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Port और Harbour में क्या होता है अंतर, जानें

Last Updated: Mar 24, 2023, 14:07 IST

आपने Port और Harbour के बारे में सुना होगा। दोनों ही शिप से जुड़े हैं। हालांकि, इन दोनों के बीच अंतर को लेकर कई बार लोग दुविधा में पड़ जाते हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से इन दोनों के बीच अंतर बताने जा रहे हैं, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

पोर्ट और हार्बर में अंतर
पोर्ट और हार्बर में अंतर

दुनिया में यातायात के कई साधन हैं। इसी में जल यातायात भी प्रमुख साधन है। यात्रियों से लेकर सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए जल यातायात का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए बड़े-बड़े शिप से लेकर कार्गो शिप अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि, जिस तरह किसी रेल या बस का स्टेशन और स्टैंड होता है, ठीक वैसे ही शिप के लिए भी  Port और Harbour होता है। हालांकि, लोग अक्सर इन दोनों के बीच अंतर को लेकर दुविधा में पड़ जाते हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से इन दोनों के बीच अंतर बताने जा रहे हैं, जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें। 

 

क्या होता है Port

Port  Water Body और Land को जोड़ने का काम करता है। यहां पर आमतौर पर क्रेन, फोर्कलिफ्ट व वेयरहाउस का इस्तेमाल होता है। पोर्ट का इस्तेमाल व्यावसायिक तौर पर होता है, जिसके माध्यम से शिप में लोडिंग और अनलोडिंग की जाती है। 

 

सुविधाएं भी होती हैं उपलब्ध

पोर्ट पर रेस्तरां, होटल, शिपबिल्डिंग और रिपेयर कंपनी भी उपलब्ध होती है। इसके साथ ही यहां से कस्टम का काम भी संभाला जाता है। किसी भी देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामान को लाने और ले जाने के के लिए पोर्ट अहम भागीदारी निभाता है। ऐसे में देश की आर्थिक गतिविधियों में इसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। 

 

क्या होता है Harbour

Harbour आमतौर पर पैसेंजर या कार्गो शिप के रूकने का स्थान होता है। जब भी समुद्र में किसी प्रकार का तूफान आता है, तब शिप को किसी स्थान पर रोका जाता है। ऐसे में Harbour वह स्थान होता है, जहां शिप कुछ देर के लिए रूक सकते हैं। हालांकि, यह सिर्फ रूकने का स्थान होते हैं, यहां पर अधिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होती हैं। आमतौर पर जहां Harbour होता है, वहां गहराई अधिक होती है, जिससे शिप का Anchor गहराई में पहुंच पकड़ बना सके। 

 

दो तरह के होते हैं Harbour

 

Artificial Harbour

 

यह Harbour इंसान द्वारा बनाया गया होता है, जहां पर सभी प्रबंध खुद ही किए जाते हैं। इसके लिए गहराई तय कर Harbour का निर्माण किया जाता है।

 

Natural Harbour

यह Harbour प्राकृतिक रूप से बने होते हैं, जहां पहले से ही अधिक गहराई मौजूद होती है और सभी परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें Harbour बनाया जाता है। 



Port और Harbour में प्रमुख अंतर 

-Port वह होते हैं, जहां से शिप यात्रियों और सामान को लेकर अपनी यात्रा शुरू करते हैं, जबकि Harbour वे हैं, जहां शिप किसी प्रकार की परेशानी में रूकते हैं।

 

-पोर्ट सिर्फ इंसानों द्वारा बने होते हैं, जबकि हार्बर प्राकृतिक व इंसानों द्वारा बने हो सकते हैं।

 

-पोर्ट का मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक होता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार किया जा सके, जबकि हार्बर का मुख्य उद्देश्य खराब मौसम में शिप को सुरक्षा प्रदान करना होता है।

 

-पोर्ट पर आपको होटल, रेस्तरां व रिपेयर कंपनी जैसी सुविधाएं मिल जाएंगी, जबकि हार्बर पर यह सुविधा कम देखने को मिलेंगी। 



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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Mar 24, 2023, 14:03 IST

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