लीवर के बारे में 10 महत्वपूर्ण तथ्य

लीवर मानव शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है. यह हमारे शरीर में कई प्रकार के कार्य करता है. त्वचा के बाद दूसरा सबसे बड़ा अंग लीवर ही है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि लीवर हमारे शरीर में क्या-क्या कार्य करता है, कैसे करता है आदि कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में.
Mar 9, 2018 17:58 IST
    10 important facts about Liver

    मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग लीवर होता है और त्वचा के बाद दूसरा सबसे बड़ा अंग यही है. यह हमारे पेट के दाहिने और स्थित है. लीवर को अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे जिगर, यकृत आदि. क्या आप जानते हैं कि यदि यकृत काम करना बंद कर दें तो एक व्यक्ति की मौत हो सकती है? इसका वजन 2.5 से लेकर 3 पोंड तक हो सकता है. लीवर हमारे शरीर में बहुत सी क्रियाओं को करने में मदद करता है. यह एक कशेरुक या रीढ़ की हड्डी वाले जानवरों में मौजूद होता है. चयापचय में भी मदद करता है. यह वसा को जलाने में मदद करता है और शरीर के वजन को बनाए रखता है. आइये इस लेख में लीवर के कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में अध्ययन करते हैं और साथ ही यह कैसे कार्य करता है और हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण क्यों होता है.
    लीवर के बारे में 10 महत्वपूर्ण तथ्य
    1. लीवर की पहचान दोहरी है
    लीवर सबसे बड़ी ग्रंथि और मानव शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है. व्यस्क व्यक्ति में लीवर का वजन 1.3 से 1.6 किलोग्राम तक होता है. यह रंग में लाल या भूरे रंग का होता है. लीवर शरीर से जहरीले या रसायनों को पित्त के रूप में फिल्टर करता है और ये मल या मूत्र के रूप में शरीर से बहार निकालता है. पित्त यकृत में बनता है और मल का भूरा रंग भी इसी के कारण होता है.
    2. लीवर का मुख्य कार्य
    लीवर लगभग 300 से ज्यादा विभिन्न प्रकार के कार्य हमारे शरीर में करता है जैसे रक्त में शर्करा को नियंत्रण करना, विषाक्त पदार्थ को अलग करना, ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलना, प्रोटीन पोषण की मात्रा को संतुलन करना आदि. क्या आप जानते है कि लीवर शरीर में रक्त बनाता है और यह काम वह जन्म से पहले ही शुरू कर देता है.
    3. लीवर फिर से उत्पन्न हो सकता है
    हमारे शरीर में लीवर ही एकमात्र ऐसा अंग है जो पुनर्जन्म कर सकता है या पूरी तरह से फिर से उत्पन्न हो सकता है. ऐसा करने के लिए केवल 25% मूल ऊतक की आवश्यकता होती है. 2009 के जर्नल ऑफ सेल फिजियोलॉजी के एक
    अध्ययन के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को लीवर ट्रांसप्लांटेशन की जरूरत होती है और कोई एक व्यक्ति लीवर का थोड़ा सा हिस्सा दान करता है तो यह लगभग दो हफ्तों में अपने मूल आकार में लौट आता है.
    4. लीवर कार्बोहाइड्रेट के चयापचय में और पानी के भंडारण में सक्रीय भूमिका निभाता है
    जैसा की हम जानते है कि लीवर मानव शरीर में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है और यदि किसी व्यक्ति का लीवर फैटी हो जाता है तो उसे टाइप 2 मधुमेह हो सकता है. यह ग्लाइकोजन में कार्बोहाइड्रेट समृद्ध खाद्य पदार्थों से ग्लूकोज को धर्मान्तरित करता है और लीवर में जमा करता है. यह ऊर्जा के स्तर को उच्च रखने में भी मदद करता है. सबसे अनोखी बात यह है कि ग्लाइकोजन 6 बार अपने वजन से अधिक पानी को अवशोषित करता है, इसलिए भी लीवर पानी के भंडारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

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    5. लीवर हार्मोन के चयापचय में भी मदद करता है
    हार्मोन के टूटने में लीवर एक अहम भूमिका निभाता है. यह एस्ट्रोजेन को तोड़कर bile यानी पित्त को बनाता है जो कि आंतों में उत्सर्जन के लिए प्रवेश करती है. अगर लीवर अधिक काम करता है तो यह एस्ट्रोजेन ठीक से स्रावित नहीं करेगा जिसके कारण मासिक धर्म में ऐंठन, तरल पदार्थ के प्रतिधारण आदि के लक्षण हो सकते है. यदि लीवर एण्ड्रोजन हॉर्मोन को सही से नहीं तोड़ता है जो कि पुरुषों में होता है तो उनमें मुँहासे, बालों का झड़ने, गंजापन आदि लक्षण हो सकते हैं.
    6. कहीं न कहीं मस्तिष्क का फ़ंक्शन लीवर पर निर्भर करता है
    लीवर द्वारा प्लाज्मा ग्लूकोज और अमोनिया के स्तर को नियंत्रित किया जाता है. अगर यह नियंत्रण से भार हो जाए तो hepatic encephalopathy नामक बिमारी हो सकती है और इंसान कोमा में जा सकता है. तो, हम यह कह सकते हैं कि यदि हम चाहते हैं कि मस्तिष्क ठीक से काम करे, तो लीवर का सही प्रकार से काम करना अनिवार्य है.
    7. लीवर विटामिन और खनिज का भंडार है
    क्या आप जानते हैं कि लोहे और तांबे के साथ विटामिन A, D, E, K और B12 लीवर में जमा होते हैं? यह विटामिन D को अपने सक्रिय रूप में परिवर्तित करने में भी मदद करता है.
    8. लीवर प्रोटीन को बनाने में और एक थक्केदार एजेंट के रूप में कार्य करता है
    ये हम सब जानते है कि शरीर के विकास के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है. भोजन से भी पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन की जरूरतें शरीर में पूरी नहीं हो पाती हैं. इसलिए लीवर प्रोटीन का उत्पादन करता है और यहां तक कि एंजाइमों और रसायनों को रक्त के थक्के बनाने में मदद करता है, जो कि रक्तस्राव को रोकने के लिए जरूरी होता है. जिन लोगों में लीवर अस्वस्थ होता है, उन्हें रक्तस्राव आसानी से हो सकता है.
    9. लीवर शब्द की उत्पत्ति किससे हुई है
    लीवर शब्द की उत्पत्ति ग्रीक शब्द Hepar से हुई है. इसीलिए लीवर से सम्बन्धित विषयों को Hepato, Hepatic कहा जाता है. 28 जुलाई को प्रतिवर्ष वल्र्ड हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है. लीवर शरीर से हानिकारक विषाक्त पदार्थों से बचाता है और अनजाने में खाये गये विषाक्त भोजन के दुष्प्रभाव को भी निष्क्रीय करने में अहम भूमिका निभाता है.

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    10. लीवर दवा के कनवर्टर के रूप में और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी निर्धारित करता है
    जिन दवाओं को हम खाते है वह हमारे शरीर में सीधे खपत नहीं होती है बल्कि लीवर दवा को उस रूप में परिवर्तित करते हैं जो कि हमारा शरीर आसानी से स्वीकार कर सके. इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा की लीवर के बिना दवा खाना बेकार है. दूसरी तरफ देखें तो लीवर के स्वस्थ होने पर कोलेस्ट्रॉल का स्तर निर्धारित किया जाता है. यदि लीवर फैटी है तो LDL cholesterol and triglycerides बनेगा. हम यह कह सकते हैं कि लीवर कोलेस्ट्रॉल का उत्पादन करता है जो कुछ हार्मोन को संश्लेषित और नए कोशिकाओं को उत्पन्न करता है.
    लीवर से सम्बंधित रोग
    1. ऑटोइम्यून डिसऑर्डर: इसमें मानव शरीर के तंत्रिका तन्त्र, कोशिकाओं और उतकों को नुकासन पहुंचता है. लीवर पर असर पड़ता है और उसके कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है.
    2. फैटी लीवर: जब लीवर में वसा या अधिक फैट जमा हो जाता है तो लीवर फैटी हो जाता है.
    3. लीवर फेलियर: जब लीवर से सम्बंधित बिमारी लंबे समय से हो और वह ठीक न हुई हो तो यह काम करना बंद करदेता है जिसे लीवर फेलियर कहा जाता है.
    4. लीवर कैंसर: लीवर की कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि से यह रोग पैदा होता है.
    5. लिब्र सिरोसिस: यह रोग शरीर में धीरे-धीरे बढ़ता है. इसमे लीवर सिकुड़ने लगता है और लचीलापन खो कर कठोर हो जाता है.
    तो हमने अध्ययन किया कि लीवर हमारे शरीर का एक बहुत महत्वपूर्ण अंग है जो कई कार्य करता है जैसे कि एंजाइमों और रसायनों के उत्पादन में मदद करता है. घाव या चोट लगने पर रक्तस्राव को रोकने के लिए रक्त का थक्का बनाता है. यह ग्लाइकोजन के रूप में शर्करा को भंडारित करता है. जब हमारे शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है तो ग्लाइकोजन को ग्लूकोज में तोड़ता है जो हमारे शरीर द्वारा ऊर्जा ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है.

    क्या आप जानते हैं कि किन मानव अंगों को दान किया जा सकता है

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