इस वर्ष के लिए पर्सनल फाइनेंस गाइडेंस टिप्स

पिछले वर्ष की फाइनेंशियल पॉलिसीज़ और गवर्नमेंट रेगुलेशन्स को पढ़ और समझकर आप अपनी वित्तीय देनदारियों को अच्छी तरह समझ सकते हैं. इस वर्ष के लिए आपको इस आर्टिकल में कुछ जरुरी फाइनेंस गाइडेंस टिप्स पेश किये जा रहे हैं.

Created On: Jul 2, 2021 21:27 IST
Personal Finance Guide for You this Year
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हमारे देश के हरेक ऑफिस एम्पलॉयी के लिए अपना बजट, धन संबंधी लेनदेन और वित्तीय जिम्मेदारियां मैनेज करना अच्छी-खासी चुनौती होता है. हर साल शुरू के कुछ महीनों में फाइनेंशियल प्लानिंग की यह चुनौती ज्यादा कठिन हो जाती है. हरेक फाइनेंशियल इयर के समाप्त होने के साथ ही वर्किंग प्रोफेशनल्स को अपने इनकम टैक्स और सेविंग्स की प्लानिंग करने के साथ ही अपने IT रिटर्न्स भी फाइल करने होते हैं और अपने बजट और फाइनेंशियल इश्यूज से संबंधित अनेक मामलों पर इन प्रोफेशनल्स को अपना पूरा ध्यान देना पड़ता है.

अब, जबकि इस साल का फाइनेंशियल बजट पेश होने के बाद कुछ महीने बीत चुके हैं तो, यह बिलकुल सही समय है कि पिछले वर्ष की फाइनेंशियल पॉलिसीज़ और गवर्नमेंट रेगुलेशन्स को अच्छी तरह पढ़ और समझकर आप अपनी वित्तीय देनदारियों को अच्छी तरह समझ लें और उनके उचित समाधान भी तलाश लें. इसलिए, इस आर्टिकल में आपके इनकम टैक्स, सेविंग एकाउंट्स पर इंटरेस्ट रेट्स, बजट, जीएसटी, आधार के बारे में चर्चा पेश की जा रही है ताकि इस वर्ष आपके फाइनेंशियल स्टेटस पर इनका सकारात्मक प्रभाव रहे. आइये आगे पढ़ें:

इस फाइनेंशियल इयर के लिए इनकम टैक्स टिप्स

भारत सरकार ने इस फाइनेंशियल इयर के लिए 2.5 लाख तक की इनकम को आयकर से पूरी छूट दी है और 2.5 लाख रु. से ऊपर और 5 लाख रु. तक की इनकम पर 5% इनकम टैक्स देना होगा. इसी तरह, 5 लाख रु. से ऊपर 10 लाख रु. तक की इनकम पर 20% इनकम टैक्स देना होगा और 10 लाख रु. से ऊपर इनकम पर 30% इनकम टैक्स देना होगा. इसके साथ ही 50 लाख से ज्यादा टोटल इनकम पर 10% सरचार्ज देना होगा और 1 करोड़ रु. से ज्यादा टोटल इनकम होने पर 15% सरचार्ज देना होगा. टैक्स और सरचार्ज का 4% हेल्थ और एजुकेशन सेस है.

इस वर्ष के लिए सबक

इस फाइनेंशियल इयर के लिए इस साल भी आपने पिछले सालों की तरह ही इनकम टैक्स फाइल करते हुए सावधानी जरुर बरती होगी और अपडेटेड टैक्स स्ट्रक्चर और रिबेट चेंजेज का इस्तेमाल करके अपने टैक्सेज की कैलकुलेशन्स की होंगी.

सेविंग एकाउंट्स पर इंटरेस्ट रेट्स

सभी व्यक्तियों के लिए सेविंग एकाउंट्स पर इंटरेस्ट लागू स्लैब रेट्स के मुताबिक टैक्सेबल है. इनकम टैक्स विभाग ने भारतीय मध्यम वर्ग की वित्तीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए 01 अप्रैल, 2012 से सेविंग एकाउंट्स और इंटरेस्ट की कटौती के लिए एक नया सेक्शन 80 TTA शुरू किया है. टैक्स पेयर्स को सेविंग बैंक एकाउंट्स (को-ऑपरेटिव बैंकों सहित) और पोस्ट ऑफिस सेविंग्स एकाउंट पर मिले इंटरेस्ट में यह बेनिफिट मिलेगा. इसी तरह, कुल कटौती 10 हज़ार रूपये से ज्यादा नहीं होगी. इस फाइनेंशियल इयर में इस सेक्शन के अधीन कटौती सीनियर सिटीजन्स को छोड़कर सभी व्यक्तियों के लिए होगी.

इस वर्ष के लिए सबक

आप अपना पैसा म्यूच्यूअल फंड्स, इंश्योरेंस, स्टॉक्स और फिक्स्ड डिपॉजिट्स में लगा सकते हैं ताकि भविष्य में आपको अच्छे रिटर्न्स प्राप्त हों. अपने धन को सेविंग एकाउंट्स में रखने से आपका धन ज्यादा नहीं बढ़ेगा.

बैंक एकाउंट्स और पैन कार्ड के साथ आधार कार्ड लिंक करना

भारत की माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इनकम टैक्स रिटर्न्स फाइल करने और पैन कार्ड जारी करवाने के लिए तो आधार कार्ड को आवश्यक माना है लेकिन नया बैंक अकाउंट खोलने के लिए आधार कार्ड देना या मौजूदा बैंक अकाउंट के साथ आधार कार्ड लिंक करने को अब अनिवार्य नहीं माना है.

इस वर्ष के लिए सबक

भारत की माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक अब अपनी इनकम टैक्स रिटर्न्स फाइल करते समय और पैन कार्ड बनवाते समय आपको अपने आधार कार्ड की जरूरत पड़ेगी लेकिन बैंक एकाउंट्स के साथ आधार कार्ड लिंक करना अब एक अनिवार्य शर्त नहीं है.

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