IBPS के स्थान पर SSC परीक्षाओं की तैयारी क्यों करें?

Aug 14, 2018 10:11 IST
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SSC over IBPS
SSC over IBPS

IBPS और SSC दोनों युवा स्नातकों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय नौकरियों में से हैं और इन नौकरियों का महत्व बहुत ज्यादा हैं। उत्तीर्ण हुए स्नातक, IBPS और SSC नौकरियों को प्राथमिक अवसरों के रूप में मानते हैं। दोनों ही परीक्षाओं में एपटीट्युड का सेक्शन कॉमन होने के कारण, परीक्षार्थी दोनों ही परीक्षाओं में सामान्य से उच्च प्रदर्शन करने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करते है| फिर भी, यह महत्वपूर्ण और जरूरी है कि वे उन सरल तथ्यों को समझें, जो दोनों परीक्षाओं को एक दूसरे से अलग करते हैं। इन बिंदुओं के बारे में उम्मीदवारों को अधिक स्पष्टता प्रदान करने के लिए,हमने (www.jagranjosh.com, जोकि एक अग्रणी शैक्षणिक वेबसाइट हैं), एक विस्तृत विश्लेषण किया है, जो निम्नानुसार है-

SSC की IBPS जॉब्स से तुलना

परीक्षा पैटर्न और अनुभागीय कट ऑफ

दोनों परीक्षाओं में, प्रारंभिक परीक्षा के लिए परीक्षा-हॉल में समय 1 घंटे का है. फिर भी, दोनों परीक्षाओं में अनुभागों की संख्या थोड़ी अलग है| IBPS में, पांच अनुभाग हैं, जबकि SSC परीक्षा में चार अनुभाग हैं। इसके अलावा, IBPS परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए आपको पांच वर्गों में से प्रत्येक के लिए अनुभागीय कट-ऑफ को पार करना होगा। जबकि SSC, परीक्षा के संचालन के बाद अपनी सूचनाओं में अनुभागीय कटऑफ के बारे में उल्लेख करती है। हालांकि, यह इसका पालन हमेशा नहीं करती है अर्थात यह जरूरी नहीं कि SSC ने हमेशा ही अनुभागीय कट ऑफ को जारी किया हो|

साक्षात्कार

2016 से, SSC ने अपनी सभी ग्यारह परीक्षाओं से साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। आपको केवल टियर-1, 2 और 3 परीक्षा उत्तीर्ण करके प्राप्तांकों से योग्यता सूची में अपनी जगह बनानी होगी, जो लिखित परीक्षा में आपके स्कोर के आधार पर तैयार की जाएगी। हालांकि, IBPS परीक्षा में, साक्षात्कार की प्रक्रिया अभी भी मौजूद है। सभी लिखित परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के बाद, आपको अनिवार्य रूप से साक्षात्कार देना होगा और इसके अंक, अंत में योग्यता सूची में शामिल किए जाते हैं। अत: IBPS परीक्षा किसी भी SSC परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन और तनावपूर्ण मानी जा सकती है।

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त्रिकोणमिति और ज्यामिति

IBPS परीक्षा में त्रिकोणमिति से सवाल नहीं पूछे जाते हैं और जहां तक ज्यामिति का संबंध है, आप विशेषकर मेन्सूरेशन अध्याय से कुछ प्रश्नों की अपेक्षा कर सकते हैं। इसके विपरीत, सभी SSC परीक्षाओं में ज्यामिति से 5-6 प्रश्न और त्रिकोणमिति से लगभग चार प्रश्न पूछे जाते है। यदि आप मूलभूत सिद्धांतों और सूत्रों को अच्छी तरह जानते हैं तो ये प्रश्न समझने और हल करने में काफी सरल होते हैं| इसलिए, आप इन विषयों में कुछ ही प्रयासों के साथ उच्च स्कोर कर सकते हैं। अत: जब आप SSC परीक्षा में भाग लेते हैं तो इन विषयों में बेहतर प्रदर्शन आपको SSC परीक्षा में उच्च अंक दिला सकता हैं।

कंप्यूटर ज्ञान

IBPS परीक्षा में, कंप्यूटर ज्ञान का एक अलग सेक्शन होता है और आम तौर पर IBPS PO Mains परीक्षा में इस विषय से 45 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए, आपको इस अनुभाग को अलग से तैयार करना होगा और इसमें काफी प्रयासों को डालना होगा, क्योंकि IBPS परीक्षा में इस खंड के लिए विशिष्ट और विस्तृत पाठ्यक्रम है। जबकि SSC परीक्षा में, कंप्यूटर से शायद ही एक सवाल आता है, जिसे टीयर -1 परीक्षा के सामान्य जागरूकता में पूछा जाता है। SSC टियर -1 परीक्षा के बाद, आपको आगे की परीक्षा प्रक्रिया में इस डोमेन से सवाल नहीं मिलेगा। इसलिए, SSC परीक्षाओं की बजाय, IBPS परीक्षा में कंप्यूटर अनुभाग अधिक महत्वपूर्ण व विस्तृत है।

रीजनिंग

रीजनिंग, SSC परीक्षा की तुलना में IBPS परीक्षा में काफी मुश्किल है। यदि और गहनता से देखा जायें तो IBPS परीक्षाओं की तुलना में SSC परीक्षा की रीजनिंग आसान और स्कोरिंग होती है। रीजनिंग खंड में एक मुख्य अंतर यह है कि नॉन-वर्बल रीजनिंग से सवाल को IBPS परीक्षा में नहीं पूछा जाता. वहीँ इस डोमेन से SSC परीक्षा में प्रश्न पूछे जाते हैं। इन विषयों में पेपर फोल्डिंग, मिरर इमेज, पेपर कटिंग, वाटर इमेज, एम्बेडेड आकृतियाँ और क्यूब्स व डाइस इत्यादि शामिल हैं। SSC परीक्षा में नॉन-वर्बल रीजनिंग से कम से कम 2-3 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसी तरह, कुछ खास विषय हैं, जो IBPS परीक्षाओं में पूछे जाते हैं जबकि उन्हें SSC परीक्षा में सम्मिलित नहीं किया गया है। इन विषयों में इनपुट आउटपुट, स्टेटमेंट-आर्गुमेंट, स्टेटमेंट-कोर्स ऑफ़ एक्शन और स्टेटमेंट-अवधारानाएँ शामिल हैं। इनमें से कठिनाई स्तर IBPS परीक्षाओं में काफी अधिक होता है, जिससे यह परीक्षा काफी कठिन और ज्यादा समय लेने वाली लगती है।

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सामयिकी/कर्रेंट अफेयर्स

IBPS परीक्षा में वर्तमान मामलों का बहुत महत्व है। IBPS परीक्षा में यह सबसे अधिक स्कोरिंग और आसान अनुभाग है। कर्रेंट अफेयर्स अनुभाग के प्रश्नों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रासंगिकता के समकालीन घटनाओं पर प्रश्न शामिल हैं|  ये प्रश्न IBPS में बहुत अधिक संख्या में पूछे जाते है। हालांकि, जब हम SSC परीक्षाओं के बारे में बात करते हैं, तो आपको इस डोमेन से शायद ही 1-2 सवाल मिलेंगे। SSC सामान्य ज्ञान के किसी भी विशेष क्षेत्र पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित नहीं करता है| इसमें इतिहास, भूगोल, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, भारतीय संस्कृति, भारतीय राजनीति, अर्थशास्त्र और सामान्य ज्ञान अनुभाग के तहत अन्य विषय से प्रश्नों को पूछा जाता हैं।

अंग्रेजी अनुभाग का भार (Weightage)

SSC परीक्षा में, अंग्रेजी अनुभाग का 25% भार है, क्योंकि इसमें 100 प्रश्नों में से 25 प्रश्न पूछे जाते हैं। जबकि IBPS में, अंग्रेजी भाषा के अनुभाग का 30% का भार है, अर्थात 100 प्रश्नों में से 30 सवाल अंग्रेजी अनुभाग से पूछे जाते हैं। IBPS परीक्षा में अंग्रेजी प्रश्न अधिक विवरणात्मक होते हैं क्योंकि इसमें कॉम्प्रिहेंशन पैराग्राफ का कठिनाई स्तर अधिक होता हैं और क्लोज़ परीक्षण के प्रश्नों को नियमित रूप से पूछा जाता है। जबकि SSC में एक शब्द प्रतिस्थापन और मुहावरों व वाक्यांशों जैसे विषयों पर ज्यादा केंद्रित होता है। कुल मिलाकर, आपको अनुभव होगा कि IBPS परीक्षाओं में इंग्लिश लैंग्वेज को पढ़ने और उपयोग करने के कौशल का आकलन करने हेतु अधिक कठिन प्रश्नों को सम्मिलित किया जाता हैं|

बैंकिंग जागरूकता

बैंकिंग जागरूकता IBPS परीक्षाओं की एक विशिष्ट विशेषता है। आपको बैंकिंग उद्योग और वित्त से संबंधित प्रश्न, आरबीआई, नवीनतम वित्तीय विकास, बैंकिंग शर्तों और भारतीय बैंकिंग की संरचना सहित अन्य टॉपिक्स पर भी प्रश्न मिलेगे। जबकि SSC परीक्षा में सामान्य ज्ञान अनुभाग के अंतर्गत वित्त और अर्थशास्त्र से अधिकतम 2-3 सवाल पूछे जाते हैं। इसलिए, आपको IBPS परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए अलग से इस अनुभाग के लिए तैयारी करनी होगी।

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डेटा व्याख्या और डेटा पर्याप्तता

SSC परीक्षा में पूछे गये डेटा विश्लेषण के सवाल IBPS परीक्षाओं की तुलना में काफी सरल और आसान होते है। हालांकि IBPS इस विषय से बहुत जटिल, मुश्किल और लंबी गणना वाले प्रश्नो को परीक्षा में डालता है। इसलिए, इन प्रश्नों को हल करने के लिए शॉर्टकट विधियों का ज्ञान और अत्यधिक अभ्यास की आवश्यकता होती है| DI के अलावा, DS एक ऐसा विवरणात्मक क्षेत्र है जिसमें से अधिक जटिल और सामान्य प्रश्न तैयार किए जाते हैं। इसलिए, IBPS परीक्षा में योग्यता हासिल करने के लिए इस क्षेत्र में भी आपको मेहनत करनी होगी। SSC परीक्षाओं में डेटा पर्याप्तता से प्रश्न नहीं पूछे जाते हैं। इस परिप्रेक्ष्य से, IBPS, SSC को क्रैक करने की तुलना में बहुत कठिन परीक्षा है|

उपर्युक्त तथ्यों के अलावा, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का पैटर्न बदलता रहता है। ऐसे गतिशील परिदृश्य में, हर उम्मीदवार को अपनी जानकारी का अद्यतन (updation) और समय-समय पर SSC और IBPS द्वारा अपलोड की गई नई सूचनाओं की जांच करते रहना चाहिए। अधिक मूल्यवान जानकारी के लिए, www.jagranjosh.com  पर नियमित रूप से आते रहें।

गुड लक!

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