मिराज 2000 के बारे में रोचक तथ्य

डसॉल्ट मिराज 2000 जेट विमान को फ़्रांस ने 10 मार्च 1978 में बनाया था और इसे फ़्रांस की वायुसेना में जुलाई 1984 शामिल किया गया था. यह विमान 2,000 किमी/घंटा की गति से उड़ान भरने में सक्षम है. भारत के पास लगभग 1720 एयरक्राफ्ट हैं जबकि भारत की वायुसेना के बेड़े में लगभग 49 मिराज लड़ाकू विमान हैं. डसॉल्ट मिराज 2000 एक फ्रांसीसी मल्टीरोल, डबल-इंजन वाला  चौथी पीढ़ी का जेट फाइटर है जो डसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित है.
Feb 27, 2019 12:10 IST
    MIRAGE 2000

    भारत की वायुसेना को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना माना जाता है. भारत के पास लगभग 1720 एयरक्राफ्ट हैं जबकि भारत की वायुसेना के बेड़े में लगभग 49 मिराज लड़ाकू विमान हैं. डसॉल्ट मिराज 2000 एक फ्रांसीसी मल्टीरोल, डबल-इंजन चौथी पीढ़ी का जेट फाइटर है जो डसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित है. इसे 1970 के अंत में फ्रांसीसी वायु सेना के लिए मिराज III को रिप्लेस करने के लिए एक हल्के लड़ाकू के रूप में डिजाइन किया गया था.

    फ्रांस के इस सामरिक, मल्टीरोल फाइटर / बॉम्बर को कम ऊंचाई के साथ तेज गति से करने के लिए दुश्मन के भीतरी ठिकानों पर हमला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

    जब यह पूरी तरह से लोड हो जाता है तो यह 30 मिमी रॉकेट, कई अलग-अलग प्रकार की मिसाइलें और लेजर-गाइडेड बम ले जाता है. मिराज 2000 को सबसे कुशल और प्रभावी तरीके से अधिकतम नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया है. यह स्पष्ट है कि भारत इस लड़ाकू जेट पर इतना अधिक विश्वास क्यों करता है.

    जानिये भारत को राफेल विमान की जरुरत क्यों पड़ी?

    डसॉल्ट मिराज 2000 के बारे में कुछ रोचक तथ्य इस प्रकार हैं;

    1. इसको बनाने वाला देश फ़्रांस है और इसकी पहली उड़ान 10 मार्च 1978 को भारी गयी थी.

    2 . इसे फ़्रांस वायुसेना में शामिल किया गया: जुलाई 1984

    3. निर्माता: डसॉल्ट एविएशन (यही कंपनी राफेल भी बनाती है)

    4. स्पीड: मिराज 2000 की अधिकतम गति 2,000 किमी या 1243 मील प्रति घंटे है.

    5. इंजन के प्रकार: टरबोफेन, स्नेकमा M53

    6. किन किन देशों में इस्तेमाल किया जाता है: फ्रांसीसी वायु सेना, भारत की वायुसेना, ब्राज़ील, कतर, पेरू, संयुक्त अरब अमीरात वायु सेना, रिपब्लिक ऑफ चाइना एयर फोर्स (ताइवान)

    7. अब तक कितने जेट बने हैं: लगभग 601

    8. एक विमान की लागत: लगभग 30 मिलियन डॉलर (आधिकारिक नहीं)

    9. मिराज के निम्न वेरिएंट बनाये जा चुके हैं;

    a. मिराज 2000 C

    b. मिराज 2000 B

    c. मिराज 2000 N

    d. मिराज 2000 D

    e. मिराज 2000-5F

    f. मिराज 2000 E

    10. किसी भी विमान को उडान भरने के लिए ज्यादा रनवे की जरुरत पड़ती है लेकिन मिराज 2000 की यह विशेषता है कि यह बहुत कम अर्थात लगभग 400 मीटर या इससे कम के रनवे से भी उडान भर सकता है.

    11. आवाज के माध्यम से कमांड:

    इस विमान की यह भी एक बहुत बड़ी खासियत है कि यह 2000 किमी प्रति घंटा की उड़ान भरने के दौरान भी ड्राईवर की आवाज से नियंत्रित किया जा सकता है. अर्थात प्लेन की कार्यक्षमता का एक बड़ा हिस्सा वॉइस कमांड के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है जिसे आर्ट वॉयस रिकग्निशन सॉफ़्टवेयर के माध्यम से चलाया जाता है.

    12. स्कैनिंग रेंज की क्षमता;

    मिराज 2000 के बारे में चिंताओं में से एक तथ्य यह है कि इसमें केवल 145 किमी. की स्कैनिंग रेंज है, जो अन्य लड़ाकू जेट की तुलना में कम है. हालांकि, इसकी एक खूबी भी है कि इसका रडार एक साथ दो से अधिक लक्ष्यों को टारगेट करने की क्षमता रखता और दुश्मनों के लिए इसके रडार को जाम करना असंभव है.

    तो ये थे मिराज 2000 के बारे में 12 रोचक तथ्य; उम्मीद है कि इनको पढने के बाद आपका विश्वास भारत की वायुसेना पर और बढ़ा होगा.

    राफेल जैसे दुनिया के 6 सबसे खतरनाक लड़ाकू विमान

    जानिये राफेल विमान की क्या विशेषताएं हैं?

    Loading...

    Register to get FREE updates

      All Fields Mandatory
    • (Ex:9123456789)
    • Please Select Your Interest
    • Please specify

    • ajax-loader
    • A verifcation code has been sent to
      your mobile number

      Please enter the verification code below

    Loading...
    Loading...