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1857 के बाद ब्रिटिश भारत के अधिनियमों पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

03-AUG-2018 18:31
    GK Questions and Answers on the Acts after 1857 during British India HN

    किसी भी देश का संविधान उसकी राजनीतिक व्यवस्था का वह बुनियादी सांचा-ढांचा निर्धारित करता है, जिसके अंतर्गत उसकी जनता शासित होती है। भारत का संविधान कही न कही ब्रिटिश के लाये गए अच्छे और निरंकुश अधिनियमों की ही देंन है की भारत आधुनिक संस्थागत ढांचे के साथ पूर्ण संसदीय लोकतंत्र बना।

    1. निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश अधिनियम के अनुसार नियंत्रण बोर्ड और निदेशक मंडल को समाप्त कर द्वैत सरकार की प्रणाली समाप्त कर दिया था?

    A. भारत सरकार अधिनियम, 1858

    B. भारतीय परिषद अधिनियम, 1861

    C. अधिनियम 1892

    D. भारतीय परिषद अधिनियम, 1909

    Ans: A

    व्याख्या: भारत सरकार अधिनियम (1858)' के अनुसार 'बोर्ड ऑफ़ डाइरेक्टर्स' एवं 'बोर्ड ऑफ़ कन्ट्रोल' के समस्त अधिकार 'भारत सचिव' को सौंप दिये गये। भारत सचिव ब्रिटिश मंत्रिमण्डल का एक सदस्य होता था, जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय 'भारतीय परिषद' का गठन किया गया था, जिसमें 7 सदस्यों की नियुक्ति 'कोर्ट ऑफ़ डायरेक्टर्स' एवं शेष 8 की नियुक्ति ब्रिटिश सरकार करती थी। इन सदस्यों में आधे से अधिक के लिए यह शर्त थी कि वे भारत में कम से कम 10 वर्ष तक रह चुके हों। इस अधिनियम के लागू होने के बाद 1784 ई. के 'पिट एक्ट' द्वारा स्थापित द्वैध शासन पद्धति पूरी तरह समाप्त हो गयी। देशों व राजाओं का क्राउन से प्रत्यक्ष सम्बन्ध स्थापित हो गया और डलहौज़ी की 'राज्य हड़प नीति' निष्प्रभावी हो गयी। इसलिए, A सही विकल्प है।

    2. निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश अधिनियम ने तीन प्रेसीडेंसी को एक सामान्य प्रणाली में एकत्रित कर दिया था?

    A. भारत सरकार अधिनियम, 1858

    B. भारतीय परिषद अधिनियम, 1861

    C. अधिनियम 1892

    D. भारतीय परिषद अधिनियम, 1909

    Ans: B

    व्याख्या: भारतीय परिषद् अधिनियम-1861 का निर्माण देश के प्रशासन में भारतीयों को शामिल करने के उद्देश्य से बनाया गया था। इस अधिनियम के तहत अलग-अलग प्रेसीडेंसियों बम्बई, मद्रास और बंगाल को एक सामान्य प्रणाली के तहत लाया गया। इसलिए, B सही विकल्प है।

    3. निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश अधिनियम ने भारत में संसदीय प्रणाली की नींव रखी थी?

    A. भारत सरकार अधिनियम, 1858

    B. भारतीय परिषद अधिनियम, 1861

    C. अधिनियम 1892

    D. भारतीय परिषद अधिनियम, 1909

    Ans: C

    व्याख्या: ब्रिटेन की संसद द्वारा 1892 ई. में एक अधिनियम पारित किये गए जिसके द्वारा विधान परिषदों की सदस्य संख्या में वृद्धि कर उन्हें सशक्त बनाया गया , जिसने भारत में संसदीय प्रणाली की आधारशिला रखी। इस अधिनियम से पूर्व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1885 ई. से लेकर 1889 ई. तक के अपने अधिवेशनों में कुछ मांगे प्रस्तुत कर चुकी थी। इसलिए, C सही विकल्प है।

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     4. निम्नलिखित में से कौन सा ब्रिटिश अधिनियम ने प्रांतीय स्वायत्तता के प्रावधान को शामिल किया गया था?

    A. भारत सरकार अधिनियम, 1858

    B. भारतीय परिषद अधिनियम, 1861

    C. भारतीय परिषद अधिनियम, 1892

    D. भारत सरकार अधिनियम, 1935

    Ans: D

    व्याख्या: 1935 के अधिनियम ने प्रान्तों की तत्कालीन स्थिति में सुधार किया था क्योंकि इसमें प्रांतीय स्वायत्तता  के प्रावधान को शामिल किया गया था। इस व्यवस्था के अनुसार प्रांतीय सरकारों के मंत्रियों को विधायिका के प्रति उत्तरदायी बनाया गया, साथ ही विधायिका के अधिकारों में वृद्धि भी की गयी। इसलिए, C सही विकल्प है।

    5. संघीय न्यायालय की स्थापना के लिए निम्नलिखित में से कौन सा ब्रिटिश अधिनियम प्रदान किया गया है?

    A. भारत सरकार अधिनियम, 1858

    B. भारत सरकार अधिनियम, 1935

    C. भारतीय परिषद अधिनियम, 1892

    D. भारतीय परिषद अधिनियम, 1861

    Ans: B

    व्याख्या: भारत सरकार अधिनियम, 1935 के द्वारा संघीय न्यायालय की स्थापना की गयी। इसलिए, B सही विकल्प है।

    6. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें।

    I. इस अधिनियम के अनुसार ब्रिटिश ने सांप्रदायिक निर्वाचन मंडल का भी प्रारंभ किया जिसका उद्देश्य हिन्दू व मुस्लिमों के बीच मतभेद पैदा कर उनकी एकता को ख़त्म करना था। इस व्यवस्था के तहत परिषद् की कुछ सीटें मुस्लिमों के लिए आरक्षित कर दी गयी जिनका निर्वाचन भी मुस्लिमों मतदाताओं द्वारा ही किया जाना था।

    II. भारत शासन अधिनियम को, भारत सचिव और वायसराय के नाम पर, मॉर्ले-मिन्टो सुधार भी कहा जाता है।

    उपरोक्त में से कौन सा कथन भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 के सन्दर्भ में सही है?

    A. Only I

    B. Only II

    C. Both I and II

    D. Neither I nor II

    Ans: C

    व्याख्या: 1909 ई. के भारत शासन अधिनियम को ,भारत सचिव और वायसराय के नाम पर, मॉर्ले-मिन्टो सुधार भी कहा जाता है। इस अधिनियम द्वारा ब्रिटिश ने सांप्रदायिक निर्वाचन मंडल का भी प्रारंभ किया जिसका उद्देश्य हिन्दू व मुस्लिमों के बीच मतभेद पैदा कर उनकी एकता को ख़त्म करना था। इस व्यवस्था के तहत परिषद् की कुछ सीटें मुस्लिमों के लिए आरक्षित कर दी गयी जिनका निर्वाचन भी मुस्लिमों मतदाताओं द्वारा ही किया जाना था। इसलिए, C सही विकल्प है।

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    7. निम्नलिखित का मिलान करे:

           Set I

    A. भारत सरकार अधिनियम, 1935

    B. भारत सरकार अधिनियम, 1919

    C. भारतीय परिषद अधिनियम, 1909

    D. 1892 का अधिनियम

          Set II

    1. प्रतिनिधित्व के सिद्धांत का परिचय

    2. पृथक मतदाता का प्रावधान

    3. अधिनियम ने द्वैध शासन का प्रावधान दिया था

    4. संघीय न्यायालय की स्थापना

    Code:

       a   b   c   d

    A. 1   2   3   4

    B. 4   3   2   1

    C. 1   4   3   2

    D. 4   1   2   3

    Ans: B

    व्याख्या: सही मिलान नीचे दिया गया है:

    भारत सरकार अधिनियम, 1935 - संघीय न्यायालय की स्थापना

    भारत सरकार अधिनियम, 1919- अधिनियम ने द्वैध शासन का प्रावधान दिया था

    भारतीय परिषद अधिनियम, 1909- पृथक मतदाता का प्रावधान

    1892 का अधिनियम - प्रतिनिधित्व के सिद्धांत का परिचय

    इसलिए, B सही विकल्प है।

    8. Assertion (A): भारत सरकार अधिनियम, 1935 ने केंद्र में द्वैध शासन की व्यवस्था की गयी। संघीय विषयों को दो भागों में संरक्षित एवं हस्तान्तरित में विभाजित किया गया। संरक्षित विषय का प्रशासन गवर्नर-जनरल कुछ पार्षदों की सहायता से करता था, जो संघीय व्यवस्थापिका के प्रति उत्तरदायी नहीं थे। हस्तान्तरित विषयों का प्रकाशन गवर्नर-जनरल व मंत्रियों को सौंपा गया। मंत्री विधान मण्डल के सदस्यों में से चुने जाते थे तथा उसके प्रति उत्तरदायी होते थे।

    Reason (R): इस अधिनियम में एक 'अखिल भारतीय संघ' की व्यवस्था की गयी। इस संघ का निर्माण ब्रिटिश भारत के प्रान्तों, चीफ़ कमिश्नर प्रान्तों व देशी रियासतों से मिलाकर होने था, किन्तु यह व्यवस्था लागू न हो सकी, क्योंकि प्रस्तावित संघ में भारतीय प्रान्तों का सम्मिलित होना अनिवार्य था, परन्तु भारतीय रियासतों का सम्मिलित होना वैकल्पिक था। प्रान्तों में द्वैध शासन समाप्त कर प्रान्तीय स्वायत्ता की व्यवस्था की गयी।

    Code:

    A. A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

    B. A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या नहीं है।

    C. A सही है लेकिन R ग़लत है।

    D. A और R दोनों सही हैं

    Ans: B

    व्याख्या: भारत सरकार अधिनियम, 1935 के द्वारा  केंद्र में द्वैध शासन की व्यवस्था की गयी। संघीय विषयों को दो भागों में संरक्षित एवं हस्तान्तरित में विभाजित किया गया। संरक्षित विषय का प्रशासन गवर्नर-जनरल कुछ पार्षदों की सहायता से करता था, जो संघीय व्यवस्थापिका के प्रति उत्तरदायी नहीं थे। हस्तान्तरित विषयों का प्रकाशन गवर्नर-जनरल व मंत्रियों को सौंपा गया। मंत्री विधान मण्डल के सदस्यों में से चुने जाते थे तथा उसके प्रति उत्तरदायी होते थे।

    इस अधिनियम में एक 'अखिल भारतीय संघ' की व्यवस्था की गयी। इस संघ का निर्माण ब्रिटिश भारत के प्रान्तों, चीफ़ कमिश्नर प्रान्तों व देशी रियासतों से मिलाकर होने था, किन्तु यह व्यवस्था लागू न हो सकी, क्योंकि प्रस्तावित संघ में भारतीय प्रान्तों का सम्मिलित होना अनिवार्य था, परन्तु भारतीय रियासतों का सम्मिलित होना वैकल्पिक था। प्रान्तों में द्वैध शासन समाप्त कर प्रान्तीय स्वायत्ता की व्यवस्था की गयी। अधिनियम के तहत एक संघीय न्यायालय एवं 'रिजर्व बैंक ऑफ़ इण्डिया' की स्थापना की गयी।

    इसलिए, B सही विकल्प है।

    9. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें।

    I. केंद्र में द्विसदनात्मक विधायिका की स्थापना।

    II. पहली बार महिलाओं को (सीमित मात्रा में) मत देने का अधिकार।

    उपरोक्त में से कौन सा कथन मोंटगु-चेम्सफोर्ड सुधार के सन्दर्भ में सही है?

    A. Only I

    B. Only II

    C. Both I and II

    D. Neither I nor II

    Ans: C

    व्याख्या: भारत सरकार अधिनियम, को  'मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार' के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस अधिनियम के पारित होने के समय मांटेग्यू भारत सचिव तथा चेम्सफोर्ड वायसराय थे। इस अधिनियम की विशेषता: केंद्र में द्विसदनात्मक विधायिका की स्थापना;  केंद्र में प्रत्यक्ष निर्वाचन व्यवस्था; प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली की शुरुआत; पहली बार महिलाओं को (सीमित मात्रा में) मत देने का अधिकार; केन्द्रीय बजट को राज्य के बजट से अलग किया गया। इसलिए, C सही विकल्प है।

    10. निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश अधिनियम ने लोक सेवा आयोग की स्थापना की थी?

    A. भारत सरकार अधिनियम, 1919

    B. भारत सरकार अधिनियम, 1935

    C. भारतीय परिषद अधिनियम, 1909

    D. 1892 का अधिनियम

    Ans: A

    व्याख्या: भारत सरकार अधिनियम, 1919 द्वारा भारत में लोक सेवा आयोग की स्थापना की गयी थी। इसलिए, A सही विकल्प है।

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