Search

जानिये क्या है रिकमेन्डेशन लेटर्स का महत्व ?

रिकमेन्डेशन लेटर्स किसी एम्प्लॉयर को किसी कैंडिडेट की पृष्ठभूमि, उनकी ताकत, क्षमताओं और विशेषज्ञता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं.

Dec 18, 2017 14:55 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon
Importance of recommendation letters
Importance of recommendation letters

रिकमेन्डेशन लेटर्स किसी एम्प्लॉयर को किसी कैंडिडेट की पृष्ठभूमि, उनकी ताकत, क्षमताओं और विशेषज्ञता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं. यद्यपि पिछले कुछ सालों में जॉब एप्लीकेशन के साथ रिकमेन्डेशन लेटर्स शामिल करने की प्रक्रिया ऑप्शनल हो गई है क्योंकि कई एम्प्लॉयर्स अब सोशल मीडिया प्रोफाइल और ऐसी अन्य जानकारी इकट्ठा करने वाले प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर हो गए हैं. एक बढ़िया, अच्छी तरह से लिखा गया लेटर, भावी एम्प्लॉयर्स के द्वारा किसी भी सॉफ्टवेयर के माध्यम से उम्मीदवार की प्रोफाइल देखने के बजाय, अभी भी उन्हें उम्मीदवार के बारे में बहुत अधिक विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने में सक्षम है. लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपका रिकमेन्डेशन लेटर आपके एम्प्लॉयर्स  पर आपके व्यक्तित्व की अच्छी छाप छोड़े, महत्वपूर्ण है कि ये रिकमेन्डेशन लेटर्स आपकी क्षमताओं पर प्रकाश डालने के लिए अच्छे, सुचारु और प्रभावी ढंग से लिखे गए हों. रिकमेन्डेशन लेटर्स लिखते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों को अवश्य ध्यान में रखना चाहिए. लेकिन पहले हम यह समझते हैं कि रिकमेन्डेशन लेटर का क्या अर्थ है?

रिकमेन्डेशन लेटर क्या है?

यह समझना महत्वपूर्ण है कि रिकमेन्डेशन लेटर्स कवरिंग लेटर के समान नहीं होते हैं. असल में, दोनों ही किस्म के लेटर्स का एक ही उद्देश्य होता है और वह है कि किसी जॉब प्रोफ़ाइल के लिए एक आदर्श विकल्प के रूप में जॉब एप्लिकेंट को प्रस्तुत करना. लेकिन इन दोनों ही लेटर्स में एक बड़ा अंतर वह व्यक्ति होता है जो इन लेटर्स को लिखता है. जैसे कि हम सब यह अच्छी तरह जानते हैं कि कवरिंग  लेटर उम्मीदवारों द्वारा स्वयं लिखा जाता है, लेकिन दूसरी ओर रिकमेन्डेशन लेटर या तो आपके पूर्व एम्प्लॉयर्स के द्वारा या फिर आपके प्रोफेसर्स के द्वारा आपके बारे में लिखा जाता है.

रिकमेन्डेशन लेटर में शामिल किये जाने वाले महत्वपूर्ण बिंदु  

लेटर लिखने वाले व्यक्ति को सबसे पहले अपना परिचय और कंपनी में अपनी स्थिति के बारे में ब्यौरा देना चाहिए. इसके बाद उन्हें आपकी उन क्षमताओं और कौशल सेट के बारे में बात करनी चाहिए जिनका प्रदर्शन आपने उनके संगठन में जॉब करते समय किया है. साथ ही, उनके साथ काम करते समय आपको मिली किसी भी बड़ी उपलब्धि के बारे में इस लेटर में वर्णन किया जा सकता है. हालांकि, इस बात को  लेकर आप पूरी तरह सावधान रहें कि आपके संदर्भ द्वारा हाइलाइट की गई किसी भी क्षमता या उपलब्धि का सम्बन्ध किसी न किसी तरह से उस नई जॉब प्रोफाइल के साथ होना चाहिए, जिसके लिए आप आवेदन कर रहे हैं.

किसी रिकमेन्डेशन लेटर का मुख्य उद्देश्य आपके भावी एम्प्लॉयर्स को यह समझाना होता है कि आप जिस जॉब के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसके लिए आवश्यक कौशल और योग्यतायें आपके पास हैं. इसके अलावा, सावधान रहें कि यह लेटर केवल एक पेज से अधिक लंबा नहीं होना चाहिए और उस लेटर पर लेखक द्वारा विधिवत हस्ताक्षर किए गए हों. ध्यान देने लायक एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह भी है कि इस लेटर में लेखक अपना संपर्क विवरण अवश्य दें ताकि जरूरत पड़ने पर रिक्रूटर्स उनसे संपर्क कर सकें. हालांकि, रिकमेन्डेशन लेटर में किसी कंपनी की मोहर की जरूरत नहीं है फिर भी यह मोहर किसी भी रिकमेन्डेशन लेटर पर बहुत अच्छा प्रभाव डाल सकती है. यदि आप किसी कंपनी की मोहर का इंतज़ाम नहीं कर पाते हैं, तो आप किसी कंपनी के लेटर हेड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं जो कि एक बढ़िया ऑप्शन है.

रिकमेन्डेशन लेटर्स क्यों हैं महत्वपूर्ण?

अधिकांश एम्प्लॉयर्स आज जॉब एप्लीकेशन के एक हिस्से के रूप में केवल आपके रिज्यूम, पोर्टफोलियो और एक कवरिंग लेटर ही मांगते हैं. फिर हमें अपने लिए इन रिकमेन्डेशन लेटर्स की ज़रूरत क्यों पड़ती है या कोई जॉब एप्लीकेशन भेजते समय इन रिकमेन्डेशन लेटर्स क्या महत्व होता है? जवाब काफी आसान है, हालांकि रिकमेन्डेशन्स, जॉब एप्लीकेशन के आवश्यक तत्व नहीं हैं, जिनका एम्प्लॉयर्स के लिए बहुत अधिक महत्व हो, तो भी मौजूदा समय में रिकमेन्डेशन लेटर्स ने कई अलग-अलग रूप ले लिए हैं.  जैसे इसके एक नये किस्म में, अपने भावी एम्प्लॉयर्स को प्रदान करने के लिए आपको टाइप किया हुआ या हाथ से लिखा हुआ लेटर देने की आवश्यकता नहीं होती है बल्कि आप संबंधित व्यक्ति का संपर्क विवरण अपनी जॉब एप्लीकेशन के साथ दे देते हैं और आपके एम्प्लॉयर जरूरत पड़ने पर स्वयं आपके बारे में रिकमेन्डेशन संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए उनसे संपर्क कर लेंगे. कुछ एम्प्लॉयर्स  आपके कौशल और इंटरेस्ट के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आपका सोशल मीडिया प्रोफाइल भी स्कैन करते हैं. हालांकि रिकमेन्डेशन लेटर्स के इन नए स्वरूपों ने स्टूडेंट्स के लिए इन मुद्दों को और अधिक कठिन बना दिया है. आपको अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कुछ नया पोस्ट करते समय और जानकारी साझा करते समय काफी सावधानी बरतनी होगी और इसके अलावा, आपकी जॉब फील्ड से संबंधित लोगों के साथ अच्छे संबंध कायम करने की भी आपमें अच्छी समझ होनी चाहिए.

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया है? इसे अपने दोस्तों और सहकर्मियों के साथ साझा करें ताकि जॉब एप्लीकेशन को लेकर उनके डाउट्स दूर हो जायें. कॉलेज लाइफ के बारे में इस तरह के और अधिक आर्टिकल पढ़ने के लिए www.jagranjosh.com/college पर विजिट करें. वैकल्पिक रूप से, आप नीचे दिए गए बॉक्स में अपना ईमेल-आईडी सबमिट करके अपने इनबॉक्स में भी सीधे ऐसे आर्टिकल प्राप्त कर सकते हैं.

Related Stories