क्या हो सकती है JEE Main 2018 की कट-ऑफ? जानें इस लेख में

Apr 28, 2018 11:45 IST
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा JEE Main 2018 की ऑफलाइन परीक्षा 8 अप्रैल और ऑनलाइन परीक्षा 15 एवं 16 अप्रैल को कंडक्ट की जायेगी. इस परीक्षा के लिए लगभग साढ़े 11 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है. पिछले वर्ष कि तुलना में यह संख्या कुछ कम हुई है. पिछले वर्ष JEE Main के टॉप 2,22000 विद्यार्थी JEE Advanced की परीक्षा दे सकते थे, किंतु इस वर्ष यह संख्या बढ़ा कर 2,24000 कर दी गयी है. 

सभी विद्यार्थियों को किसी भी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जैसे JEE Main, JEE Advanced, UPSEE, WBJEE, VITEEE, SRMJEEE इत्यादि में बैठने से पहले उस परीक्षा की पिछले वर्षों कि कट-ऑफ को ज़रूर देखना चाहिए. पिछले वर्षों की कट-ऑफ देखने के बाद विद्यार्थी इस बात का अनुमान लगा सकते हैं कि उन्हें परीक्षा में कितने प्रश्न अटेम्पट करने हैं.

JEE Advanced के लिए क्वालीफाई करने के लिए IITs के द्वारा JEE Main में विद्यार्थियों के  प्रदर्शन के आधार पर न्यूनतम अंक निर्धारित किये जाते है जिससे विद्यार्थियों की छटनी की जा सके.

आज हम इस लेख में विद्यार्थियों को JEE Main की परीक्षा की कट-ऑफ से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताएँगे. इसके साथ-साथ हम JEE Main 2018 की Expected कट-ऑफ के बारे में भी बताएँगे.

पिछले सालों की कट-ऑफ का महत्व:

पिछले सालों की कट-ऑफ देखने के बाद विद्यार्थी इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि उन्हें आने वाली परीक्षा में कितने प्रश्न सही हल करने हैं क्योंकि कभी-कभी विद्यार्थी ज़्यादा प्रश्न हल कर देते हैं और नेगेटिव मार्किंग के कारण उनके मार्क्स कम हो जाते हैं और वो JEE Advanced के लिए क्वालीफाई करने में असफल हो जाते हैं. पिछले साल JEE Main में सामान्य वर्ग के लिए कट-ऑफ 81 मार्क्स गयी थी. JEE Main की परीक्षा में 1 प्रश्न सही करने पर विद्यार्थियों को 4 नंबर मिलते हैं इसका अर्थ है कि जिस विद्यार्थी ने 90 में से 21 प्रश्नों को सही हल किया होगा उसने आसानी से JEE Advanced के लिए क्वालीफाई कर लिए होगा. विद्यार्थियों को कभी भी पिछले सालों की घटती हुई कट-ऑफ को देख कर इस बात का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए कि आने वाली परीक्षा में भी कट-ऑफ कम होगी क्योंकि किसी भी परीक्षा की कट-ऑफ बहुत से कारकों (Factors) पर निर्भर करती है. विद्यार्थियों को हमेशा पिछले वर्ष की कट-ऑफ से 15-20 मार्क्स अधिक लाने के बारे में सोचना चाहिए जिससे वो आसानी से JEE Advanced के लिए क्वालीफाई कर सकें.

विद्यार्थी पीछे सालों की कट-ऑफ देखने के लिए नीचे दी गयी टेबल तो रेफ़र कर सकते हैं.

Category

JEE 2017 Cut off

JEE 2016 Cut off

JEE 2015 Cut off

General

81

100

105

OBC – Non-Creamy Layer

49

70

70

SC

32

52

50

ST

27

48

44

JEE Main की कट-ऑफ को प्रभावित करने वाले कारक:

किसी भी परीक्षा की कट-ऑफ को निर्धारित करने में बहुत से कारकों को योगदान होता जिसके आधार पर कट-ऑफ घटती और बढ़ती रहती है. आइए जानते हैं उनमें से कुछ मुख्य कारकों के बारे में, जो कि निम्नलिखित हैं:

(a) परीक्षा में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या:

किसी भी परीक्षा की हाई कट-ऑफ का सबसे बड़ा कारण होता है परीक्षा में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या. अगर परीक्षा में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या अधिक होगी तो यक़ीनन परीक्षा की कट-ऑफ ज़्यादा जायेगी. JEE Main 2018 के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 2 प्रतिशित कम आवेदन आये हैं. जिससे इस वर्ष हम JEE Main की कट-ऑफ कम होने के अंदाजा लगा सकते हैं.

(b) JEE Advanced के लिए Eligible उम्मीदवारों की संख्या: Related Video: Tips to attempt maximum correct questions in JEE Main 2018

इस वर्ष JEE Advanced की परीक्षा के लिए JEE Main में टॉप करने वाले 2,24000 विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है. इससे भी हम अनुमान लगा सकते हैं कि इस वर्ष JEE Main की कट-ऑफ कम जायेगी.

Category

JEE Main 2018 Expected cut-off

General

75-79

OBC – Non-Creamy Layer

45-50

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