उत्तर प्रदेश का भूगोल उठाकर देखें, तो हमें यहां मानचित्र में अलग-अलग दिशाओं में विभिन्न नदियों का प्रवाह देखने को मिलता है। प्रदेश में नदियां न सिर्फ भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से महत्त्वपूर्ण हैं, बल्कि धार्मिक रूप से भी इनका उतना ही महत्त्व है। यहां बहने वाली प्रमुख नदियों में गंगा, यमुना, सोन, चंबल, राप्ती और घाघरा नदी है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि इनमें से एक नदी को उत्तर प्रदेश की ‘शोक नदी’ भी कहा जाता है। कौन-सी है यह नदी और क्या है इसके पीछे का कारण, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
उत्तर प्रदेश में कुल कितनी नदियां हैं
उत्तर प्रदेश में यदि सभी छोटी-बड़ी नदियों को मिला दिया जाए, तो यहां 30 से अधिक नदियों का प्रवाह होता है। नदियों को उनके उद्गम के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें हिमालय से निकलने वाली नदियां, मैदानी भाग से निकलने वाली नदियां और दक्षिण पठार या विंध्या श्रेणी से निकलने वाली नदियां शामिल हैं। प्रदेश में कुछ नदियों का उद्गम झीलों से होता है, जिन्हें मैदानी भाग वाली नदियों में गिना जाता है।
किस नदी को कहा जाता है उत्तर प्रदेश की ‘शोक नदी’
अब सवाल है कि उत्तर प्रदेश में किस नदी को प्रदेश की ‘शोक नदी’ भी कहा जाता है। आपको बता दें कि यह घाघरा नदी है।
क्यों कहा जाता है ‘शोक नदी’
घाघरा नदी उत्तर प्रदेश में बहने वाली सबसे विनाशकारी नदी मानी जाती है। इस नदी में हर साल मानसून के दौरान पानी का स्तर बढ़ता है, जिससे बाढ़ की स्थिति बनती है। जलस्तर बढ़ने से उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों- बलिया, गोंडा, देवरिया और बहराइच में बाढ़ आती है। ऐसे में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। इस वजह से इसे उत्तर प्रदेश की ‘शोक नदी’ भी कहा जाता है।
ऊपजाऊ भूमि और गांवों का करती है कटाव
यह नदी हर साल अपना रास्ता बदलने के लिए जानी जाती है। जलस्तर बढ़ने से यह तेजी से अपना रास्ता बदलती है, जिससे प्रदेश की ऊपजाउ भूमि और कई गांवों को अपनी चपेट में ले लेती है।
कहां से निकलती है घाघरा नदी
घाघरा नदी तिब्बत में मानसरोवर झील के पास से निकलती है। तिब्बत में इस नदी को कर्णाली नदी के नाम से जाना जाता है, जबकि नेपाल में इस नदी को कौरियाला नदी के नाम से जानते हैं। उत्तर प्रदेश में यह नदी लखीमपुर खीरी और बहराइच के रास्ते प्रवेश करती है। यहां अयोध्या में इस नदी को सरयू नाम से जाना जाता है। अंत में यह नदी बिहार के छपरा जिले के पास गंगा नदी में मिल जाती है। यह नदी मगरमच्छ, कछुए और गंगा डॉल्फिन के लिए जानी जाती है।
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