Artificial Rain In Delhi: आर्टिफिशल रेन या 'कृत्रिम वर्षा' क्या है और प्रदूषण से निपटने में कितनी है कारगर?
राजधानी दिल्ली पूरे एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है. कल हुई साधारण बारिश से वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार हुआ है. लेकिन सरकार अभी भी दिल्ली में वायु गुणवत्ता को लेकर गंभीर है. ख़राब वायु गुणवत्ता से ज्यादातर लोगों की आंखें, सीने और गले में खराश की समस्या हो रही है. चलिये जानते है क्या होती है कृतिम वर्षा और यह वायु प्रदूषण के लिए कैसे कारगर साबित होती है.
राजधानी दिल्ली पूरे एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है. कल हुई साधारण बारिश से वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार हुआ है. लेकिन सरकार अभी भी दिल्ली में वायु गुणवत्ता को लेकर गंभीर है. ख़राब वायु गुणवत्ता से ज्यादातर लोगों की आंखें, सीने और गले में खराश की समस्या हो रही है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( CPCB) के डेटा के अनुसार दिल्ली में 9 नवंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 431 जा पहुंचा था. प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के ने भी दिल्ली और पंजाब सरकार को फटकार लगा चुकी है.
एक्सपर्ट की माने तो एक्यूआई शून्य और 50 के बीच हो तो उसे 'अच्छा' माना जाता है. 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', वहीं 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 और 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है.
कृतिम वर्षा (Artificial Rain) की तैयारी:
शहर में फैले प्रदुषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार कृतिम वर्षा (Artificial Rain) का विकल्प तलाश रही है. दिल्ली सरकार इस महीने क्लाउड सीडिंग के माध्यम से कृत्रिम वर्षा कराने का प्लान तैयार किया है. चलिये जानते है क्या होती है कृतिम वर्षा और यह वायु प्रदूषण के लिए कैसे कारगर साबित होती है.
इसी कड़ी में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शहर में कृत्रिम वर्षा कराने के लिए 8 नवंबर को आईआईटी कानपुर की एक टीम से मुलाकात की थी, जिसके बाद एक प्लान तैयार किया गया है.
क्या है कृतिम वर्षा?

कृतिम वर्षा एक मौसम संशोधन तकनीक है जहां बारिश कराने के लिए विशेष प्रक्रिया द्वारा बादलों की भौतिक अवस्था में कृत्रिम तरीके से बदलाव किया जाता है जो वातावरण को बारिश के अनुकूल तैयार करता है. इस पूरी प्रक्रिया को क्लाउड सीडिंग (Cloud Seeding) के नाम से जाना जाता है.
क्लाउड सीडिंग टेक्नोलॉजी क्या है?
'क्लाउड सीडिंग', दो शब्द क्लाउड और सीडिंग से बना है. जहां क्लाउड का अर्थ है 'बादल' और सीडिंग का मतलब है 'बीज बोना' होता है. यह सुनने में थोड़ा अजीब है लेकिन इस प्रक्रिया के तहत सिल्वर आयोडाइड, पोटैसियम क्लोराइड और सोडियम क्लोराइड जैसे पदार्थों का इस्तेमाल कर बादलों पर इनको छिड़का जाता है.
इस प्रक्रिया में ये पदार्थ बादल में मौजूद पानी की बूंदों को जमा देती हैं और ये बारिश के रूप में गिरते है. क्लाउड सीडिंग के मामले में इन पदार्थों को हवाई जहाज या हेलीकॉप्टर का उपयोग करके छिड़का जाता है.
कृत्रिम वर्षा कब होगी:
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि 20-21 नवंबर को कृत्रिम वर्षा करायी जा सकती है. साथ ही उन्होंने कहा कि यह राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) संबंधी चिंताओं को दूर करने का एक रचनात्मक दृष्टिकोण है.
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