IBPS PO 2018: जानें एग्जाम क्वालीफाई करने के लिए कितना जा सकता है कट-ऑफ स्कोर

Dec 27, 2018 16:07 IST
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IBPS PO Cut-off 2018
IBPS PO Cut-off 2018

आईबीपीएस पीओ 2018 का कट-ऑफ कितना जा सकता है? आईबीपीएस पीओ 2018 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है और उम्मीदवार अक्सर इस सवाल को लेकर बातचीत करते है क्योंकि परीक्षा देने के दौरान हमे कई निर्णय आईबीपीएस पीओ की कट-ऑफ देखकर लेने होते हैं.

इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन द्वारा IBPS PO 2018 की प्रीलिम्स परीक्षा इस साल 13, 14, 20 और 21 अक्टूबर को आयोजित होगी. इसके बारें में विस्तार से पूरी जानकारी आपको इस लिंक द्वारा हासिल होगी.

आज हम इस आर्टिकल द्वारा जानेंगे कि इस बार कितना जा सकता है कट-ऑफ और इस परीक्षा को क्वालीफाई करने के लिए हमें कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन एग्ज़ाम देने के दौरान कितने प्रश्न हल करने चाहिए.

IBPS या किसी भी बैंक में भर्ती के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं का कट-ऑफ तीन मुख्य बातों पर निर्भर करता है:

(I). रिक्तियों की संख्या (Number of vacancies)

(II). आवेदनों की संख्या (Number of applications)

(III). परीक्षा की कठिनाई का स्तर (Difficulty level of the exam)

आइये अब हम एक-एक करके इन बिंदुओं के बारे में विस्तार से जानते हैं

पिछले साल की तुलना में इस साल रिक्त स्थानों की संख्या ज़्यादा है:

वर्ष 2017 में रिक्त स्थानों की संख्या 3,562 के आस पास थी मगर इस वर्ष (2018) यह संख्या 4,252 है. रिक्त स्थानों की संख्या में इस बार वृद्धि हुई है मगर इस वजह से इस वर्ष के कट-ऑफ स्कोर में कोई ख़ास प्रभाव नहीं पड़ने वाला. इसका सबसे बड़ा कारण है लगातार बढ़ते उम्मीदवारों की संख्या और इस वजह से हम यह मान सकते है कि इस बार का कट-ऑफ़ पिछले वर्ष की तुलना में कम नही होगा.

IBPS PO Prelims 2018 के लिए टिप्स

आवेदनों की संख्या (Number of applications)

वर्ष 2017-18 में करीब 8.39 लाख लोगो ने IBPS PO/MT की परीक्षा दी थी मगर इस वर्ष (2018) यह संख्या 10 लाख के आस-पास रह सकती है. क्योंकि अगर मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो SBI PO Recruitment 2018 में लिए भी करीब इतने लोगो ने परीक्षा दी थी.

परीक्षा की कठिनाई का स्तर (Difficulty level of the exam)

कभी-कभी परीक्षा में बहुत कठिन प्रश्न पूछ लिए जाते हैं और कभी-कभी बहुत आसान. जब परीक्षा में बहुत ज़्यादा कठिन प्रश्न पूछे जाते हैं तो कट-ऑफ कम जाता है और जब परीक्षा में बहुत सरल प्रश्न पूछे जाते हैं तो कट-ऑफ हाई जाता है.

हाल ही में हुए IBPS RRB PO की प्रीलिम्स परीक्षा में पिछले वर्ष के मुक़ाबले इस वर्ष कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला और इसे देखते हुए हम यह मान सकते है कि IBPS PO 2018 की परीक्षा के स्तर में कोई ख़ास बदलाव देखने को नहीं मिलेगा.

अगर इस बार 10 लाख के आस-पास उमीदवारों ने तो इस बार का कट-ऑफ पिछले वर्ष की तुलना में 10% से 20% प्रतिशत ज़्यादा रह सकता है.

पिछले वर्ष (IBPS PO 2017) के कट-ऑफ से जुड़ी पूरी जानकारी आपको इस लिंक के द्वारा मिलेगी. इस लिंक में दिए गए आर्टिकल में आपको वर्ष 2017 और 2016 की कट-ऑफ़ से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाएगी.

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IBPS PO 2018 (Prelims और Mains) क्वालीफाई करने के लिए कितने सवाल हल करने चाहिए:

चूँकि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में कट-ऑफ ज़्यादा रहने की उम्मीद है और अगर परीक्षा के लेवल में पिछले वर्ष के मुक़ाबले कोई खास बदलाव न हुए हो तो विद्यार्थियों को इस बार 10% से 20% सवाल ज़्यादा हल करना चाहिए.

यानी कि अगर पिछले वर्ष अगर Overall Good Attempt की संख्या 50 के आस-पास थी तो इस बार आपको 55 से 60 प्रश्न हल करने चाहिए.

लेकिन अगर परीक्षा में बहुत कठिन प्रश्न पूछे गए तो ये प्रतिशत कम हो सकता है और अगर बहुत सरल सवाल पूछे गए तो ये प्रतिशत बढ़ सकता है.

तो ये थी IBPS PO 2018 की कट-ऑफ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी. इस परीक्षा के तैयारी के लिए इस लिंक में दिए गए आर्टिकल को ज़रूर देखें इसमें 3 मिनट्स की वीडियो में इस परीक्षा को पहली बार क्रैक करने के लिए बहुत खास टिप्स दिए गए हैं.

How to crack IBPS PO in first attempt?

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