प्रवर्तन निदेशालय (ED) क्या है और इसके क्या कार्य हैं?

प्रवर्तन निदेशालय (Directorate General of Economic Enforcement), भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन एक विशेष वित्तीय जांच एजेन्सी है जिसका मुख्यालय नयी दिल्ली में स्थित है. ईडी के प्रमुख कार्यों में; फेमा, 1999 के उल्लंघन से संबंधित मामलों, हवाला लेन देनों और फॉरेन एक्सचेंज रैकेटियरिंग के मामलों की जांच करना शामिल है.
Feb 19, 2019 16:28 IST
    Enforcement Directorate-ED Logo

    वर्तमान परिपेक्ष्य में भारत में 'प्रवर्तन निदेशालय' शब्द सबसे अधिक चर्चा में है लेकिन इस गैर संवैधानिक निकाय के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है. इसलिए इस लेख में हमने प्रवर्तन निदेशालय का अर्थ और कार्यों के बारे में बताया है जो लोकप्रिय रूप से ED के नाम से भी जाना जाता है.

    'प्रवर्तन निदेशालय' के बारे में;

    प्रवर्तन निदेशालय, वर्ष 1956 में स्थापित किया गया था. प्रवर्तन निदेशालय (Directorate General of Economic Enforcement), भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन एक विशेष वित्तीय जांच एजेन्सी है जिसका मुख्यालय नयी दिल्ली में स्थित है. ईडी के प्रमुख कार्यों में; फेमा, 1999 के उल्लंघन से संबंधित मामलों, "हवाला" लेन देनों और फॉरेन एक्सचेंज रैकेटियरिंग के मामलों की जांच करना शामिल है.

    ED HEAD OFFICE DELHI

    यह निदेशालय, विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 के नियमों के तहत कार्यवाही करता था लेकिन बाद में फेरा को फेमा द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया था.

    प्रवर्तन निदेशालय के 10 ज़ोनल कार्यालय हैं, जिनमें से प्रत्येक में एक उप-निदेशक और 11 उप-क्षेत्रीय कार्यालय हैं, जिनमें से प्रत्येक का नेतृत्व एक सहायक निदेशक करता है.

    जोनल कार्यालयों की सूची इस प्रकार है;
    1. मुंबई

    2. दिल्ली

    3. चेन्नई

    4. कोलकाता

    5. चंडीगढ़

    6. लखनऊ

    7. कोचीन

    8. अहमदाबाद

    9. बैंगलोर

    10. हैदराबाद

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    प्रवर्तन निदेशालय के मुख्य कार्य इस प्रकार हैं;

    1.ईडी; फेमा के प्रावधानों के संदिग्ध उल्लंघन की जांच करता है.  संदिग्ध उल्लंघनों में शामिल किया हैं;

    a. निर्यात मूल्य को अधिक आंकना और आयात मूल्य को कम आंकना

    b. हवाला लेनदेन

    c.  विदेशों में संपत्ति की खरीद

    d. भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा का कब्जा

    e. विदेशी मुद्रा का अवैध व्यापार

    f.  विदेशी विनिमय नियमों का उल्लंघन और फेमा के तहत अन्य प्रकार उल्लंघन.

    2. प्रवर्तन निदेशालय (ED), फेमा, 1999 के उल्लंघन से संबंधित खुफिया जानकारी एकत्र करता है, विकसित करता है और सम्बंधित एजेंसियों के साथ उसे साझा करता है. ED को केंद्र और राज्य की खुफिया एजेंसियों, शिकायतों आदि से खुफिया जानकारी मिलती है.

    3. ईडी के पास फेमा के उल्लंघन के दोषी पाए गए दोषियों की संपत्ति कुर्की करने की शक्ति है. धन शोधन अधिनियम [धारा 2 (1) (डी)] के अध्याय III के तहत “संपत्ति की कुर्की" का अर्थ है; संपत्ति के जब्ती, संपत्ति का हस्तांतरण, रूपांतरण और  बेचने पर रोक.

    4.धन शोधन अधिनियम के नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ; खोज, जब्ती, गिरफ्तारी, और अभियोजन की कार्रवाई आदि करना.

    5. मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत; अपराधी के हस्तांतरण के लिए राज्यों से कानूनी लेना और देना. इसके अलावा अपराधियों के हस्तांतरण से सम्बंधित कार्यवाही पूरी करना.

    6. पूर्व के FERA, 1973 और FEMA, 1999 के उल्लंघन के मामलों को निपटाने और निपटान कार्यवाही के समापन पर लगाए गए दंड का निर्णय करना.

    इस प्रकार प्रवर्तन निदेशालय (ED) की स्थापना के मुख्य उद्येश्यों में शामिल है कि देश में मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करना जिसमें उनकी संपत्ति जब्त करना शामिल है. कुल मिलाकर ED देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही करता है. वर्तमान में प्रवर्तन निदेशालय (ED) रोबर्ट वाड्रा, भगोड़े अपराधी विजय माल्या और नीरव मोदी के मामलों की जांच कर रहा है.

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