दक्षिण अफ्रीका में एक ऐसा शहर मौजूद है, जो अपने समृद्ध इतिहास और आर्थिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। वहां एक बेहद ही महंगी और कीमती प्राकृतिक संसाधन है, जिसने देश के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। इसने विभिन्न स्थानों से कई लोगों को आकर्षित किया जो धन और अवसरों की तलाश में आए थे। समय के साथ, यह बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक बन गया है।
कैसा है दक्षिण अफ्रीका
दक्षिण अफ्रीका अपने समृद्ध इतिहास, सुंदर लैंडस्केप और मल्टी कल्चर समाज के लिए जाना जाता है। इसमें पहाड़, रेगिस्तान और घास के मैदानों का मिश्रण है, जिसमें ड्रेकेन्सबर्ग पर्वत और कालाहारी रेगिस्तान भी शामिल हैं। देश में अटलांटिक और हिंद महासागर के साथ 3,000 किमी से अधिक लंबी तटरेखा भी है, जो इसे शानदार प्राकृतिक सुंदरता की भूमि बनाती है।
दक्षिण अफ्रीका में सोने का शहर
जोहान्सबर्ग में सदियों से सोने का खनन किया जा रहा है और यही कारण है कि इस शहर को सोने के शहर के रूप में जाना जाता है। 1886 में, विटवाटरसैंड क्षेत्र में सोने की खोज की गई। वहां भारी मात्रा में सोना पाया गया, जिसने देश के विकास में सबसे अहम भूमिका निभाई है।
जोहान्सबर्ग को सोने का शहर क्यों कहा जाता है?
जोहान्सबर्ग को सोने का शहर इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां भारी मात्रा में सोने का खनन किया जाता है। साल 1886 में विटवाटरसैंड क्षेत्र में भारी मात्रा में सोना पाया गया था, जिससे हज़ारों लोग आकर्षित हुए और शहर का तेजी से विकास हुआ। इसे ईगोली भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है "सोने का शहर।"
जोहान्सबर्ग में क्या खास है?
जोहान्सबर्ग, जिसे जोज़ी भी कहा जाता है, दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा शहर और गौतेंग प्रांत की राजधानी है। यह एक प्रमुख आर्थिक और वित्तीय केंद्र है, जो अफ्रीका के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज का घर है। यह शहर विटवाटरसैंड क्षेत्र में स्थित है, जहां भारी मात्रा में सोना का खनन किया जाता है। जोहान्सबर्ग अपनी आधुनिक गगनचुंबी इमारतों, व्यस्त व्यापारिक जिलों और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है, जो इसे अफ्रीका के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक बनाता है।
Comments
All Comments (0)
Join the conversation