भारत का पहला पेपरलेस चुनाव किस राज्य में कराया गया? जानें
India’s First Paperless Election: भारत का पहला पेपरलेस पंचायत चुनाव मध्य प्रदेश में आयोजित किया गया. भोपाल शहर के बैरसिया विकासखंड के रतुआ रतनपुर ग्राम पंचायत में, 12 सितंबर 2024 को मतदान केंद्र-295 पर यह ऐतिहासिक पहल की गई. इस पहल को चुनावी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है.
India’s First Paperless Election: मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने भोपाल जिले के बैरसिया विकासखंड के रतुआ रतनपुर ग्राम पंचायत में देश का पहला कागज रहित मतदान केंद्र स्थापित कर पंचायत उपचुनाव में ऐतिहासिक कदम उठाया. मतदान केंद्र-295 पर हाल ही में हुए इस पेपरलेस मतदान में 84 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. चुनाव अधिकारियों ने इस पहल को सफल बताते हुए इसे एक नई दिशा में उठाया गया कदम करार दिया है.
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ऐसा करने वाला MP बना पहला राज्य:
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अभिषेक सिंह ने बताया कि कागज रहित मतदान प्रणाली से चुनाव प्रक्रिया सरल, सुचारू और पारदर्शी बनेगी. वर्तमान में पंचायत और नगर निगम चुनावों में कई मैन्युअल प्रक्रियाएँ होती हैं, जिनमें 26 प्रकार के फॉर्म भरने पड़ते हैं. यह प्रक्रिया समय लेने वाली होती है. उन्होंने आगे कहा, "कागज रहित मतदान प्रणाली से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कम मानव संसाधन की आवश्यकता भी पड़ेगी, जिससे वास्तविक समय के आंकड़े तैयार होंगे और सटीकता बनी रहेगी."
कैसे कराया गया मतदान:
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अभिषेक सिंह के अनुसार इस प्रक्रिया के तहत, मतदाताओं की पहचान और मतदान रिकॉर्ड के लिए उनके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान को इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज किया गया. इसके अलावा, मतदान प्रतिशत और मतपत्रों का लेखा-जोखा ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया, जिसे हर दो घंटे में सभी मंचों पर साझा किया गया. मतदान समाप्ति के बाद, उम्मीदवारों और एजेंटों को बैलेट पेपर का रिकॉर्ड ई-मेल के माध्यम से भेजा गया.
राज्य भर में लागू करने की योजना:
अभिषेक सिंह ने इस पहल की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में इस प्रक्रिया का विस्तार किया जाएगा. अभी इसे एक मतदान केंद्र पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है, लेकिन भविष्य में धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी. उन्होंने कहा, "हम आने वाले कुछ वर्षों में इस प्रक्रिया को राज्य भर में 100 प्रतिशत लागू करने की योजना बना रहे हैं. यह एक उन्नत प्रक्रिया है जिसे पहली बार यहां लागू किया गया है, और इसके परिणाम उत्साहजनक रहे हैं."
बढ़ेगी चुनावी पारदर्शिता:
कागज रहित मतदान प्रणाली से चुनावी विवादों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि गलतियाँ कम होंगी और पारदर्शिता में वृद्धि होगी. यह प्रणाली न केवल मध्य प्रदेश में, बल्कि देशभर में चुनाव सुधार की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.
क्या है आगे की योजना:
फिलहाल, मध्य प्रदेश में कागज रहित मतदान प्रणाली को केवल भोपाल जिले के बैरसिया विकासखंड के रतुआ रतनपुर ग्राम पंचायत के एक मतदान केंद्र पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है. अभी अन्य जिलों में इसे लागू नहीं किया गया है.
हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अभिषेक सिंह ने कहा है कि इस प्रणाली को भविष्य में धीरे-धीरे अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना है. यह योजना सफल होने पर, आने वाले कुछ वर्षों में इसे पूरे राज्य में 100 प्रतिशत लागू करने का लक्ष्य रखा गया है.
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Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.