निर्भर बन गया है | 2013-14 में 32.9 मिलियन टन तिलहन का उत्पादन हुआ था |

4. नीली क्रांति (Blue Revolution)

 मत्स्य उत्पादन में बृद्धि के लिए चलाई गयी थी |

2013-14 में भारत में 95.8 लाख टन मछली का उत्पादन हुआ था | भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन गया है |

5.  गुलाबी क्रांति (Pink Revolution)

 यह प्याज और झींगा मछली के उत्पादन से सम्बंधित है |

भारत विश्व का सबसे बड़ा झींगा मछली उत्पादक देश बन गया है|

6.  काली क्रांति (Black Revolution)

 पेट्रोलियम/खनिज तेलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एथेनोल का उत्पादन भी बढाया जायेगा| इसका सम्बन्ध कोयला उत्पादन से भी है|

पेट्रोल में एथेनोल को 10% मिलाकर बायो डीजल बनाने का लक्ष्य है |

7.  धूसर क्रांति (Grey Revolution)

 उर्वरक उत्पादन में बृद्धि का लक्ष्य

इसी क्रांति के कारण देश में 25.5 मिलियन टन उर्वरक की खपत हो रही है |

8.  रजत क्रांति (Silver Revolution)

 भारत में अंडा उत्पादन और मुर्गियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए

भारत की मुर्गी एक वर्ष में 65 अंडे देती है जबकि अमेरिका में 295 अंडे | भारत में आंध्र प्रदेश सबसे बड़ा उत्पादक है |

9.  सुनहरी क्रांति (Golden Revolution)

 इसका सम्बन्ध बागवानी उत्पादन में बृद्धि से है जिसमे फल विशेषकर सेव उत्पादन| इसे शहद उत्पादन से भी जोड़ा जाता है|

भारत में बागवानी उत्पाद GDP में 31% योगदान देता है | भारत सब्जी और फल उत्पादन में विश्व मे दूसरा स्थान रखता है |

10. इन्द्रधनुषी क्रांति

 इसमें हरित, पीली, नीली, लाल, गुलाबी, भूरी, धूसर और अन्य सभी क्रांतियों को साथ लेकर चलने का लक्ष्य है |

जुलाई 2000 में नयी कृषि नीति को लागू किया गया है इसी को इन्द्रधनुषी क्रांति कहा गया है |

11. सदाबहार क्रांति (Rainbow Revolution)

 इसका उद्येश्य देश की मिट्टी को उन्नत बनाना, किसानों को लोन दिलाना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं कृषि शोध को बढ़ाना है|

इसके माध्यम से देश को पूरी तरह खाद्यान्न में निर्भर बनाना है|

12. गोल क्रांति (Round Revolution))

 इसका सम्बन्ध देश में आलू के उत्पादन को बढ़ाना है |

भारत, चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक देश है| भारत में सबसे बड़ा आलू उत्पादक उत्तर प्रदेश है|

श्रोत: कृषि मंत्रालय, भारत सरकार

भारत में विभिन्न क्रांतियों के जनक इस प्रकार हैं"
1. भारत में हरित क्रांति का जनक: M.S. स्वामीनाथन
2. विश्व में हरित क्रांति का पिता: नार्मन बोरलोग
3. भारत में नीली क्रांति जनक: अरुण कृष्णन
4. भारत में श्वेत क्रांति का जनक: डॉ वर्गीज कुरियन
5. भारत में प्रेरित प्रजनन (induced breeding) क्रांति का जनक: हीरा लाल चौधरी
6. भारत में गुलाबी क्रांति का जनक: दुर्गेश पटेल
7. भारत में स्वर्णिम क्रांति का जनक: निर्पख तुतेज
8. भारत में लाल क्रांति का जनक: विशाल तिवारी
9. भारत में सिल्वर क्रांति का जनक: इंदिरा गाँधी

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