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भारतीय रिज़र्व बैंक का "Operation Twist" क्या है और क्यों शुरू किया गया है?

वर्तमान में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में लगातार गिरावट आती जा रही है, ब्याज की दरें ज्यादा होने के कारण लोग बैंकों से ज्यादा उधार नहीं ले रहे हैं. ऐसे माहौल ने रिज़र्व बैंक ने तय किया है कि अब वह 'ऑपरेशन ट्विस्ट' के जरिये देश में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देगा.
Dec 27, 2019 18:39 IST
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Operation Twist
Operation Twist

भारत के केन्द्रीय बैंक RBI ने 23 दिसम्बर,2019 को एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘ऑपरेशन ट्विस्ट’ को शुरू किया है. यह ऑपरेशन देश की आर्थिक हालत को सुधारने की दिशा में उठाया गया है बड़ा मौद्रिक कदम है. इस ‘ऑपरेशन ट्विस्ट’ के बारे में जानने से पहले इसके इतिहास को जानना जरूरी है.

‘ऑपरेशन ट्विस्ट’ का इतिहास (History of Operation Twist)

दरअसल ऑपरेशन ट्विस्ट शब्द को सबसे पहले अमेरिका में एक गाने में इस्तेमाल किया गया था. वर्ष 1961 में चबी चेकर (Chubby Checker) का एक डांस बहुत मशहूर हुआ था जिसमें वह गाते हुए अपने पैरों को ट्विस्ट करते हुए डांस करता है.

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उस समय अमेरिका में इस ऑपरेशन के द्वारा कैनेडी प्रशासन ने अमेरिका की इकॉनमी को सुधारने के प्रयास किया था.

हालाँकि अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व ने ‘ऑपरेशन ट्विस्ट’  का इस्तेमाल 2011 और 2012 तक किया था ताकि लॉन्ग टर्म में ब्याज दरों को नीचे लाया जा सके.
नीचे दिए गए चित्र से स्पष्ट है कि फ़ेडरल बैंक ने पहले शार्ट टर्म सिक्योरिटीज को बेचा और फिर उस पैसे से लॉन्ग टर्म सिक्योरिटीज को खरीदा.

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ऑपरेशन ट्विस्ट क्या है? (What is operation Twist)

आसान शब्दों में कहें तो ‘ऑपरेशन ट्विस्ट’ का मतलब है कि सरकार या देश की मोनेटरी अथॉरिटी एक ही समय में शोर्ट टर्म सिक्योरिटीज को बेचकर मिली धन राशि को लॉन्ग टर्म सिक्योरिटीज में ओपन मार्किट ऑपरेशन में माध्यम से बेच देती है ताकि देश में लॉन्ग टर्म के निवेश के लिए ब्याज दर में कमी हो जाये और लॉन्ग टर्म निवेश बढ़ जाये.

इसे ‘ऑपरेशन ट्विस्ट’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें शोर्ट टर्म सिक्योरिटीज को लॉन्ग टर्म सिक्योरिटीज में ट्विस्ट या बदल दिया जाता है.

ऑपरेशन ट्विस्ट क्यों किया जाता है (Why Operation Twist is conducted)?

यदि देश में लॉन्ग टर्म निवेश में कमी हो और निवेशक अर्थव्यवस्था में निवेश करने से कतरा रहे हों तो सरकार यह प्रयास करती है कि लॉन्ग टर्म के लिए ब्याज दर को कम किया जाए ताकि निवेशक ज्यादा लम्बे समय के लिए अर्थात घर बनाने, फैक्ट्री लगाने, आधारभूत संरचना का विकास करने जैसे लॉन्ग टर्म कार्यों में निवेश करने लगें.
इस लॉन्ग टर्म निवेश का फायदा यह होगा कि देश में नौकरियों की संख्या में वृद्धि होगी, उद्योगों की स्थापना होगी और आधारभूत संरचना का विकास होगा जिससे अंततः पूरे देश का विकास बढेगा.  

रिज़र्व बैंक ने ऑपरेशन ट्विस्ट कैसे किया? (How RBI conducted Operation Twist)

रिज़र्व बैंक ने 23 दिसम्बर 2019 को 10000 करोड़ रुपये की शोर्ट टर्म सिक्योरिटीज को बाजार में ओपन मार्किट ऑपरेशन (OMO) के जरिये बेच दिया. इन सिक्योरिटीज की परिपक्वता अवधि 2020 में पूरी होनी थी.लेकिन अब RBI ने भारत सरकार की लॉन्ग टर्म सिक्योरिटीज (बांड )खरीद ली हैं जो कि 2029 में मेच्यूर होंगी.

जब सरकार बांड की मांग बढ़ाएगी तो उसका मूल्य भी बढेगा और जब बांड का प्राइस बढ़ता है तो उस पर मिलने वाला रिटर्न कम हो जाता है या यील्ड कम हो जाता है. इसके कारण लॉन्ग टर्म इंटरेस्ट रेट कम हो जायेगा.

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इसका फायदा यह होगा कि अब लॉन्ग टर्म सिक्योरिटीज में निवेश करने के लिए लोगों को सस्ती दरों पर ब्याज मिल जायेगा. इसके कारण लोग ज्यादा मात्रा में लोन लेंगे, घर खरीदेंगे, इंडस्ट्री लगायेंगे इत्यादि. 

चूंकि इस समय देश में स्लोडाउन की स्थिति है, लोग निवेश नहीं कर रहे हैं, इसलिए हर सेक्टर में मांग घट रही है जैसे घरों, कारों इत्यादि की मांग में कमी इसके उदाहरण हैं. अब सरकार ऑपरेशन ट्विस्ट करके लोन को सस्ता करना चाहती है.

नोट:बांड या सिक्योरिटीज की कीमत और ब्याज दर के बीच उल्टा सम्बन्ध होता है.

ऑपरेशन ट्विस्ट के फायदे (Benefits of Operation Twist)

1.देश में लॉन्ग टर्म ब्याज दरों में कमी आएगी जिससे निवेश बढेगा और देश की आर्थिक हालत सुधरेगी.

2.देश में मुद्रा का प्रवाह बढेगा, अर्थात जो लोग निवेश नहीं कर रहे हैं और पैसा दबाकर बैठे हैं वे भी निवेश करेंगे.

इस प्रकार ऊपर दिए गए विवरण से स्पष्ट है कि RBI ने ऑपरेशन ट्विस्ट (Operation Twist) इसलिए शुरू किया है ताकि देश में निवेश को बढ़ावा देकर इकॉनमी को मजबूत किया जाये.

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