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UPSC (IAS) Prelims 2020: परीक्षा स्थागित करने की माँग - SC एडवोकेट अलख अलोक ने UPSC अध्यक्ष को लिखा पत्र

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा 2020 की प्रारंभिक परीक्षा की तारीख 4 अक्टूबर निर्धारित की गई है, लेकिन देश में कोविद -19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने UPSC के अध्यक्ष को एक पत्र लिख कर परीक्षा स्थगित करने का अनुरोध किया है।

Aug 25, 2020 11:42 IST
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UPSC (IAS) Prelims 2020: परीक्षा स्थागित करने की माँग - SC एडवोकेट अलख अलोक ने UPSC अध्यक्ष को लिखा पत्र
UPSC (IAS) Prelims 2020: परीक्षा स्थागित करने की माँग - SC एडवोकेट अलख अलोक ने UPSC अध्यक्ष को लिखा पत्र

UPSC अध्यक्ष को संबोधित पत्र में SC एडवोकेट अलख ने देश में COVID-19 मामलों की बढ़ती संख्या की ओर संकेत किया है। उन्होंने यह भी बताया है कि UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों में से कई वर्तमान में COVID योद्धाओं के रूप में काम कर रहे हैं। देश के कई हिस्सों में बाढ़ ने भी स्थिति को गंभीर बना दिया है और यह विचार के योग्य है।

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UPSC अध्यक्ष को लिखे पत्र में किया कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख 

एडवोकेट अलख ने UPSC के उम्मीदवारों के एक समूह की ओर से पत्र लिखा जो महामारी की स्थिति में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक दिन औसतन 70 हजार COVID-19 संक्रमित मरीज़ों के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में सभी सुरक्षा उपायों के साथ लगभग 10 लाख उम्मीदवारों के साथ परीक्षा आयोजित करना एक कठिन कार्य होगा। इसलिए उन्होंने अध्यक्ष से अनुरोध पर विचार करने और पूरे देश में COVID-19 प्रभाव कम होने तक परीक्षा स्थगित करने का अनुरोध किया है। 

कई UPSC एस्पिरेंट्स फ्रंटलाइन वारियर्स के रूप में काम कर रहे हैं

अधिवक्ता ने अपने पत्र में फ्रंटलाइन श्रमिकों का भी संज्ञान लेने का भी अनुरोध किया है। पत्र में वह कहते हैं कि वर्तमान में कई UPSC प्रीलिम्स एस्पिरेंट्स फ्रंटलाइन COVID योद्धाओं के रूप में काम कर रहे हैं। उनके लिए अपने कर्तव्यों से मुक्त होकर परीक्षा केंद्रों तक पहुँचना मुश्किल होगा। इसके अलावा महामारी की स्थिति में तैयारी करना अपने आप में एक कठिन कार्य साबित होगा। 

 एडवोकेट अलख ने UGC मामले में भी छात्रों का प्रतिनिधित्व किया

एडवोकेट अलख आलोक श्रीवास्तव भारत के सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड हैं। वह सुप्रीम कोर्ट में UGC मामले में छात्रों का प्रतिनिधित्व भी कर रहे हैं और NEET, JEE मेन 2020 परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए याचिकाकर्ता थे। वह छात्रों से राहत मांगने के लिए रैली में सक्रिय भूमिका निभा रहे है। उन्होंने हाल ही में PMO को एक पत्र लिखा था जिसमें JEE, NEET 2020 परीक्षाओं को स्थगित करने का अनुरोध किया गया था।

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