अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का नेतृत्व, एक प्रबंध निदेशक (Managing Director); जो कि कर्मचारियों का प्रमुख होता है और कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्य करता है, के द्वारा किया जाता है.
IMF के प्रबंध निदेशक का चयन 24 सदस्यीय कार्यकारी बोर्ड (Executive Board) द्वारा किया जाता है. वर्ष 1947 में IMF की स्थापना के बाद से 11 प्रबंध निदेशक नियुक्त किये जा चुके हैं. IMF के सभी प्रबंध निदेशक यूरोपीय रहे हैं जिसमे सबसे अधिक केवल एक देश फ्रांस (5) से हैं.
IMF के पहले प्रबंध निदेशक श्री कैमिल गट (बेल्जियम) थे. 5 जुलाई, 2011 को क्रिस्टीन लेगार्ड ने IMF के 11वें प्रबंध निदेशक का पद संभाला था और 6 जुलाई, 2016 से वह अपना दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा कर रही हैं.
(IMF chief Christine Lagarde)
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प्रबंध निदेशक के कर्तव्य (Duties of the Managing Director)
IMF का प्रबंध निदेशक; इसमें काम कर रहे कर्मचारियों के प्रमुख होगा, उसके पास IMF के कर्मचारियों की नियुक्ति और बर्खास्तगी के अधिकार होंगे. इसके साथ-साथ प्रबंध निदेशक को IMF के कार्यकारी बोर्ड की देख रेख में काम करना होगा. IMF के प्रबंध निदेशक की सहायता के लिए प्रथम उप प्रबंध निदेशक और 3 उप प्रबंध निदेशक भी नियुक्त होंगे.
आइये अब इस लिस्ट के माध्यम से जानते हैं कि किन-किन लोगों ने IMF के प्रबंध निदेशक का पद संभाला है.
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रबंध निदेशकों की सूची इस प्रकार है;
नाम | कार्यकाल | राष्ट्रीयता |
1. केमिल गट | 6 मई 1946 – 5 मई 1951 | बेल्जियम |
2. आइवर रूथ | 3 अगस्त 1951 - 3 अक्टूबर 1956 | स्वीडन |
3. पेर जैकबसन | 21 नवंबर 1956 - 5 मई 1963 | स्वीडन |
4. पियरे-पॉल श्वित्ज़र | 1 सितंबर 1963 - 31 अगस्त 1973 | फ्रांस |
5. जोहान विट्टवेन | 1 सितंबर 1973 – 18 जून 1978 | नीदरलैंड |
6. जैक्स डे लारोसीएर | 18 जून 1978 – 15 जनवरी 1987 | फ्रांस |
7. मिशेल कैमडेसस | 16 जनवरी 1987 – 14 फरवरी 2000 | फ्रांस |
8. हॉर्स्ट कोहलर | 1 मई 2000 – 4 मार्च 2004 | जर्मनी |
9. रॉड्रिगो राटो | 7 जून 2004 – 31 अक्टूबर 2007 | स्पेन |
10. डोमिनिक स्ट्रॉस-कान | 1 नवम्बर 2007 – 18 मई 2011 | फ्रांस |
11. क्रिस्टीन लेगार्ड | 5 जुलाई 2011 – अभी तक | फ्रांस |
IMF की स्थापना के बाद से इसके सभी 11 प्रबंध निदेशक यूरोपीय लोग रहे हैं और विश्व बैंक के अध्यक्ष संयुक्त राज्य अमेरिका से रहे हैं जिसका विरोध ब्रिक्स के सदस्य देशों के द्वारा किया जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य देश भी मांग कर रहे हैं कि इन दोनों अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुखों का चयन खुली चयन नीति के आधार पर किया जाना चाहिए. अगर विश्व समुदाय इस बात पर सहमत हो जाता है तो हम उम्मीद करते है कि बहुत जल्दी ही इस पद पर किसी भारतीय का नाम लिखा जायेगा.
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