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NDIAC: जस्टिस हेमंत गुप्ता बने 'नई दिल्ली इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर' के नए अध्यक्ष

सुप्रीम कोर्ट के फॉर्मर जज हेमंत गुप्ता को 'नई दिल्ली इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर' का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. सुप्रीम कोर्ट के फॉर्मर जज हेमंत गुप्ता 14 अक्टूबर को अपने पद से रिटायर हुए थे. NDIAC एक स्वायत्त संस्था है जो संस्थागत मध्यस्थता और सुलह की कार्यवाही देखता है.

जस्टिस हेमंत गुप्ता बने 'नई दिल्ली इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर' के नए अध्यक्ष
जस्टिस हेमंत गुप्ता बने 'नई दिल्ली इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर' के नए अध्यक्ष

NDIAC: सुप्रीम कोर्ट के फॉर्मर जज हेमंत गुप्ता को 'नई दिल्ली इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर' (New Delhi International Arbitration Centre-NDIAC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. केन्द्रीय कार्मिक मंत्रालय (personnel ministry) ने एक आदेश जारी कर उनकी नियुक्ति के बारें में जानकारी दी है.

NDIAC संस्थागत मध्यस्थता का कार्य करता है और साथ ही एक स्वतंत्र और स्वायत्त शासन बनाये रखने में मदद करता है. 

कौन है न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता?

सुप्रीम कोर्ट के फॉर्मर जज हेमंत गुप्ता 14 अक्टूबर को अपने पद से रिटायर हुए थे. उन्होंने हिजाब मामलें में कर्नाटक हाई कोर्ट के 15 मार्च के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक बैच पर स्प्लिट वर्डिक्ट (split verdict) सुनाया था. वह 02 नवम्बर 2018 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे. 

वह इससे पहले 8 फरवरी, 2016 को पटना पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में में पदभार संभाला और 29 अक्टूबर, 2016 को उन्हें पटना हाई कोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस बना दिया गया था. इससे पूर्व उन्हें 18 मार्च, 2017 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त किया गया था.

फॉर्मर जज हेमंत गुप्ता, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के फॉर्मर चीफ जस्टिस जितेंद्र वीर गुप्ता के पुत्र है. हेमंत गुप्ता का जन्म 17 अक्टूबर, 1957 को हुआ था. उन्होंने जुलाई 1980 में अपनी प्रैक्टिस शुरू की थी. वह 1997 से 1999 तक पंजाब के अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी अपनी सेवाएं दी है.

नई दिल्ली इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर:

नई दिल्ली इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (NDIAC) नई दिल्ली स्थित एक स्वायत्त संस्था है जो संस्थागत मध्यस्थता और सुलह की कार्यवाही करती है. इसकी स्थापना नई दिल्ली में वर्ष 2019 में की गयी थी. 

NDIAC का स्ट्रक्चर:

NDIAC का अध्यक्ष,  सुप्रीमकोर्ट का न्यायाधीश या उच्च न्यायालय का न्यायाधीश या एक प्रतिष्ठित न्यायिक क्षेत्र से जुड़ा व्यक्ति हो सकता है.

डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों संस्थागत मध्यस्थता में पर्याप्त ज्ञान और अनुभव रखने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से दो फुल टाइम मेम्बर या पार्ट टाइम मेम्बर होंगे. 

कानूनी मामलों के विभाग के सचिव, व्यय विभाग द्वारा नामित वित्तीय सलाहकार और एनडीआईएसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इसके पदेन सदस्य होते है.

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