राष्ट्रीय ई-गतिशीलता कार्यक्रम क्या है?

नेशनल ई-मोबिलिटी प्रोग्राम या ‘राष्ट्रीय ई-गतिशीलता कार्यक्रम’ (National E-Mobility Programme) भारत का एक प्रकार का पर्यावरण कार्यक्रम है जिसका मुख्य उद्देश्य 2030 तक चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए नीतिगत ढाँचा तैयार करना ताकि सडकों पर 30% इलेक्ट्रिक वाहन लाया जा सके। इस लेख में हमने ‘राष्ट्रीय ई-गतिशीलता कार्यक्रम’ (National E-Mobility Programme) की अवधारणा और उद्देश्यों की व्याख्या की है, जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।
Jan 7, 2019 17:56 IST
    What is National E-Mobility Programme in India? HN

    नेशनल ई-मोबिलिटी प्रोग्राम या राष्ट्रीय ई-गतिशीलता कार्यक्रम (National E-Mobility Programme) भारत का एक प्रकार का पर्यावरण कार्यक्रम है जिसका मुख्य उद्देश्य 2030 तक चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए नीतिगत ढाँचा तैयार करना ताकि सडकों पर 30% इलेक्ट्रिक वाहन लाया जा सके। ई-गतिशीलता का एक महत्वपूर्ण पहलू है ऊर्जा की समग्र उपलब्धि में दक्षता लाना। यह कार्यक्रम भारत में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता को कम करेगा और इस तरह प्रदूषण को भी कम करने में मदद करेगा।

    राष्ट्रीय ई-गतिशीलता कार्यक्रम पर चर्चा करने से पहले, यह जानना जरुरी है की- ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड [Energy Efficiency Services Limited (EESL)] क्या है?

    ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड [Energy Efficiency Services Limited (EESL)] भारत का एक संगठन है जिसको उजाला योजना के कार्यान्यवन का भार सौंपा गया है। विद्युत मंत्रालय ने एनटीपीसी लिमिटेड, पीएफसी, आरईसी और पावरग्रिड के साथ मिलकर एक संयुक्त उद्यम ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) की स्थापना की है जिससे ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के कार्यान्वयन की सुविधा प्रदान की जा सके।

    इससे पहले ईईएसएल द्वारा देश भर में लगभग 29 करोड़ एलईडी बल्बों का वितरण किया गया है और 50 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं है। ईईएसएल ने यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में परिचालन प्रारंभ किया गया है।

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    राष्ट्रीय ई-गतिशीलता कार्यक्रम क्या है?

    राष्ट्रीय ई-मोबिलिटी कार्यक्रम (National E-Mobility Programme), ई-गतिशीलता पारितंत्र को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है, जिसमें वाहन निर्माता, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियां, फ्लीट ऑपरेटर, सेवा प्रदाता आदि शामिल हैं।

    इस कार्यक्रम का कार्यान्वयन ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (EESL) द्वारा किया जाएगा जो बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद प्रक्रिया बिक्री की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। ईईएसएल द्वारा वर्ष 2017 में 10,000 ई-वाहनों (E-Vehicles) की खरीद की गई थी। साथ ही 10,000 अतिरिक्त ई-वाहनों की खरीद की जानी है। इन 20,000 इलेक्ट्रिक कारों से भारत में प्रतिवर्ष 5 करोड़ लीटर ईंधन की बचत का अनुमान है। इसके अतिरिक्त प्रतिवर्ष लगभग 5.6 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी होगी।

    इसलिए, हम यह कह सकते हैं कि यह कार्यक्रम बिजली उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति करने वाले संयंत्रों पर भारत की निर्भरता को कम करेगा। यह हमारे कार्बन पदचिह्न को कम करने और अधिक टिकाऊ, हरियाली, स्वच्छ भविष्य की दिशा में एक कदम है। यह ई-वाहनों के स्वदेशी उत्पादन को भी बढ़ावा देगा और सहायक उद्योगों के लिए तेजी से बढ़ता बाजार का निर्माण करने सहायक होगा।

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