ये हैं इस साल की हाईएस्ट पेइंग टॉप इंडियन जॉब्स
अगर आपको यह पता चल जाए कि, इस साल भारत में हाईएस्ट पेइंग कौन-सी जॉब्स हैं तो आपको सूटेबल जॉब के लिए अप्लाई करने में सहायता मिल सकती है. इस आर्टिकल में हम आपके लिए इस साल की हाईएस्ट पेइंग जॉब्स का विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं.
जब हम अपना करियर या कारोबार शुरू करते हैं या नई जॉब ज्वाइन करते हैं तो हम अधिकतम वेतन हासिल करना चाहते हैं क्योंकि इस मॉडर्न जमाने में देश-दुनिया के लोग अपने जीवन की सार्थकता रुपये-पैसे से नापते हैं. भारत में इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ या बिजनेस कोर्सेज में हायर डिग्रीज़ हासिल करने वाले स्टूडेंट्स का एकमात्र लक्ष्य ‘अधिक से अधिक धन कमाना’ होता है. इंडियन स्टूडेंट्स के किसी एजुकेशनल कोर्स में डिग्री हासिल करने की सबसे बड़ी वजह ‘हाईएस्ट पेइंग जॉब हासिल करना’ ही होती है, इसलिए, हम इस आर्टिकल में आपके लिए इस साल की हाईएस्ट पेइंग टॉप इंडियन जॉब्स का के बारे में सारी महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं. आइये आगे पढ़ें:
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इन्वेस्टमेंट बैंकर्स
किसी इन्वेस्टमेंट बैंकर के तौर पर, आप वास्तव में एक शानदार भविष्य का सपना देख सकते हैं. एक सुखी और संपन्न जीवन के साथ मोटी कमाई की इच्छा हरेक व्यक्ति के दिल में होती है. ‘ये जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ फिल्म में जैसे रितिक रोशन (जो एक इन्वेस्टमेंट बैंकर का रोल प्ले कर रहे हैं) एक शानदार जीवन जीते हैं, आप भी उनकी तरह ही एक शाही जीवन जी सकते हैं.
अगर आप भविष्य में खुद को किसी फाइनेंशल इंस्टीट्यूट में काम करते देख सकते हैं, जहां आप कंपनियों, गवर्नमेंट्स और अन्य एजेंसियों के लिए कैपिटल का लेन-देन करेंगे, काफी अधिक धन राशि की व्यवस्था करेंगे, बड़े लेवल के मर्जर्स और एक्वीजीशन्स (एम एंड ए) की डीलिंग करेंगे और कई अन्य संबद्ध कार्य करेंगे. इसलिए यह आपके लिए बिलकुल उपयुक्त प्रोफेशन है. संक्षेप में, आप धन को मैनेज करने के साथ ही धन को कई गुना बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएंगे. इस फील्ड में अपना करियर शुरू करने से पहले, एक इन्वेस्टमेंट बैंकर के तौर पर आपको मिलने वाले सैलरी पैकेज पर एक नजर जरुर डाल लें.
सैलरी पैकेज
- फ्रेशर: रु. 12 लाख प्रति वर्ष
- इंटरमीडिएट: रु. 30 लाख प्रति वर्ष
- एक्सपीरियंस्ड: रु. 50 लाख प्रति वर्ष
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चार्टर्ड एकाउंटेंट्स (सीए)
असल में, अगर आप किसी फाइनेंशल इशू में फंस गये हैं तो ये पेशेवर आपको इस फाइनेंशल मेस से निकलने में मदद करेंगे. चाहे वह जीएसटी रिफार्म हो या सरकार की टैक्सेशन पॉलिसी में कोई बदलाव हो, सैलरी से संबद्ध मामले हों या फिर, टैक्स मनी को बचाने के तरीके ही हों, ये पेशेवर आपको बचाने के लिए तैयार रहते हैं.
सीए इकॉनमी के हरेक हिस्से में काम करते हैं, चाहे वह काम कैसा भी हो या फिर, किसी भी किस्म की इंडस्ट्री से संबद्ध हो. ये पेशेवर हमारी इकॉनमी की बैकबोन हैं और फाइनेंशल मैटर्स को मैनेज करने के लिए सलाह और फाइनेंशल एक्सपर्टाइज उपलब्ध करवाते हैं. कोई सीए एक ऐसा एक्सपर्ट होता है जो विभिन्न क्लाइंट्स जैसेकि, व्यक्ति, बिजनेस हाउसेज और मैनेजमेंट कंसल्टेंसीज को एकाउंटेंसी, ऑडिट और टैक्स सर्विसेज उपलब्ध करवाता है.
इस पेशे में तरक्की की काफी संभावनाएं होती हैं. अगर आप चार्टर्ड एकाउंटेंट बनना चाहते हैं तो दुबारा न सोचें. आपको बहुत बढ़िया वेतन मिलेगा और नीचे दिए गए आंकड़े आपकी फाइनेंशल ग्रोथ का प्रमाण दे रहे हैं .
सैलरी पैकेज
- फ्रेशर: रु. 5 लाख प्रति वर्ष
- इंटरमीडिएट: रु. 80 लाख प्रति वर्ष
- एक्सपीरियंस्ड: रु. 70 लाख प्रति वर्ष
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लॉयर्स/ लीगल एक्सपर्ट्स
एक लॉयर के तौर पर अपना करियर बनाने के बारे में सोचने पर आपके दो मकसद पूरे होंगे क्योंकि आप एक सोशल वर्कर के तौर पर सेवा करने के साथ ही अपने काम के लिए काफी अच्छी रकम भी कमा लेंगे. एक लॉयर के तौर पर, आपके पास कभी काम की कमी नहीं रहेगी क्योंकि लाखों मुकदमे (क्रिमिनल, सिविल, कॉर्पोरेट या अन्य किस्म के) हैं जो अभी पेंडिंग और न्यायाधीन हैं.
कई बिजनेस ऐसे हैं जो अपने पर्सनल लॉयर्स हायर करते हैं और उन्हें बहुत बढ़िया सैलरी देते हैं. आख़िरकार एक लॉयर की यह नैतिक जिम्मेदारी होती है कि संबद्ध संगठन को किसी भी बाहरी खतरे से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करे.
इस पेशे में एक अतिरिक्त फायदा होता है लॉयर का स्टेटस जिसे काफी सम्मानजनक और प्रतिष्ठित समझा जाता है. किसी भी लीगल मामले के लिए, आप हमेशा संकटग्रस्त व्यक्ति/ पार्टी/ संगठन को बचाते हैं. अगर आप किसी संगठन के साथ मिलकर काम नहीं करना चाहते हैं तो आप अपनी पर्सनल प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं. अगर आप में विभिन्न क्लाइंट्स और उनसे संबद्ध मामलों को मैनेज करने और जीतने का टैलेंट है तो आप अपनी सेवाओं के लिए मुंहमांगी कीमत लेने के साथ ही काफी प्रसिद्धि भी प्राप्त कर सकते हैं.
सैलरी पैकेज
- इंडिविजुअल प्रैक्टिस : सीनियर अटॉर्नी - रु. 5 लाख प्रति वर्ष
- कॉर्पोरेट लॉयर: 5 – 6 लाख प्रति वर्ष (शुरू में)
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डॉक्टर्स/ मेडिकल प्रोफेशनल्स
एक मध्ययुगीन यहूदी दार्शनिक, मैमोनाइड्स ने एक बार कहा था कि, "डॉक्टर को बीमारी का नहीं बल्कि उस मरीज का इलाज करना चाहिए, जो बीमारी से पीड़ित है." जीवन के प्रत्येक क्षेत्र के व्यक्ति आपको भगवान के बाद सबसे ऊंचा दर्जा देते हैं क्योंकि वे आप पर भरोसा करते हैं कि आप उनके जीवन की रक्षा करेंगे. यहां यह कहने की कोई जरूरत ही नहीं है कि इस पेशे की मांग में कभी गिरावट नहीं आएगी क्योंकि हरेक व्यक्ति के औसत जीवन में डॉक्टर के पास जाना एक रेगुलर रूटीन बन चुका है.
जब मेडिकल प्रैक्टिशनर्स किसी हेल्थकेयर ब्रांड से जुड़ते हैं और उनके लिए पार्ट-टाइम डॉक्टर्स के तौर पर काम करते हैं तो ये पेशेवर काफी बढ़िया कमाई कर सकते हैं. इसलिए, एक बार डॉक्टर बन जाने के बाद, आपको अपने जीवन में पीछे मुड़ कर नहीं देखना पड़ेगा. आप बीमारियों से पीड़ित सभी पेशेंट्स के लिए एक वरदान बन जाएंगे.
सैलरी पैकेज
- फ्रेशर: रु. 8 लाख प्रति वर्ष
- इंटरमीडिएट: रु. 10 लाख प्रति वर्ष
- एक्सपीरियंस्ड: रु. 17 लाख प्रति वर्ष
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बिजनेस एनालिस्ट्स
क्या आप एक प्रॉब्लम सॉल्वर हैं? क्या ट्रिकी प्रॉब्लम्स के सोल्यूशन्स पेश करने पर आपको अच्छा महसूस होता है? अगर आपमें ये लक्षण हैं तो आप एक बिजनेस एनालिस्ट बनने का बारे में विचार कर सकते हैं.
एक बिजनेस एनालिस्ट के तौर पर, आपके पास लोग बार-बार अपनी बिजनेस प्रॉब्लम्स के टेक्निकल सोल्यूशन्स प्राप्त करने के लिए आयेंगे. लोग पुरानी टेक्नोलॉजी में यकीन नहीं करते हैं और बिजनेस के भावी विकास के लिए मौजूद डाटा की स्कैनिंग और छानबीन के लिए अब नए सॉफ्टवेयर सोल्यूशन्स उपलब्ध हैं. ऐसे मामलों में, आपको काफी सैलरी दी जायेगी. आपको महत्वपूर्ण रिसोर्स समझा जायेगा क्योंकि आपका डाटा संबद्ध कंपनी को अपनी स्ट्रेटेजीज तथा लॉन्ग-टर्म प्लान्स बनाने में मदद करेगा.
अगर आपको सोल्यूशन्स की रिसर्च और मूल्यांकन करना अच्छा लगता है तो मैनेजमेंट की फील्ड में यह एक सबसे ज्यादा वेतन वाले जॉब प्रोफाइल्स में से एक है.
सैलरी पैकेज
- फ्रेशर: रु. 6 लाख प्रति वर्ष
- इंटरमीडिएट: रु. 5 लाख प्रति वर्ष
- एक्सपीरियंस्ड: रु. 50 लाख प्रति वर्ष
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IT और सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स
भारत के सर्विस सेक्टर में जो तेज़ी IT सेक्टर से आई है वह खुद इस फील्ड में करियर बनाने का सबूत पेश करती है. विश्व की टॉप मल्टीनेशनल कंपनियां भारत के IT सेक्टर की क्वालिटी की तारीफ करती हैं और सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के लिए काम के काफी अवसर उपलब्ध हैं.
संसार डिजिटल प्लेटफार्म की ओर बढ़ रहा है और इस इंडस्ट्री को ज्वाइन करने के लिए ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे इनिशिएटिव्स इन पेशवरों के लिए एक अतिरिक्त वरदान हैं. एजुकेशन इंडस्ट्री, मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में रोबोटिक्स, ई-कॉमर्स और हर जगह सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की काफी मांग है. इन पेशेवरों के स्किल्स और जॉब की जिम्मेदारी के मुताबिक इनकी सैलरी निर्धारित की जाती है. कई एंटरप्रेन्योरियल फर्म्स इन सॉफ्टवेयर और IT प्रोफेशनल्स को हायर करती हैं क्योंकि ये पेशेवर डिजिटल इंडस्ट्री की बैकबोन होते हैं.
सैलरी पैकेज
- फ्रेशर: रु. 5 लाख प्रति वर्ष
- इंटरमीडिएट: रु. 3 लाख प्रति वर्ष
- एक्सपीरियंस्ड: रु. 5 लाख प्रति वर्ष
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ऑयल एंड नेचुरल गैस प्रोफेशनल्स
आईबीएम (बिजनेस मॉनिटर इंटरनेशनल) की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह स्पष्ट होता है कि, वर्ष 2015 से वर्ष 2020 तक, एशिया में ऑयल रिफाइनमेंट की क्षमता 4.26% बढ़ जायेगी. एक अन्य रिसर्च के अनुसार भारत के प्रमुख ऊर्जा उपयोग का लगभग 36% ऑयल द्वारा पूरा किया जाता है. इसके अलावा, यह भी देखा गया कि, चीन के साथ भारत भी क्रूड ऑयल के सबसे बड़े कंज्यूमर्स में से एक होगा. दोनों देश विश्व की बढ़ती हुई ऊर्जा मांग के 35% हिस्से का उपभोग करेंगे.
सैलरी पैकेज
- फ्रेशर: रु. 5 लाख प्रति वर्ष
- इंटरमीडिएट: रु. 3 लाख प्रति वर्ष
- एक्सपीरियंस्ड: रु. 12 लाख से 50 लाख प्रति वर्ष और एडिशनल पर्क्स
इस साल भारत की कुछ अन्य हाईएस्ट पेइंग टॉप जॉब्स की लिस्ट
- ऐप डेवलपर
- पायलट
- क्रिकेट प्लेयर
- डाटा इंजीनियर/ डाटा साइंटिस्ट
- डाटाबेस आर्किटेक्ट
- आरबीआई जॉब्स
- यूनिवर्सिटी प्रोफेसर
- टेक्निकल राइटर
- एसईओ एक्सपर्ट
- मार्केटिंग प्रोफेशनल्स/ मैनेजर
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