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क्या देश में सिंगल बैंक भर्ती परीक्षा की आवश्यकता है?

जो उम्मीदवार बैंकिंग में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, उन्हें विभिन्न संगठनो द्वारा आयोजित इन परीक्षाओ में सम्मिलित होना चाहिए।उम्मीदवारो के पास सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के साथ-साथ प्राइवेट बैंक में भी जॉब के कई अवसर उपलब्ध है।

Dec 6, 2017 19:10 IST
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Is there a need for a single bank recruitment exam?
Is there a need for a single bank recruitment exam?

आजकल विभिन्न संगठनो द्वारा बैंकिंग भर्ती परीक्षाएं नियमित रूप से आयोजित की जाती है। जो उम्मीदवार बैंकिंग में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, उन्हें विभिन्न संगठनो द्वारा आयोजित इन परीक्षाओ में सम्मिलित होना चाहिए। उम्मीदवारो के पास सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के साथ-साथ प्राइवेट बैंक में भी जॉब के कई अवसर उपलब्ध है।  राष्ट्रीयकृत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए भर्ती आईबीपीएस, भारतीय बैंकिंग कार्मिक चयन संस्था (IBPS-Institute of Banking Personnel Selection) के माध्यम से की जाती है,  वहीँ कई बैंकिंग संस्थाएं ऐसी हैं जो अपनी स्वयं की भर्ती प्रक्रिया अपनाते हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, नाबार्ड (NABARD) और अन्य सहकारी बैंक (को-ऑपरेटिव बैंक) हर साल खाली पदों की भर्ती के लिए अपनी स्वयं की अधिसूचना जारी करते हैं। हालाकि सभी बैंकों की चयन प्रक्रिया लगभग एक समान है, जहां उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती प्राधिकरण द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा (प्रेलिम्स और मैन्स) तथा व्यक्तिगत साक्षात्कार दौर से गुजरना पड़ता है लेकिन विभिन्न पदो जैसे ऑफिसर और क्लर्क  के अनुसार परीक्षा का पाठ्यक्रम तथा कठिनाई स्तर परिवर्तित  होता रहता है।

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बैंकिंग क्षेत्र परीक्षा को केंद्रीकृत करने की आवश्यकता

बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र एक बड़ा तंत्र है जो सेंट्रल बैंक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करता है। देश में सभी वित्तीय संस्थान और बैंकिंग निकाय सरकार के अधीन हैं, और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों द्वारा चलाए जाते हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया देश की सर्वोच्च ऑथोरिटी है जो मौद्रिक नीति और नियमों के बारे में महत्त्वपूर्ण फैसले लेती है। इसलिए, आरबीआई केंद्रीय संस्था के रूप में काम करती है जो वित्तीय नीतियों के बारे में निर्णय लेती है और देश भर के बैंकों और वित्तीय निकायों को चलाती है। भारत में पिछले कुछ सालों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में रिक्त पदों की संख्या कई गुना बढ़ी है। अतः भर्ती भी बढ़ी है। आईबीपीएस से पहले, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक रिक्त पदों के आधार पर,  अपनी अलग-अलग भर्ती परीक्षाये आयोजित कराते थे। इस तरह उम्मीदवारों के पास एक साल कई बैंक भर्ती परीक्षाओ में सम्मिलित होने के विकल्प थे । इस विकल्प के अपने अलग फायदे और नुकसान थे।

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  • प्रत्येक बैंक से जुड़ी आवेदन शुल्क और परीक्षा कार्यक्रम की ओवरलैप आवेदकों के बीच दो सबसे आम समस्या थी।
  • परीक्षा की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, आईबीपीएस ने  वर्ष 2011 से सभी सार्वजनिक क्षेत्र बैंक के लिए लिपिक और परिवीक्षाधीन अधिकारी पदों की भर्ती के लिए कॉमन भर्ती परीक्षा आयोजित करने की शुरुवात की
  • हालांकि, कुछ बैंक जैसे आरबीआई (RBI), एसबीआई (SBI) और नाबार्ड (NABARD) जैसे प्रमुख संसथान इसके दायरे से बहार रहे तथा भर्ती की अपनी प्रक्रिया को जारी रखा। इस तथ्य के बावजूद कि कुछ पदों के लिए परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम एक समान है, इन बैंकों ने आईबीपीएस के साथ उनकी भर्ती प्रक्रिया को नहीं अपनाया है। कई उम्मीदवारों अतीत में भर्ती प्रक्रिया को एक करने के सवाल उठाए हैं लेकिन बैंकों की विभिन्न प्रकृति जैसे सेंट्रल बैंक , डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट ,कमर्शियल बैंक के कारण, यह सब बैंक अभी तक  अलग-अलग भर्ती परीक्षाये आयोजित कराते है।

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विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के लिए कारण

एसबीआई(SBI), आरबीआई(RBI) और नाबार्ड (NABARD) विशेष अधिकारों और विशेषताओं वाले बैंक हैं। जबकि एसबीआई सबसे बड़ा कमर्शियल बैंक है, जबकि आरबीआई देश में सर्वोच्च बैंकिंग प्राधिकरण है।

वहीँ नाबार्ड कृषि और लघु उद्योगों के विकास पर फोकस करता है। यह ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में अपना निवेश करता हैI इसकी अधिकांश शाखाएं देश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की गयी हैं। आरबीआई(RBI) द्वारा नाबार्ड का हिस्सा भारत सरकार को सेल करने के बाद , यह पूरी तरह से सरकारों ओन्ड बैंक बना। अन्य सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के लिए, सरकार का हिस्सा केवल 50% से कम तक सीमित है। इसलिए, नाबार्ड अपनी शाखाओं के लिए सहायक प्रबंधक और प्रबंधकों की पदों के लिए देश भर में अपनी शाखाओं के लिए भर्ती के लिए स्वयं परीक्षा आयोजित करता है।

एसबीआई(SBI) भी  लिपिक और अधिकारी स्तर दोनों तरह के पदों की भर्ती के लिए अपनी स्वयं की भर्ती परीक्षा का आयोजन करता है। आरबीआई (RBI),  इसके विभिन्न कार्य प्रोफ़ाइल और प्राधिकरण आवश्यकताओं के कारण अधिकारी स्तर के पदों के लिए अपनी भर्ती आयोजित करता है। इसलिए, हालांकि पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न बैंकिंग क्षेत्र की परीक्षाओं के लिए समान है, विभिन्न बैंकों की भूमिका और पैमाने के बीच अंतर, उम्मीदवार चुनने के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन कराती है ।

यद्यपि देश में काफी बैंक हैं, अधिकांश राष्ट्रीयकृत बैंक भर्ती आईबीपीएस परीक्षा के माध्यम से की जाती हैं। हालांकि एसबीआई, आरबीआई और नाबार्ड जैसे अन्य बैंकों का भर्ती परीक्षाओं का अपना पैटर्न  है। इससे उम्मीदवारों को अलग-अलग इन बैंकों के लिए प्रयास करने का अवसर मिलता है, जबकि परीक्षा का पाठ्यक्रम और पैटर्न लगभग एक ही रहता है।

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