This is an archived article last updated on Jul 22, 2016. The information may be outdated.

भारत निर्माण योजना की क्या विशेषताएं हैं?

Last Updated: Jul 22, 2016, 14:40 IST

ग्रामीण लोगों को बेहतर जीवन प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने 16 दिसम्बर, 2005 को 'भारत निर्माण' नाम के एक कार्यक्रम की शुरूआत की। यह योजना मुख्यत: 6 क्षेत्रों पर केंद्रित थी जिसमें बिजली, पानी सड़क, सिंचाई, दूरसंचार और देश के ग्रामीण क्षेत्रों में आवास शामिल था।

भारत निर्माण योजना की क्या विशेषताएं हैं?
भारत निर्माण योजना की क्या विशेषताएं हैं?

'गांव की ओर एक कदम' की नीति को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने 16 दिसंबर, 2005 को 'भारत निर्माण योजना' नाम की एक नई योजना की शुरूआत की। इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास करना है। इस योजना को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस योजना को लागू करने की अवधि चार साल के लिए निर्धारित की गयी है जिसका अनुमानित व्यय लगभग 174000 करोड़ रुपये का है। यह योजना मुख्यत: 6 क्षेत्रों पर केंद्रित थी, जिसमें बिजली, पानी सड़क, सिंचाई, दूरसंचार और देश के ग्रामीण क्षेत्रों में आवास शामिल था।

इसे भी पढ़ें...

भारत सरकार के कल्याण कार्यक्रम

अगले चार साल के लिए इसके लक्ष्य इस प्रकार हैं:

1. सिंचाई: 2009 से एक करोड़ हेक्टेयर भूमि की अतिरिक्त सिंचाई को सुनिश्चत करना।

2. सड़कें: 1000 की आबादी वाले सभी गावों को सड़कों से जोड़ना और 500 की आबादी तक वाले सभी अनुसूचित जनजाति और पहाड़ी गांवों को भी सड़क मार्ग से जोड़ना। दिसंबर 2012 तक भारत निर्माण के तहत 63940 बस्तियों में से कुल 47354  को सड़क से जोड दिया गया है जबकि 60421 बस्तियों के लिए कार्य मंजूर हो चुका है।

3. आवास: गरीबों के लिए 60 लाख अतिरिक्त मकानों का निर्माण। भारत निर्माण कार्यक्रम के पहले चरण के तहत देश भर में चार साल के दौरान (2005-06 से 2008-09 तक) इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत 60 लाख मकानों के निर्माण की परिकल्पना की गयी थी। इस लक्ष्य की तुलना में 21720.39 करोड़ रुपये की लागत के साथ 71.76 लाख मकानों का निर्माण किया गया। भारत निर्माण के द्वितीय चरण के तहत 5 साल (2009-10 से 2013-14) की अवधि के लिए 120 लाख मकानों का लक्ष्य रखा गया है। पहले तीन वर्षों के दौरान 85.72 लाख से अधिक मकानों का निर्माण किया गया था |

4. पानी की आपूर्ति: सभी शेष 74000 गांवों में पीने के पानी की व्यवस्था को सुनिश्चित करना।

5. विद्युतीकरण: सभी शेष 125000 गांवों में बिजली की आपूर्ति और 2.3 करोड़ घरों को बिजली कनेक्शन प्रदान करना।

6. ग्रामीण संचार: सभी शेष 66,822 गांवों में टेलीफोन सुविधा प्रदान करना।

इसे भी पढ़ें...

‘डिजिटल इंडिया कार्यक्रम’ भारत में क्या बदलाव लाएगा?

Hemant Singh is an academic writer with 7+ years of experience in research, teaching and content creation for competitive exams. He is a postgraduate in International
... Read More
First Published: Jul 19, 2016, 11:47 IST

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News