मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के बारे में (About Marylebone Cricket Club)
मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) लन्दन में एक क्रिकेट क्लब है जिसकी स्थापना 1787 में की गयी थी. विश्व क्रिकेट में जो भी नियम बनाये जाते हैं उन्हें मेरिलबोर्न क्रिकेट बोर्ड द्वारा बनाया जाता है हालाँकि यह ICC से परामर्श भी करता है.
क्रिकेट नियमों के कॉपीराइट MCC के पास हैं. लेकिन इन नियमों को लागू करने की जिम्मेदारी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के हाथों में होती है.
सन 1993 में MCC के कई विश्वस्तरीय कार्यों को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउन्सिल ((ICC) को स्थानांतरित कर दिया गया था.
खिलाडी बॉल पर थूक क्यों लगाते हैं या चमकते क्यों है? (Why do bowlers shine the ball)
आपने देखा होगा कि जब टेस्ट मैच की शुरुआत में बॉल फेकी जाती है तो वह हवा का सहारा लेकर स्विंग या रिवर्स स्विंग हो जाती है और बल्लेबाज को समझ नहीं आता है कि बॉल कहाँ से विकेट ले उडी.
लेकिन जब खेल 50 या 60 ओवर का हो जाता है तो बॉल पुरानी हो जाती है लेकिन फील्डिंग साइड वाले खिलाडी बॉल को अपने पेंट पर घिसकर एक साइड चमकाते रहते हैं जिससे कि बॉलर को पुरानी बॉल से भी स्विंग मिलता रहे.
इसके लिए वे बॉल पर थूक लगाते हैं पसीना लगाते हैं जो कि लीगल है लेकिन कुछ खिलाडी सैंड पेपर,ढक्कन, धूल और कीचड का भी सहारा लेते हैं जो कि लीगल नहीं है.
चूंकि बॉल में चमकाने में ज्यादा मेहनत लगती है इसलिए खिलाडी बॉल की एक साइड को रफ ज्यादा करते हैं इसलिए वे कई गलत तरीकों का सहारा भी लेते हैं जैसे नाख़ून या मुंह से काटना इत्यादि भी. कई खिलाडी ऐसा करते पकडे गये हैं स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर को एक साल का बैन भी झेलना पड़ा था.
नया नियम क्या है? (New Rules in Cricket 2020)
आपने अक्सर देखा होगा कि क्रिकेट के खेल में खिलाडी बॉल को एक तरफ रगड़कर या थूक लगाकर चमकाते हैं. ऐसा टेस्ट मैच में बहुत ज्यादा किया जाता है.
लेकिन जैसा कि सभी को पता है कि कोविड 19 का वायरस थूक के कारण भी फैलता है इसलिए ऐसा हो सकता है कि ICC ऐसा करना हमेशा के लिए बैन कर दे.
बॉल को रफ करने की अनुमति नहीं होगी केवल बॉल को चमकाया जा सकता है वो भी एक ऐसे कपडे से जो कि अंपायर की सहमति से चुना गया हो. गीली मिटटी को अंपायर की उपस्तिथि में ही हटाया जा सकता है.
अब नए नियम के तहत बॉल पर आर्टिफीसियल क्रीम जैसी किसी चीज को लगाने की अनुमति दी जा सकती है. बॉल बनाने वाली कंपनी कूकाबुरा एक वैक्स बना रही है जिसको थूक और पसीने की जगह पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
गेंद को चमकाने के लिए बिना चिकनाई वाले वैक्स का उपयोग एक उपयुक्त समाधान हो सकता है. वेसिलीन और मिंट जैसी चीजें पहले इस्तेमाल की गई हैं लेकिन यह आदर्श नहीं थीं इसलिए इनका उपयोग रोक दिया गया था.
ICC ने इस मामले पर रिपोर्ट के लिए एक मेडिकल समिति भी बना दी है जो कि क्रिकेट को कोविड 19 रहित बनाने के लिए थूक और पसीने का विकल्प तलाश कर रही है. उम्मीद है कि जल्दी ही ये नया नियम क्रिकेट में लागू कर दिया जायेगा.
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