भारत का सबसे लंबा रेल पुल कौन-सा है, यहां विस्तार से पढ़ें

Last Updated: Dec 17, 2025, 13:46 IST

भारत में रेलवे को देश के आर्थिक रीढ़ की हड्डी कहा जाता है। य न सिर्फ यात्रियों को सुविधा प्रदान करती है, बल्कि देश के आर्थिक विकास के पहिये को भी रफ्तार देने का काम कर रही है। आपने भारत में अलग-अलग रेल पुलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप  देश के सबसे लंबे रेलवे पुल के बारे में जानते हैं। इस लेख में हम इस बारे में जानेंगे।

रेलवे का सबसे लंबा पुल
रेलवे का सबसे लंबा पुल

भारतीय रेलवे दुनिया का तीसरी सबसे बड़ी रेलवे है। वहीं, एशिया में इसका स्थान दूसरे पायदान पर है। रेलवे का कुल नेटवर्क 67 हजार किलोमीटर से अधिक है, जिनमें करीब 8 हजार रेलवे स्टेशन, 13 हजार से अधिक पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शामिल है। रेलवे में प्रतिदिन 2.5 करोड़ से अधिक यात्री सफर कर अपनी मंजिलों तक पहुंचते हैं।

इस दौरान रेलवे के आरामदायक सफर के साथ सुंदर प्राकृतिक नजारें भी यात्रियों को आकर्षित करते हैं। सफर के दौरान ट्रेन कई बड़ी गुफाओं और पुलों से गुजरती है। हालांकि, क्या आपने कभी रेलवे के सबसे बड़े पुल के बारे में सुना या पढ़ा है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

रेलवे में कुल कितने पुल हैं

भारतीय रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों और कुछ रिपोर्टों पर गौर करें, तो रेलवे के पास करीब 1 लाख 60,000 पुल हैं। इनमें बड़ी नदियों पर बड़े और महत्त्वपूर्ण पुलों की संख्या 700 से 800 के बीच है। वहीं, प्रमुख पुलों की संख्या 12 से 13 हजार है। छोटे नालों और रास्तों के ऊपर बने पुलों की संख्या 1 लाख से अधिक है। 

सबसे लंबा रेल पुल कौन-सा है

अब हम भारत के सबसे लंबे रेलवे पुल के बारे में जान लेते हैं। आपको बता दें कि भारत का सबसे लंबा रेल पुल असम में स्थित है, जिसे बोगीबील नाम से जाना जाता है। यह वास्तव में रेल-सह-सड़क पुल है, जिसपर ट्रेन और अन्य गाड़ियां गुजर सकती हैं। 

कितना लंबा है सबसे लंबा रेल पुल

भारत का सबसे लंबा रेल पुल कुल 4.94 किलोमीटर लंबा है, जो कि असम के डिब्रूगढ़ और धेमाजी जिलों को जोड़ता है। पुल पर नीचे की ओर दो रेलवे ट्रैक हैं, जबकि ऊपर की ओर तीन लेन की सड़क है।

पुल का निर्माण और इतिहास

पुल के निर्माण का शिलान्यास 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने किया था, लेकिन इसका निर्माण कार्य 2002 में शुरू हुआ। इस पुल को कुल 5,900 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। वहीं, 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पुल का उद्घाटन किया गया था।

पुल के बारे में रोचक तथ्य

-इस पुल की उम्र सीमा 120 वर्ष रखी गई है।

-पुल के ऊपर सड़क को इतनी मजबूती से बनाया गया है कि आपात स्थिति में इसके ऊपर फाइटर जेट को उतारा जा सकता है।

-यह भारत का इकलौता ऐसा पुल है, जो कि पूरी तरह वेल्डिंग से बना है। पुल में कहीं भी नट-बोल्ट या रिवेट्स का इस्तेमाल नहीं हुआ है।

-इस पुल की उम्र सीमा 120 वर्ष रखी गई है।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Dec 17, 2025, 13:46 IST

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