टिक-बोर्न वायरस (Tick-Borne Virus) और इसके संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

Aug 7, 2020, 13:47 IST

चीन में एक नई संक्रामक बीमारी के कारण 7 लोगों की जान चली गई है और 60 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं. पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर थमा नहीं जो कथित तौर पर वुहान, चीन से फैला था और अब एक और नया वायरस जिसे टिक-बोर्न वायरस (Tick-Borne Virus) कहा जाता है के कारण होने वाली एक नई संक्रामक बीमारी की सूचना चीन से मिली है. आखिर टिक-बोर्न वायरस और इसके संक्रमण के लक्ष्ण क्या हैं? 

Tick-Borne Virus
Tick-Borne Virus

जैसा कि हम जानते हैं पूरी दुनिया में COVID-19 महामारी के कारण लाखों लोग अपनी जान गवा चुके हैं और अब हाल ही में चीन में एक नए वायरस ने दस्तक दी है. इस नए वायरस को टिक-बोर्न वायरस (Tick-Borne Virus) कहा जाता है. अधिकारियों ने इसके मानव-से-मानव संचरण की संभावना के बारे में चेतावनी दी है.

टिक-बोर्न वायरस (Tick-Borne Virus) क्या है?

ऐसा कहा जाता है कि वायरस टिक के काटने के माध्यम से प्रेषित हो सकता है जिसे 'थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम के साथ गंभीर बुखार' ('Severe fever with thrombocytopenia syndrome') या SFTS वायरस के रूप में पहचाना जाता है. प्रमुख चीनी दैनिक ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, पूर्वी चीन के जिआंगसु प्रांत (Jiangsu Province) के साल के पहली छमाही में 37 से अधिक लोगों के इस वायरस से संक्रमित होने की सूचना दी थी. बाद में 23 लोगों को पूर्वी चीन के अनहुई प्रांत (Anhui province) में संक्रमित पाया गया था.

यहीं आपको बता दें कि यह बीमारी नई नहीं है या SFTS वायरस कोई नया वायरस नहीं है. थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (SFTS) के साथ गंभीर बुखार एक टिक-बोर्न वायरस संक्रमण है जो SFTS वायरस या SFTSV के कारण होता है जिसे हुइयांगशान बानियावायरस (Huaiyangshan banyangvirus) भी कहा जाता है. 2009 में, इसकी पहचान चीन और उसके बाद दक्षिण कोरिया, जापान और वियतनाम में हुई. 2011 में, चीन ने इस वायरस के रोगजनकों ( pathogens) को अलग कर दिया था और यह Bunyavirus श्रेणी का है या Bunyaviridae family का है.

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टिक के काटने के बारे में

टिक मूल रूप से कीड़े हैं जो आमतौर पर सड़क या घर के बाहर पाए जाते हैं. आमतौर पर, वे घास, पेड़ों, झाड़ियों और पत्तों के ढेर में रहते हैं. पर वे कुत्तों और बिल्लियों जैसे पालतू जानवरों में भी पाए जाते हैं. टिक बाईट तब होता है जब ये कीड़े त्वचा को काटते हैं. जबकि टिक बाईट आमतौर पर हानिरहित होती है और लक्षण नहीं दिखते हैं लेकिन वे कुछ बीमारियों और संक्रमणों से संक्रमित कर सकते हैं जो कि घातक भी हो सकते हैं. उदाहरण के लिए लाइम रोग (Lyme disease), southern tick-associated rash illness (STARI), रॉकी माउंटेन स्पॉटेड फीवर (Rocky Mountain spotted fever, RMSF), ehrlichiosis और tularemia.

टिक-बोर्न (Tick-Borne) बीमारी के लक्षण क्या हैं?

कई टिक-बोर्न बीमारियों के लक्षण समान हो सकते हैं. टिक संबंधी बीमारियों के सबसे आम लक्षण हैं:
- बुखार या ठंड लगना (Fever or Chills)
- चकत्ते पड़ना (Rashes)
- दर्द एवं पीड़ा (Aches and Pains). टिक-जनित रोग के लक्षणों में सिरदर्द, थकान और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं. इसके अलावा, लाइम रोग के साथ, एक व्यक्ति जोड़ों के दर्द का अनुभव कर सकता है. इन लक्षणों की शुरुआत और गंभीरता रोगी के रोग और सहनशीलता के स्तर पर निर्भर हो सकती है.

टिक-बोर्न बीमारी के परिणामस्वरूप हल्के लक्षण हो सकते हैं और इनका उपचार घर में संभव है परन्तु गंभीर संक्रमण होने पर अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है. इन बीमारियों का एंटीबायोटिक दवाओं के साथ आसानी से इलाज किया जाता है. चिकित्सकों के लिए इन बीमारियों को पहचानना (diagnose)  मुश्किल हो सकता है. इसके अलावा, ऐसा कहा जाता है कि संक्रमण की प्रारंभिक पहचान और उपचार गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम कर सकती है.

यह बीमारी कैसे फैल सकती है?

शेंग जिफांग (Sheng Jifang) के अनुसार, जो कि first affiliated hospital under Zhejiang University के एक डॉक्टर हैं, ने कहा कि मानव-से-मानव संचरण की संभावना हो सकती है और साथ ही रोगी रक्त या mucous के माध्यम से दूसरों को वायरस पारित कर सकते हैं.

Bunyaviruses के बारे में

CDC के अनुसार, Bunyaviridae एक सिंगल स्ट्रैंड वाले RNA वायरस का एक बहुत बड़ी फैमिली है, यानी 300 से अधिक वायरस. इसमें वायरस के 5 genera होते हैं, जैसे ऑर्थोबुनयावायरस (Orthobunyavirus), फेलोबोवायरस (Phlebovirus), नैरोवायरस (Nairovirus), हंतावायरस (Hantavirus) और टॉस्पोवायरस (Tospovirus).  यहीं हम आपको बता दें कि टॉस्पोवायरस (Tospovirus) केवल पौधों को संक्रमित करते हैं.

वे संचरित होते हैं और आर्थ्रोपोड्स (arthropods) (जैसे मच्छर, टिक, सैंडफ्लाइज़) और कृन्तकों (rodents) द्वारा पाए जाते हैं और कभी-कभी मनुष्यों को संक्रमित कर सकते हैं. यह भी देखा जाता है कि Bunyaviridae वायरस फैमिली के विभिन्न वायरस मनुष्यों में, पशुओं में और कभी-कभी दोनों में गंभीर बीमारी पैदा कर सकते हैं.

तो अब आप टिक-बोर्न वायरस और इसके लक्षण के बारे में जान गए होंगे.

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Shikha Goyal is a journalist and a content writer with 9+ years of experience. She is a Science Graduate with Post Graduate degrees in Mathematics and Mass Communication & Journalism. She has previously taught in an IAS coaching institute and was also an editor in the publishing industry. At jagranjosh.com, she creates digital content on General Knowledge. She can be reached at shikha.goyal@jagrannewmedia.com
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