क्यों पीएम मोदी के खड़े रहने के बावजूद रिटर्निंग ऑफिसर ने बैठकर स्वीकारा नामांकन?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, यह लगातार तीसरा मौका है जब पीएम मोदी ने वाराणसी लोक सभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया. पीएम मोदी के चार प्रस्तावकों में अयोध्या में भगवान राम की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए 'मुहूर्त' तय करने वाले पंडित गणेश्वर शास्त्री शामिल थे.
हाई लाइट्स
- पीएम मोदी ने लगातार तीसरी बार वाराणसी लोक सभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया.
- वाराणसी में लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें और अंतिम चरण में 1 जून को मतदान होगा.
- पीएम मोदी ने पहली बार 2014 में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में वाराणसी से चुनाव लड़ा था.
Varanasi Lok Sabha seat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, यह लगातार तीसरा मौका है जब पीएम मोदी ने वाराणसी लोक सभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया. इस अवसर पर पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित गठबंधन के कई शीर्ष नेता उपस्थित थे.
पीएम मोदी के चार प्रस्तावकों में अयोध्या में भगवान राम की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए 'मुहूर्त' तय करने वाले पंडित गणेश्वर शास्त्री शामिल थे. अपना नामांकन दाखिल करने से पहले, पीएम मोदी ने दशाश्वमेध घाट पर गंगा नदी की पूजा की. गौरतलब है कि वाराणसी में लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें और अंतिम चरण में 1 जून को मतदान होगा.
चलिये अब चर्चा करते है उस तस्वीर की जब पीएम मोदी अपना नामांकन दाखिल करने गए थे. नामांकन के समय पीएम मोदी जब अपना नामांकन पत्र सौंप रहे थे तब रिटर्निंग ऑफिसर अपनी सीट पर बैठे हुए थे जिसकी काफी चर्चा हो रही है. चलिये जानते है इसके पीछे की क्या है वजह.
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कौन थे रिटर्निंग ऑफिसर:
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में जिले के डीएम आमतौर पर जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका निभाते है. वाराणसी के डीएम और जिला निर्वाचन अधिकारी एस राजलिंगम ने पीएम का नामांकन पत्र स्वीकार किया था.
आपकी जानकरी के लिए बता दें कि पीएम मोदी ने पहली बार साल 2014 में भाजपा के प्रधान मंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में वाराणसी से चुनाव लड़ा था और वह वाराणसी सीट से लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं.
क्यों बैठे रहे रिटर्निंग ऑफिसर:

आप सभी की जानकारी के लिए बता दें कि देश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण किसी भी नेता या उम्मीदवार को वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जाता है और उम्मीदवार व्यक्तिगत हैसियत से नामांकन दाखिल करता है. इसी प्रोटोकॉल के मद्देनजर रिटर्निंग ऑफिसर एस राजलिंगम ने बैठकर ही पीएम मोदी का नामांकन स्वीकार किया था. साथ ही पीएम मोदी ने खड़े होकर शपथ पत्र पढ़ा.
एस राजलिंगम की बता करें तो वह यूपी के सोनभद्र और कुशीनगर में भी डीएम रह चुके है. कुशीनगर से ही उन्हें वाराणसी ट्रांसफर किया गया था.

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कितनी संपत्ति के मालिक है पीएम:
पीएम मोदी के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके पास 3 करोड़ रुपये से कुछ अधिक की संपत्ति है. चुनाव आयोग की वेबसाइट के डेटा के अनुसार उनकी चल संपत्ति की कीमत 3,02,06,889 रुपये है और अधिकांश राशि भारतीय स्टेट बैंक में सावधि जमा के रूप में है.
वहीं अन्य संपत्तियों में 2.67 लाख रुपये मूल्य की 45 ग्राम वजन की चार सोने की अंगूठियां है और 52,920 रुपये कैश है. वहीं पीएम के अचल संपत्ति की बात करें तो उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है, अचल संपत्ति में आमतौर पर, ज़मीन और घर जैसी संपत्ति शामिल होती है.
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