Positive India: कैसे करें बिना कोचिंग के UPSC क्लियर? जानें IAS गंधर्व राठौर से टिप्स एवं स्ट्रेटेजी

IAS गंधर्व राठौर 2016 बैच की IAS अधिकारी हैं जिन्होंने बिना किसी कोचिंग के ही UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर 93वीं रैंक हासिल की थी। इस लेख में पढ़े उनके द्वारा सुझाये गए महत्वपूर्ण टाइम मैनेजमेंट और स्टडी टिप्स। 

Created On: May 29, 2021 14:56 IST
IAS Gandharva Rathore UPSC Success Story in Hindi
IAS Gandharva Rathore UPSC Success Story in Hindi

UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अधिकांश अभ्यर्थियों की तैयारी का पहला कदम कोचिंग क्लास ज्वाइन करना रहता है। परन्तु कुछ अभ्यर्थी इस भीड़ से अलग अपने बनाये रस्ते पर चलते हैं और खुद ही अपनी पूरी तैयारी का रोडमैप तैयार करते हैं। इन्हीं में से एक हैं राजस्थान की गंधर्व राठौर जिन्होंने बिना किसी कोचिंग की मदद के सेल्फ स्टडी के माध्यम से ही UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 93वीं रैंक हासिल की। दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज से कॉमर्स में पोस्ट ग्रेजुएट गंधर्व ने अपनी UPSC की तैयारी दिल्ली में रह कर ही की। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। आइये जानते हैं कैसे की गंधर्व राठौर ने अपनी UPSC की तैयारी। 

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तैयारी के लिए बनाए पर्सनल मैनिफेस्टो 

गंधर्व कहती हैं कि दिल्ली में अपने समय के दौरान उन्होंने राजिंदर नगर में कोचिंग संस्थानों और बुक स्टोर्स का दौरा किया, जहाँ से उन्होंने विभिन्न विषयों के लिए नोट्स एकत्रित किये। इसके बाद उन्होंने हर विषय के सिलेबस और स्टडी मटेरियल का आकलन कर  पूरी योजना बनाई जिसे वह पर्सनल प्रिपरेशन मैनिफेस्टो कहती हैं। गन्धर्व कहती हैं कि उन्होंने अपने अन्य साथियों से मदद ली जो पहले से ही इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। वह कहती हैं कि “सबसे महत्वपूर्ण बात सिलेबस को अच्छी तरह से समझना है। अगर कोई बिना किसी कोचिंग सपोर्ट के अकेले पढ़ाई कर रहा है, तो सिलेबस को समझने के लिए समय बिताना और भी ज्यादा जरूरी है। पहली बार में पाठ्यक्रम बड़ा और कठिन लग सकता है, लेकिन एक बार छोटे भागों में बांटने के बाद, इससे निपटना आसान हो जाता है।"

मेंस की तैयारी से करें शुरुआत 

अपनी तैयारी के बारे में गंधर्व बताती हैं कि उन्होंने अपना 80% समय मेंस परीक्षा की तैयारी को दिया। उन्होंने अपना आधा समय ऑप्शनल पेपर की तैयारी में लगाया, और बाकी अन्य विषयों के लिए समर्पित था। वह कहती हैं, "कोशिश करो और अपने वैकल्पिक पेपर को अच्छे से तैयार करो। यह एक ऐसा विषय है जिसे आप चुनते हैं और जिसमें आप उच्च अंक ला सकते हैं।" गंधर्व ने भी अपनी प्रेजेंटेशन और कम्युनिकेशन कौशल पर बड़े पैमाने पर काम किया। वह कहती हैं “मैंने मेंस परीक्षा को क्लियर करने पर बड़े पैमाने पर काम किया। भले ही पहला कदम प्रीलिम्स को क्लियर करने का हो, फिर भी मैंने पीछे की ओर काम किया - मुख्य और वैकल्पिक पेपर और फिर प्रीलिम्स की तैयारी की। 

आंसर राइटिंग पर दें विशेष ध्यान 

गंधर्व का कहना है कि उन्होंने यूपीएससी परीक्षा से पांच महीने पहले ही उत्तर लिखने का अभ्यास शुरू कर दिया था। सिलेबस पूरा करने से पहले ही उन्होंने उत्तर लिखने की प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। “मैंने अपने लेखन कौशल को सुधारने और परीक्षा में क्या प्रश्न पूछे हैं, इस बारे में जानने के लिए ऐसा किया। इससे मुझे प्रत्येक विषय पर अधिक जानकारी जुटाने में मदद मिली और मुझे यह आकलन करने में मदद मिली कि मैं प्रत्येक विषय में कहाँ-कहाँ पर हूँ।" गन्धर्व कहती हैं कि वह हर दिन पांच से सात सवाल लिखती थी और एक घंटे के भीतर इसे खत्म कर देती थी। फिर उसे दूसरों द्वारा ऑनलाइन पोस्ट किए गए उत्तरों से कम्पयेर करती थी। 

अपनी आंसर राइटिंग टिप्स के बारे में वह कहती हैं "मैंने अपने जवाबों को इस तरह से विभाजित करना सीखा कि यह सभी पहलुओं को कवर करता है - आर्थिक, राजनीतिक, कानूनी, सामाजिक-सांस्कृतिक इत्यादि।"

दूसरों से मदद लेने में ना करे संकोच 

गंधर्व कहती हैं कि सेल्फ स्टडी के दौरान अक्सर आप किसी मुश्किल में फस सकते हैं। कभी कभी आपको गाइडेंस के ज़रूरत भी पड़ सकती है। ऐसे में किसी से मदद मांगने में संकोच न करे। चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, जहा भी कोई पॉइंट मददगार लगे उसे तुरंत नोट्स में लिख लें। 

इसी के साथ वह सभी अभ्यर्थियों को किसी ऐसी हॉबी को फॉलो करने की सलाह देती हैं जो उन्हें घर से बाहर ले जाए। इससे ना केवल फिजिकल एक्टिविटी बढ़ेगी बल्कि इंटरव्यू के दौरान आपके पास अपनी हॉबी के बारे में बात करने के लिए एक्सपीरियंस भी होंगे। 



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