This is an archived article last updated on Mar 5, 2020. The information may be outdated.

भारत में ऑटोमेशन के क्षेत्र में ये कोर्सेज करके बना लें अपना करियर शानदार

Last Updated: Mar 5, 2020, 18:52 IST

अगर आप बदलते जमाने की जरूरतों के मुताबिक खुद को भी बदल लें तो आपको अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में कामयाबी आसानी से मिल सकती है. इसी तरह, भारत में ऑटोमेशन के क्षेत्र में आप निम्नलिखित कोर्सेज करके अपना शानदार करियर बना सकते हैं.

ऑटोमेशन के फील्ड में भी हैं सुनहरे करियर के आसार
ऑटोमेशन के फील्ड में भी हैं सुनहरे करियर के आसार

आजकल पूरी दुनिया में इकोनोमी के विभिन्न क्षेत्रों जैसेकि, इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट, यूटिलिटी, डिफेन्स, सर्विस सेक्टर में ऑटोमेशन का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. इंटरनेशनल स्टडीज एसोसिएशन (ISA) के मुताबिक, ऑटोमेशन के तहत सभी किस्म के प्रोडक्शन और सर्विसेज पर नजर रखने और नियंत्रित करने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल ऑटोमेशन के तौर पर किया जाता है जैसेकि, ड्राइवरहीन मेट्रो/ कार/ बस या फिर, रोबोट्स द्वारा विभिन्न इंडस्ट्रीज़ में प्रोडक्शन से जुड़े कामकाज निपटाना.

एक कड़वा सच यह भी है कि, पिछले दिनों ऑटोमेशन के कारण हमारे देश सहित पूरी दुनिया में कॉग्निजेंट, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा जैसी बड़ी आईटी कंपनियों में छंटनी की खबरें सुनने को मिली हैं. इसी तरह, इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी की वजह से नौकरियों में कमी के साथ ही  आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और कंटेंट में रोबोटिक्स का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और बैंकिंग, फार्मास्यूटिकल्स, फूड्स एंड बिवरेज, लॉजीस्टिक्स और डिफेंस सेक्टर में भी ऑटोमेशन की वजह से नौकरियों में भारी कटौती हो सकती है. 

लेकिन आजकल के इस मॉडर्न माहौल में देश दुनिया की लगभग सभी कंपनियां अपने प्रोडक्शन और रूटीन वर्क के लिए ऑटोमेशन का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर रही हैं. दरअसल, तीव्र गति से काम करने के लिए ऑटोमेशन की जरूरत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. कुछ लोगों का कहना है कि ऑटोमेशन की वजह से कई सेक्टर्स में नौकरियों की संख्या कुछ कम हो जाएगी और कुछ नौकरियां तो पूरी तरह से जॉब मार्केट से गायब हो जाएंगी. लेकिन इस मसले पर कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि, यह बात सही है कि ऑटोमेशन की वजह से कुछ नौकरियों के कम होने की संभावना है लेकिन ऑटोमेशन के कारण छिन जाने वाली नौकरियों की तुलना में ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी पर आधारित नौकरियों के इले कई नए मौके भी पैदा होंगे.

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस: भारतीय युवाओं को मिलेंगे नौकरी के ढेरों अवसर

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटोमेशन से संबंधित विभिन्न फ़ील्ड्स में तकरीबन 3.5 मिलियन नई जॉब्स उत्पन्न होंगी. इसलिए इंडियन यंगस्टर्स को ऐसे सभी मौकों के लिए खुद को तैयार कर लेना चाहिए. ऑटोमेशन की विभिन्न फ़ील्ड्स से संबंधित मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में अधिकांश कोर्सेज आजकल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं जिन्हें स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स बड़ी आसानी से ज्वाइन कर सकते हैं. ऑटोमेशन के फील्ड में करियर बनाने के लिए यंगस्टर्स को अपने टैलेंट और दिलचस्पी के मुताबिक निम्नलिखित कोर्सेज में से कोई एक कोर्स अवश्य करना चाहिए.

कोर्सेरा के को-फाउंडर एंड्रयू एनजी स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. इनके द्वारा मशीन लर्निंग में 11 हफ्ते का कोर्स करवाया जाता है जिसमें अप्लाइड मशीन लर्निंग, मशीन लर्निंग की टेक्नीक्स और पैटर्न की पूरी जानकारी प्रदान की जाती है. इसके तहत मशीन लर्निंग से जुडी कई केस स्टडीज को भी शामिल किया गया है. इस कोर्स में स्टूडेंट्स को प्रोबैबिलिटी, लिनीयर एलजेबरा और कंप्यूटर साइंस भी सिखाई जाती है.  

मशीन लर्निंग: ये हैं प्रमुख कोर्सेज -

उडासिटी इंट्रो टू मशीन लर्निंग

ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म उडासिटी पर नैनोडग्रिी के तहत मशीन लर्निंग में 10 हफ्ते का एक कोर्स कराया जाता है.इस कोर्स में मशीन लर्निंग टेक्नीक का उपयोग करते हुए डेटा सेट को मैनेज करने के बारे में पूर्णतः प्रशक्षिति किया जाता है. इस कोर्स के ट्रेनर सेब्सटियन थ्रून और कैटी मेलोन स्टूडेंट्स को बेसिक स्टैटस्टिकिल कॉन्सेप्ट और पायथन प्रोग्रामिंग के बारे विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं.इस कोर्स को करने से डेटा मैनेजमेंट के बारे में सम्पूर्ण और सही जानकारी मिलती है. भविष्य में डेटा मैनेजमेंट करने वाले प्रोफेशनल्स की डिमांड बढ़ने की संभावना है.

एडएक्स मशीन लर्निंग

एडएक्स पर कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर यासिर एस अबु मुस्तफा मशीन लर्निंग पर एक कोर्स कराते हैं.इसमें बेसिक थ्योरी प्रिंसिपल, एल्गोरिदम और मशीन लर्निंग के सभी एप्लीकेशंस के बारे में अध्ययन कराया जाता है. इस कोर्स के लिए सप्ताह में कुल मिलाकर 10 से 20 घंटे का समय देना पड़ता है.इस कोर्स की पूर्ण अवधि कुल 10 हफ्ते की है. इसके अतिरिक्त एडएक्स मशीन लर्निंग में फ्रेशर्स के लिए 5 हफ़्तों का एक शॉर्ट टर्म कोर्स भी कराया जाता है.

गूगल डीप लर्निंग

ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म उडासिटी मशीन लर्निंग पर गूगल डीप लर्निंग एक फ्री कोर्स कराता है. लेकिन यह कोर्स फ्रेशर्स के लिए बहुत उपयुक्त नही है. यह कोर्स ऐसे लोगों के लिए जो मशीन लर्निंग के विषय में थोड़ा बहुत आवश्यक जानकारी रखते हैं,ज्यादा लाभदायी है.

स्टूडेंट्स ज़रूर अपनाएं ये 7 महत्वपूर्ण कंप्यूटर स्किल्स

स्टैटस्टिकिल मशीन लर्निंग

कारनेज मेलोन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर लैरी वासेरमैन ने मशीन लर्निंग विषय पर यूट्यूब पर वीडियो लेक्चर की एक सीरिज तैयार की है. इसमें इंटरमीडिएट स्टैटस्टिक्सि और मशीन लर्निंग के बारे में पीएचडी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी है. लेकिन इसके लिए उम्मीदवार के पास मैथ्स, कम्प्यूटर साइंस और स्टैटिक्स विषय में डिग्री होना अनिवार्य है.

मशीन लर्निंग के साथ साथ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े कोर्सेज की जानकारी से ऑटोमेशन के फील्ड में करियर बनाने में बहुत सहूलियत मिलती है. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े कोर्सेज भी कराये जाते हैं.इसके तहत  आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिये कॉम्प्लेक्स समस्याओं के समाधान जैसे मशीन ट्रांसलेशन, स्पीच और चेहरे की पहचान और ऑटोनोमस ड्राइविंग आदि की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाती है.

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस: ये हैं प्रमुख कोर्सेज -

एडएक्स का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कोर्स

एडएक्स का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कोर्स एक बहुत ही प्रसिद्ध कोर्स है. इसके जरिये कराये जाने वाले कोर्सेज में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एप्लीकेशंस जैसे रोबोटिक्स तथा एनएलपी आदि के बारे में अध्ययन कराया जाता है. इस फुल कोर्स की पूर्ण अवधि लगभग 3 महीने की होती है.कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्वारा इस कोर्स को पढ़ाया जा रहा है.

उडासिटी इंट्रो टू आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस

उडासिटी के इस कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के मौलिक सिद्धांतों के बारे में पढ़ाया जाता है. साथ ही साथ बेयर्स नेटवर्क, स्टैटस्टिक्सि और मशीन लर्निंग आदि का भी अध्ययन कराया जाता है.

कैसे शुरू करें आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस में अपना करियर?

उडासिटी : आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस फॉर रोबोटक्सि

उडासिटी द्वारा ऑफर किये जाने वाले इस कोर्स में विशेष रूप से रोबोटिक कार की प्रोग्रामिंग के बारे में समझाया जाता है. इस कोर्स के अंतर्गत पायथन और प्रोग्रामिंग के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की जाती है.

सबसे महत्वपूर्ण तथा ध्यान देने वाली और गौर करने वाली बात यह है कि कभी भी जब किसी नई टेक्नोलॉजी को इकोनोमी के मुख्य स्ट्रीम से जोड़ने का प्रयास किया जाता है तो रोजगार के कमी के आसार दिखने लगते हैं. ऑटोमेशन की वर्तमान टेंडेंसी का प्रभाव सीधे सीधे ह्वाईट कॉलर जॉब पर पड़ेगा लेकिन अगर इसका दूसरा पहलू देखा जाय तो इससे कुछ नए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे. हाँ उसके लिए जिस स्किल की आवश्यकता होगी उसकी तैयारी के लिए युवाओं को मानसिक रूप से तैयार रहने की जरुरत है.

जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडेमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

First Published: Mar 5, 2020, 18:51 IST

आप जागरण जोश पर सरकारी नौकरी, रिजल्ट, स्कूल, सीबीएसई और अन्य राज्य परीक्षा बोर्ड के सभी लेटेस्ट जानकारियों के लिए ऐप डाउनलोड करें।

Trending

Latest Education News