वर्तमान समय में भारत ही नहीं दुनिया के लगभग सभी देश के नागरिक अपनी आवश्यक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु विभिन्न बैंकों से लोन लेते हैं. सामान्यतः बैंकों से लोन लेने के लिए नागरिकों को कई प्रकार के डॉक्यूमेंट जमा करने पड़ते हैं और उन डॉक्यूमेंटों की बारीकी से जाँच पड़ताल के बाद ही नागरिकों को लोन दिया जाता है. लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया में एक ऐसा भी बैंक है, जो अपने ग्राहकों को बिना किसी डॉक्यूमेंट के लोन देता है. इस लेख में हम उस बैंक के बारे में विस्तृत विवरण दे रहे हैं जो बिना किसी डॉक्यूमेंट के अपने ग्राहकों को लोन देता है.
बिना किसी डॉक्यूमेंट के लोन देने वाला बैंक
दुनिया का एकमात्र ऐसा बैंक जो बिना डॉक्यूमेंट के अपने ग्राहकों को लोन देता है, उसका नाम ओगाकी क्योरित्सू बैंक है और यह जापान में स्थित है. हालांकि, यह बैंक केवल आपातकालीन परिस्थिति में ही लोन देता है. लोन देने के लिए यह बैंक अपने ग्राहकों की हथेलियों को स्कैन करके प्रिंट कर लेता है. इस तकनीक के माध्यम से ओगाकी क्योरित्सू बैंक लगभग 2 मिलियन येन (अर्थात 11.20 लाख रुपए) तक का लोन देता है.
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हथेलियों को स्कैन करके लोन देने की प्रक्रिया की शुरूआत
वर्ष 2011 में भूकंप और सूनामी ने जापान में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया था. इस आपदा की समाप्ति के बाद लोगों को घर बनाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, क्योंकि भूकंप और सूनामी के कारण उनके सारे डॉक्यूमेंट नष्ट हो चुके थे. इस त्रासदी में बचे हुए लोगों को फिर से अपने घर और बिजनेस शुरू करने के लिए पैसों की जरूरत थी. जबकि उन्हेंि अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बिना किसी डॉक्यूमेंट के बैंक लोन नहीं दे रहा था. इसकी मुख्य वजह यह थी कि ग्राहकों को लोन के लिए अपनी पहचान साबित करने में काफी तकलीफें उठानी पड़ रही थी.
इन मुश्किलों को देखते हुए जापान की ओगाकी क्योरित्सू बैंक ने लोन देने की प्रक्रिया को साल 2012 में आसान बना दिया. बैंक ने एक ऐसी तकनीक की शुरूआत की, जिसमें ग्राहक अपनी हथेलियों का प्रिंट देकर अपने अकाउंट से पैसे निकाल सकते थे. वर्तमान समय में इस सुविधा का लाभ 3 लाख से अधिक जापानी नागरिक उठा रहे हैं. इस स्कीम को लांच करते समय ओगाकी क्योरित्सू बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि हम उस त्रासदी को नहीं भूले है, अतः हमने ग्राहकों के लिए लोन की प्रक्रिया आसान कर दी है.
केवल प्राकृतिक आपदा पीड़ित नागरिकों को लोन
यह लोन सिर्फ प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों नागरिकों को ही दिया जाता है. प्राकृतिक आपदा आने के तुरंत बाद यह लोन एक महीने के लिए ग्राहकों को दिया जाता है, ताकि लोग अपनी जरूरत पूरी कर सकें. वर्तमान समय में जापान की ओगाकी क्योरित्सू बैंक की 6 शाखाएं यह लोन देती है.
भारत के लिए भी कारगर हो सकता है यह तकनीक
जिस तरह भारत में हर साल बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं, उसे देखते हुए यह तकनीक भारत में भी काफी कारगर साबित हो सकती है. भारत में भी बैंकिंग प्रणाली के अलावा कई क्षेत्रों में बॉयोमीट्रिक तकनीक का इस्तेमाल धीरे-धीरे शुरू हुआ है. ऐसे में अगर यह तकनीक लागू होता है, तो आपदा के समय आम नागरिकों को काफी फायदा मिल सकता है.
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