प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिका में क्या अन्तर है

सबसे पहले कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने 1665 में की थी. अनेक जीवधारी ऐसे भी हैं जिनकी कोशिका में केन्द्रक आवरण से घिरा सुस्पष्ट केन्द्रक नहीं होता. इस प्रकार जीवधारियों में दो प्रकार की कोशिकाएं पाई जाती हैं: यूकैरियोटिक और प्रोकैरियोटिक. ये कोशिकाएं क्या होती हैं, इनमें क्या अन्तर होता है आदि के बारे में इस लेख के माध्यम से अध्यन करेंगे.
Apr 6, 2018 18:11 IST
    difference between Prokaryotic and Eukaryotic Cells

    कोशिका को Cell भी कहते है जिसका अर्थ होता है ‘एक छोटा कमरा’. कोस्जिका हमारे शरीर की रचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है. यह एक ऐसा छोटा संघटित रूप है जहां सभी प्रकार की क्रियाएं होती है जिसे सामूहिक रूप से हम जीवन कहते हैं. जो जीवाणु एक कोशिका से बना होता है उसे एककोशकीय जीव कहते हैं और जो अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना है उसे बहु कोशकीय कहते हैं. 1665 में सबसे पहले कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने की थी.
    इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी से जब विभिन्न प्रकार के जीवधारियों की कोशिकाओं का अध्ययन वैज्ञानिकों ने किया तो यह पाया कि अनेक जीवधारी ऐसे भी हैं जिनकी कोशिका में केन्द्रक आवरण से घिरा सुस्पष्ट केन्द्रक नहीं होता. इस प्रकार जीवधारियों में दो प्रकार की कोशिकाएं पाई जाती हैं: यूकैरियोटिक और प्रोकैरियोटिक.
    यूकैरियोटिक: इन कोशिकाओं में दोहरी झिल्ली के आवरण, केन्द्रक आवरण (Nuclear Envelope) से घिरा सुस्पष्ट केन्द्रक पाया जाता है जिसमें DNA व हिस्टोन प्रोटीन के संयुक्त होने से बनी क्रोमेटिन तथा इसके अलावा केन्द्रक (Nucleolus) होते हैं.
    प्रोकैरियोटिक: इन कोशिकाओं में हिस्टोन प्रोटीन नहीं होता है जिसके कारण क्रोमेटिन नहीं बन पाटा है. केवल DNA के सूत्र ही गुणसूत्र के रूप में पड़ा होता है. अन्य कोई आवरण इसे घेरे नहीं रहता है. अत: केन्द्रक नाम की कोई विकसित कोशिकांग इसमें नहीं होती. जीवाणुओं (Bacteria) व नील-हरित शैवालों (blue-green algae) में ऐसी ही कोशिकाएं मिलती हैं.
    - केवल यूकैरियोटिक कोशिकाओं में ही कोष्टीकरण पाया जाता है.

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    प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में कोष्टीकरण नहीं होता है.

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    प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिका में अन्तर

    विशेषता

    प्रोकैरियोटिक

    यूकैरियोटिक

    कोशिका भित्ति

    प्रोटीन तथा कार्बोहाइड्रेट की बनी होती है.

    सेलुलोस की बनी होती है.

    माइटोकॉन्ड्रिया

    अनुपस्थित होता है.

    उपस्थित होता है.

    एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम

    अनुपस्थित होता है.

    उपस्थित होता है.

    राइबोसोम

    705 प्रकार के होते हैं.

    805 प्रकार के होते हैं.

    गॉल्जीकाय

    अनुपस्थित होते हैं.

    उपस्थित होते हैं

    केन्द्रक झिल्ली

    अनुपस्थित होती है.

    उपस्थित होती है.

    लाइसोसोम

    अनुपस्थित होते हैं.

    उपस्थित होते हैं.

    डी.एन.ए

    एकल सूत्र के रूप में.

    पूर्ण विकसित एवं दोहरे सूत्र के रूप में.

    कशाभिका  

    केवल एक तन्तु होता है.

    कुल 11 तन्तु होते हैं.

    केन्द्रिका

    अनुपस्थित होती है.

    उपस्थित होती है.

    सेंट्रीयोल

    अनुपस्थित होता है.

    उपस्थित होता है.

    श्वसन

    प्लाज्मा झिल्ली द्वारा होता है.

    माइटोकॉन्ड्रिया द्वारा होता है.

    लिंग प्रजनन

    नहीं पाया जाता है.

    पाया जाता है.

    प्रकाश-संश्लेषण

    थायलेकोइड में होता है.

    क्लोरोप्लास्ट में होता है.

    कोशिका विभाजन

    असूत्री प्रकार का होता है.

    समसूत्री प्रकार का होता है.

    कोशिकाओं के केन्द्रक आवरण के आधार पर जीवधारियों में दो प्रकार की कोशिकाएं पाई जाती हैं वो हैं प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक. ये क्या होती है, इसमें क्या अन्तर होता है आदि का ज्ञात उपरोक्त लेख से हुआ है.

    कोशिका: संरचना एवं कार्य

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