त्योहार हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. त्योहारों के माध्यम से लोग एक-दूसरे के करीब आते हैं, आनंद लेते हैं और एकता की भावना पैदा होती है. आज कल व्यस्त जीवन शैली में त्योहारों के माध्यम से लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, एक साथ खुशियाँ बाटते हैं, प्रार्थना करते हैं इत्यादि. दुनिया में, त्योहार संस्कृति और प्रकृति से जुड़े हुए हैं. जैसे भारत में नवरात्रि, दशहरा, दिवाली, होली इत्यादि का अपना ही धार्मिक महत्व है.
भारत में अक्टूबर 2019 में त्योहारों की सूची
1. नवरात्रि
कब: 29 सितंबर -7 अक्टूबर, 2019
नवरात्रि नौ दिनों का त्योहार है जिसमें देवी दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती इत्यादि की सभी रूपों में पूजा की जाती है. लोग उपवास करते हैं और रात में नृत्य यानी डांडिया करते हैं. हर तरफ खुशियों का माहोल होता है. नवरात्रि पर्व दशहरे के साथ समाप्त होता है जो दसवें दिन मनाया जाता है.
2. दुर्गाष्टमी या दुर्गा पूजा अष्टमी
कब: 6 अक्टूबर, 2019
दुर्गाष्टमी को महा दुर्गाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. यह नवरात्रि के आठवें दिन मनाया जाता है. इस दिन देवी शक्ति या दुर्गा पूजा के अवतार की पूजा की जाती है. यह शाश्वत शक्ति का प्रतीक है. दुर्गाष्टमी चंद्र चरण के शुक्ल पक्ष में आती है.
3. महा नवमी
कब: 7 अक्टूबर, 2019
महा नवमी को दुर्गा नवमी के नाम से भी जाना जाता है. यह नवरात्रि के नौवें दिन मनाया जाता है. इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में भी मनाया जाता है. यह दुर्गा और राक्षस महिषासुर के बीच की लड़ाई का आखिरी दिन माना जाता है. इस दिन देवी दुर्गा की पूजा की जाती है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन देवी दुर्गा को महिषासुरमर्दिनी के रूप में पूजा जाता है जो दानव का वध करती है.
4. दशहरा
कब: 8 अक्टूबर, 2019
दशहरा का त्योहार भारत के लगभग सभी हिस्सों में उत्साह के साथ मनाया जाता है. यह एक राष्ट्रीय अवकाश है. दशहरा उत्सव को विजयदशमी के रूप में भी जाना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान राम द्वारा रावण का वध किया गया था. दुनिया के विभिन्न हिस्सों में यह दिन विभिन्न शैलियों और अनुष्ठानों में मनाया जाता है. भारत में कई स्थानों पर इस दिन रंगीन प्रदर्शनियों और मेलों का आयोजन किया जाता है.
5. करवा चौथ
कब: 17 अक्टूबर, 2019
कार्तिक माह में पूर्णिमा के बाद चौथे दिन करवा चौथ त्योहार पड़ता है. इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं. लेकिन अविवाहित लड़कियां भी भविष्य में एक अच्छा पति पाने के लिए व्रत रखती हैं. यह मुख्य रूप से उत्तर भारत में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात में मनाया जाता है.
6. धनतेरस
कब: 25 अक्टूबर, 2019
धनतेरस को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है. यह कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाता है. इसी दिन से दिवाली पर्व की शुरुआत हो जाती है. हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी दिन भगवान धनवंतरी का जन्म हुआ था.
ऐसा माना जाता है कि धनत्रयोदशी के दिन, धनवंतरी समुद्र मंथन के दौरान प्रकट हुए थे. उनके हाथों में अमृत का कलश था. धनवंतरी ने देवताओं को अम्रत पिलाकर अमर बनाया था. धन्वन्तरी के जन्म के दो दिन बाद लक्ष्मी जी प्रकट हुई थी. इसलिए दिवाली धनतेरस के दो दिन बाद मनाई जाती है.
7. काली पूजा
कब: 27 अक्टूबर, 2019
काली पूजा पर्व देवी काली को समर्पित है. यह कार्तिक के महीने में मनाया जाता है. यह दीवाली या लक्ष्मी पूजा त्योहार के साथ ही पड़ता है. देवी काली की पूजा मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, असम और उड़ीसा में की जाती है. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी काली को देवी दुर्गा के 10 अवतारों में से एक माना गया है और यह बुरी शक्तियों को नष्ट करने और दुनिया को नकारात्मक शक्तियों से बचाने के लिए जानी जाती हैं.
8. दीपावली या दीवाली
कब: 27 अक्टूबर, 2019
दीवाली रोशनी का त्योहार है. इसे दीपावली के नाम से भी जाना जाता है. यह दीपों का खास पर्व होने के कारण इसे दिवाली या दीपावली कहा गया है. दीप जलाने के पीछे कई कहानियाँ हैं जिसमें से एक है: उत्तर भारत में, लोग 14 साल के वनवास के बाद भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की अयोध्या नगरी में वापसी का जश्न दीप जलाकर मनाते हैं. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, दीपावली कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है और लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल के दौरान किया जाता है. कृष्ण भक्तिधारा के लोगों का मत है कि दीपावली के दिन ही भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का संघार किया था इसलिए दीपावली का पर्व मनाया जाता है.
9. गोवर्धन पूजा
कब: 28 अक्टूबर, 2019
गोवर्धन को अन्नकूट यानि 'अन्न का पर्वत' के नाम से भी जाना जाता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष के पहले दिन पड़ता है. यह भारत में मुख्य रूप से उत्तर भारत में विशेष रूप से मथुरा, वृंदावन, नंदगाँव, गोकुल और बरसाना सहित व्रज भूमि में मनाया जाता है. यह इसलिए मनाया जाता है क्योंकि भगवान कृष्ण ने गोकुल के लोगों को आश्रय प्रदान करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपने दाहिने हाथ की एक छोटी उंगली से उठाया था. इसीलिए लोग भगवान कृष्ण को गिरधारी या गोवर्धनधारी भी कहते हैं.
10. भाई दूज
कब: 29 अक्टूबर, 2019
भाई दूज त्योहार भाई और बहन को समर्पित है. यह भाई टीका, यम द्वितीया, भ्रात द्वितीया इत्यादि के नाम से भी जाना जाता है. भाई दूज त्योहार कार्तिक माह में मनाया जाता है. इस दिन, बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं और उनके लंबे और सफल जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं. बदले में भाई अपनी बहनों को उपहार भेंट करते हैं. भाई दूज त्योहार के साथ कई कहानियां जुड़ी हुई हैं.
एक कथा के अनुसार, भगवान कृष्ण दानव नरकासुर को मारने के बाद अपनी बहन सुभद्रा के पास गए थे. सुभद्रा ने भगवान कृष्ण का स्वागत किया और कृष्ण के माथे पर "तिलक" लगाकर उस दिन को विशेष बना दिया.
एक अन्य कथा के अनुसार, कहानी यम, मृत्यु के देवता और उनकी बहन यमुना के बारे में है. ऐसा कहा जाता है कि यम, द्वितीया तिथि पर अपनी प्रिय बहन से मिले थे जो कि अमावस्या के बाद का दूसरा दिन है और इसलिए इस अवसर को देश भर में "यमद्वितीया" के रूप में भी जाना जाता है.
अक्टूबर 2019 में भारतीय त्योहारों की सूची | |||
S. No. | त्योहार का नाम | तारीख | |
1. | नवरात्री | 29 September-7 October, 2019 | |
2. | दुर्गाष्टमी या दुर्गा पूजा अष्टमी | 6 October, 2019
| |
3. | महा नवमी | 7 October, 2019 | |
4. | दशहरा | 8 October, 2019 | |
5. | करवा चौथ | 17 October, 2019 | |
6. | धनतेरस | 25 October, 2019 | |
7. | काली पूजा | 27 October, 2019 | |
8. | दिवाली | 27 October, 2019 | |
9. | गोवर्धन पूजा | 28 October, 2019 | |
10. | भाई दूज | 29 October, 2019 |
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