भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है और भारत की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक धरोहर का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी स्थापना 16 अप्रैल 1853 को मुंबई और ठाणे के बीच पहली रेल सेवा शुरू होने के साथ हुई थी।
वर्तमान में भारतीय रेलवे का नेटवर्क 67,000 से अधिक किलोमीटर तक फैला है और यह 7,000 से अधिक स्टेशनों को जोड़ता है। वहीं, रेलवे रोजाना 2.5 करोड़ से अधिक यात्रियों और 30 लाख टन माल का परिवहन करता है।
इन दिनों महाकुंभ की वजह से ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है। ऐसे में यह भी देखने में आ रहा है कि जिन लोगों के पास ट्रेन की टिकट है, वे यात्री भी ट्रेनों में नहीं चढ़ पा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों की ट्रेनें छूट रही हैं। इस कड़ी में यह जानना जरूरी है कि यदि आपकी ट्रेन मिस हो जाती है, तो क्या आपकी वही टिकट किसी दूसरी ट्रेन में मान्य है या नहीं। जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें।
ट्रेन छूटने पर क्या करें
यदि आप ट्रेन में यात्रा के लिए स्टेशन पहुंचे हैं और आपकी ट्रेन छूट गई है, तो रेलवे में इसके लिए अलग-अलग नियम हैं। क्योंकि, यह आपकी टिकट पर निर्भर करता है कि आपके पास कौन-सी टिकट है। ऐसे में आपके पास टिकट रिफंड से लेकर अन्य विकल्प मौजूद होते हैं।
जनरल टिकट है तो क्या करें
यदि आपके पास जनरल टिकट है और आपकी ट्रेन मिस हो गई है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि, आप उसी टिकट पर उसी श्रेणी की अन्य ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, आरक्षित श्रेणी में चढ़ने पर जुर्माना लग सकता है।
रिजर्व टिकट है तो क्या करें
यदि आपके पास ट्रेन यात्रा का रिजर्व टिकट है, तो आप किसी अन्य ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकते हैं। ऐसे में आपको ट्रेन टिकट रिफंड के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद रेलवे द्वारा सत्यापन के बाद आपको टिकट का पैसा वापस मिल जाएगा। साथ ही, यात्रा के लिए नई टिकट खरीदनी होगी।
कैसे रिफंड होगी टिकट
यदि आपने अपना टिकट रेलवे काउंटर से लिया है, तो आपको काउंटर पर पहुंच TDR फॉर्म भरना होगा। फॉर्म जमा करने के बाद 60 दिनों के भीतर टिकट की राशि आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगी। वहीं, यदि आपकी ऑनलाइन टिकट है, तो आपको IRCTC की वेबसाइट पर पहुंच ट्रेन ऑपशन में TDR File पर क्लिक कर आवेदन करना है। इसमें भी 60 दिनों के भीतर राशि आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगी।
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