राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार किस आधार पर दिया जाता है?

Sep 5, 2018, 10:46 IST

गुरु को संसार में माता के बाद प्रथम स्थान दिया गया है क्योंकि एक शिक्षक ही विद्यार्थियों को सही राह दिखाता है और हर परिस्थिति के लिए तैयार करता है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु  शिक्षकों के चयन के लिए नए दिशा-निर्देशों को जारी किया है. शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार देने का उद्देश्य उनके द्वारा दी गई सेवाओं के कारण समाज में सम्मानित करना है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार क्या होता है, किन मापदंडों के तहत यह दिया जाता है इत्यादि.

Criteria to select National Teacher’s Award in India.
Criteria to select National Teacher’s Award in India.

एक शिक्षक वो व्यक्ति होता है जो अपने विद्यार्थी को सबसे बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध कराने के द्वारा हरेक के भविष्य को बनाता है. हर विद्यार्थी की शिक्षा में एक शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है. शिक्षक अपने ज्ञान, धैर्य, प्यार और देख-भाल से विद्यार्थी के जीवन को एक मजबूत आकार देता है. गुरु को संसार में माता के बाद प्रथम स्थान दिया गया है क्योंकि माता के बाद एक शिक्षक ही होता हैं, जो विद्यार्थियों को सही राह दिखाता है और हर परिस्थिति के लिए तैयार करता है. एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए शिक्षित होना बहुत जरूरी हैं. स्वस्थ समाज ही स्वस्थ भारत का निर्माण करता है.  

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए शिक्षकों के चयन के लिए नए दिशा-निर्देशों को जारी किया है. सरकारी स्कूालों के शिक्षक अब शिक्षकों के राष्ट्रीाय पुरस्काोर के लिए सीधे तौर पर अपनी प्रवष्टियां भेज सकते हैं. इसमें कोई संदेह नहीं हैं कि यह एक नई पहल है. हम आपको बता दें कि इससे पहले चयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता था.

शिक्षकों को राष्ट्री य पुरस्कारर देने का उद्देश्य देश में कुछ बेहतरीन शिक्षकों के अनूठे योगदान का उत्स‍व मनाना और उन शिक्षकों को सम्माेनित करना है जिनके संकल्प  से न केवल स्कू ली शिक्षा की गुणवत्ता  में सुधार हुआ है बल्कि विद्यार्थियों का जीवन भी समृद्ध हुआ है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरास्कार क्या है, कैसे शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है, यह पुरस्कार योजना कब प्रस्तुत की गई थी और इसके चयन के लिए क्या मापदंड रखे गए हैं इत्यादि.

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार क्या है?

यह पुरस्कार का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के अद्वितीय योगदान का उत्सव मनाना तथा उन शिक्षकों का सम्मान करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और परिश्रम के माध्यम से न केवल स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है बल्कि अपने छात्र/छात्राओं के जीवन को भी सवारा है.
शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार देने की योजना 1958-59 में शुरू की गई थी. इसका मुख्य उद्देश्य था शिक्षकों की प्रतिष्ठा को बढ़ाना और प्राथमिक, मध्यम और माध्यमिक विद्यालयों में काम कर रहे मेधावी शिक्षकों को सार्वजनिक मान्यता देना. इसके लिए हर साल 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाता है.

इस योजना के तहत किन शिकशों को नामित किया जा सकता है?

(i) निम्नलिखित श्रेणियों के तहत मान्यता प्राप्त प्राथमिक / मध्यमिक / उच्च / उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में काम कर रहे स्कूलों के शिक्षक और स्कूलों के प्रमुख:

a. राज्य सरकार/केन्द्रशासित प्रशासन द्वारा चलाए जाने वाले स्कूल, स्थानीय निकायों के स्कूल, राज्य सरकार तथा केन्द्रशासित प्रशासन के सहायता प्रदत्त स्कूल.

b. केन्द्रल सरकार के स्कूालों यानी केंद्रीय विद्यालय (केवी), जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी), तिब्बूती लोगों के केन्द्री य विद्यालय (सीटीएसए), रक्षा मंत्रालय के सैनिक स्कूरल, परमाणु ऊर्जा शिक्षा सोसायटी (एईईएस) के स्कूील

c. केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध स्कूल

d. उपरोक्त ((a) तथा (b) के अतिरिक्त)

e. काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल्स सर्टिफिकेट एक्जामिनेशन (सीआईएससीई) से संबद्ध स्कूल ((a), (b) तथा (c) के अतिरिक्त))

5 सितंबर को ही क्यों शिक्षक दिवस मनाया जाता है

(ii) सामान्य रूप से सेवा निवृत्त शिक्षक पुरस्कार के पात्र नहीं होते, लेकिन कैलेंडर वर्ष (कम से कम छह महीनों के लिए यानी जिस वर्ष का राष्ट्रीय पुरस्कार है उस वर्ष के 30 अप्रैल तक) के हिस्से में सेवा देने वाले शिक्षक की पात्रता पर विचार किया जाता है बशर्ते ऐसे शिक्षक अन्य शर्तें पूरी करते हों.

(iii) शैक्षिक प्रशासकों, शिक्षा निरीक्षकों तथा प्रशिक्षण संस्थान के कर्मी इन पुरस्कारों के पात्र नहीं हैं.

(iv) शिक्षक/हेडमास्टर ट्यूशन की गतिविधि में शामिल नहीं होने चाहिए.

(v) केवल नियमित शिक्षक और स्कूल के प्रमुख पात्र होंगे.

(vi) संविदा शिक्षक और शिक्षा मित्र पुरस्कार के पात्र नहीं होंगे.

आवेदन के लिए मूल्यांकन मापदंड क्या हैं?

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Source: www.himtimes.com

मूल्यांकन मैट्रिक्स के आधार पर शिक्षकों का मूल्यांकन किया जाएगा जिसमें दो प्रकार के मापदंड होते हैं:

वस्तुनिष्ठक मापदंड: इसके तहत शिक्षकों को प्रत्येक वस्तुनिष्ठ. मापदंड के सामने स्पष्ट रूप से दिए गए तर्क के अनुसार अंक दिए जाएंगे. इन मापदंडों को 100 में से 20 का भार दिया गया है.

कार्य प्रदर्शन पर आधारित मापदंड: इसके तहत, शिक्षकों को प्रदर्शन पर आधारित मापदंडों के अनुसार अंक दिए जाएंगे. जैसे सीखने के परिणामों में सुधार करने के लिए पहल, नवाचारी प्रयोग, पाठ्येत्तर एवं सह-पाठ्यचर्यात्मक गतिविधियों का आयोजन, शिक्षण-अधिगम सामग्री का प्रयोग, सामाजिक सक्रियता, प्रयोगात्मक लर्निंग सुनिश्चित करना, छात्र/छात्राओं को शारीरिक शिक्षा सुनिश्चित करने के अनूठे तरीके आदि. इन मापदंडों को 100 में से 80 का भार दिया गया है.

आवेदन के नामांकित होने के बाद आगे की क्या प्रक्रिया है?

नामांकन के निर्धारित समय सीमा के बाद, सभी आवेदनों की पहली स्तर पर जांच जिला चयन समिति की अध्यक्षता में जिला चयन समिति (डीएससी) द्वारा की जाती है. आवेदनों के मूल्यांकन और सहायक दस्तावेजों के सत्यापन आधार पर, 3 आवेदनों का चयन किया जाएगा और विशेष परिस्थितियों में 4 आवेदनों का भी चयन किया जा सकता है. इसके बाद ये राज्य चयन समिति को भेजा जाएगा और फिर से नामांकनों को पुनर्मूल्यांकन किया जायेगा. साथ ही राज्य केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटित अधिकतम संख्या के अनुसार सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों की सूची तैयार की जाएगी और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से राष्ट्रीय स्तरीय स्वतंत्र जूरी को अग्रेषित किया जाएगा. स्वतंत्र संगठन चयन समितियां (ओएससी) नामांकन प्राप्त करेंगी तथा मूल्यांकन और शॉर्टलिस्ट भी कर सकती हैं और फिर इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र जूरी में भेज सकती हैं.

आवेदकों को फॉर्म भरते वक्त और किन-किन बातों का ध्यान रखना होगा?

फॉर्म को भरने के लिए वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप पर आवेदकों को हेल्पलाइन नंबर प्रदान किया गया है. एक और बात का ध्यान रखना आवश्यक है वो ये कि पुरस्कार के आवेदन करने के लिए आवेदक के पास आधार संख्या होना जरुरी है.

पुरस्कारों के लिए आवेदन करते समय ये भी ध्यान देना जरुरी है कि आवेदक को वह संस्था चुननी है जहाँ वह वर्तमान समय में कार्यरत हो. यदि कोई शिक्षक / हेड मिनिस्टर सीबीएसई स्कूल से है, तो उसे "केंद्रीय संगठन" विकल्प चुनना होगा. यदि एक शिक्षक / हेड मिनिस्टर राज्य सरकार के स्कूल से हैं, तो उन्हें "सरकार" विकल्प चुनने की जरूरत है और राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के तहत सहायता प्राप्त स्कूल को चुनने की जरुरत होगी.

अब आप जान गए होंगे की राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार क्या है, यह किसको और क्यों दिया जाता है, इसके लिए किन मापदंडों को ध्यान में रखा गया है इत्यादि.

Shikha Goyal is a journalist and a content writer with 9+ years of experience. She is a Science Graduate with Post Graduate degrees in Mathematics and Mass Communication & Journalism. She has previously taught in an IAS coaching institute and was also an editor in the publishing industry. At jagranjosh.com, she creates digital content on General Knowledge. She can be reached at shikha.goyal@jagrannewmedia.com
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