UPPCS Topper 2016: अंजलि गंगवार की सफलता की कहानी

गोल्डन हार्ट और लोहे जैसी इच्छाशक्ति वाली अंजलि गंगवार ने UPPCS परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उन्हें मेरिट लिस्ट में 40 वां स्थान मिला है और उन्हें SDM का पद दिया गया है। वह उन लोगों के लिए प्रेरणा का एक निरंतर स्रोत बन गई हैं जो प्रतिष्ठित UPPCS परीक्षा के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस लेख में उनकी सफलता की कहानी पढ़ें।

Feb 28, 2019 17:48 IST
Anjali Gangwar with her husband and daughter
Anjali Gangwar with her husband and daughter

मनुष्य के भाग्य में कई चीजें होती हैं। इनमें से कुछ अच्छे होते हैं और कुछ बुरे होते हैं। भाग्य के पास हमें देने के लिए जो कुछ भी है, हमें वह स्वीकार करना ही पड़ता है, चाहे हम इसे खुशी से स्वीकार करें या मजबूरी से। अंजलि गंगवार की कहानी भी कुछ ऐसी ही है जिसमें नियति की क्रूरता और सुखद अहसास दोनों का ही मिश्रण है।

नियति की क्रूरता यह थी कि कुछ साल पहले एक कार दुर्घटना में उन्होंने अपने पति को खो दिया था और सुखद अहसास यह है कि उन्होंने प्रतिष्ठित UPPCS परीक्षा को पास किया और SDM का पद प्राप्त किया।

An Interview with BPSC Topper Rahul Sinha

पारिवारिक पृष्ठभूमि

अंजली गंगवार बरेली के शास्त्री नगर कॉलोनी की रहने वाली हैं। उनके पिता श्री प्यारे लाल गंगवार जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं। उनकी माँ श्रीमती शीला एक गृहिणी हैं। अंजलि के दो भाई हैं। भाइयों में से एक PCS अधिकारी है जबकि दूसरा इंजीनियर है। उनके पति भी एक PCS अधिकारी थे। उनकी एक बेटी है जिसका नाम आध्या है।

UPSC Interview Non Qualified Candidates may Get Other Jobs

शिक्षा

अंजलि की सफलता इतनी आसान नहीं रही है। वह बचपन से ही एक अच्छी छात्रा रही हैं। उनके पिता के शिक्षा के क्षेत्र में होने के कारण उनकी शिक्षा और पढ़ाई बहुत अच्छे तरीके से हुई। अंजलि ने 1995 में UP बोर्ड से मैट्रिक किया था। इस परीक्षा में उन्हें 19 वां रैंक मिला था। उन्होंने 1997 में UP बोर्ड से इंटरमीडिएट किया और इस परीक्षा में उन्हें 21वां रैंक मिला था।

इंटरमीडिएट पूरा करने के बाद उन्होंने B. Tech. किया। उन्होंने 2002 में मोती लाल नेहरू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) में अपनी डिग्री पूरी की।

बाद में उन्होंने सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टेलीमैटिक्स (C-DOT) में सीनियर रिसर्च इंजीनियर के रूप में कार्य करना आरम्भ किया और UPPCS में चयनित होने से पहले वह वहाँ पर ही काम कर रही थीं।

How to Prepare UPPCS Prelims Exam 2018?

सिविल सेवा के क्षेत्र में प्रवेश

सिविल सेवा का क्षेत्र थोड़ा कठिन है। हम में से बहुत से लोग इस क्षेत्र में जाने की हिम्मत नहीं करते हैं। इस क्षेत्र में सफल होने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण की आवश्यकता होती है। अंजलि के लिए भी यह आसान नहीं था। UPPCS परीक्षा को क्रैक करने के लिए उन्हें भी कड़ी मेहनत करनी थी। उन्होंने भी इस के लिए कड़ी मेहनत की और इसमें सफलता प्राप्त की।

सिविल सेवा के क्षेत्र में प्रवेश की चाह उनकी शादी के बाद से शुरू हुआ। उनकी शादी 2009 में गिरजेश गंगवार से हुई थी। श्री गिरजेश उत्तराखंड के उधमपुर के निवासी थे। वह 2009 बैच के PCS अधिकारी थे। वह वाणिज्यिक कर अधिकारी के रूप में तैनात थे। श्री गिरजेश की इच्छा थी कि उनकी पत्नी सिविल सेवा के क्षेत्र में जाए। इसने अंजलि को PCS परीक्षा के लिए प्रेरित किया।

सिविल सेवा के क्षेत्र में प्रवेश उनके परिवार में एक ट्रेंड सा बन गया है। उनके भाई सौरभ भी एक PCS अधिकारी हैं, जो अपनी बहन को अपना आदर्श मानते हैं।

पति का साथ खोने पर उनकी दुनिया बेरंग हो गई

जब व्यक्ति अपना जीवनसाथी खो देता है तो इससे बड़ा कोई नुकसान नहीं होता। ऐसा लगता है कि जीवन ने एक मोड़ ले लिया होऔर हर चीज थम सी गई हो। जीवन की सारी खुशियाँ छीन लेने के लिए ऐसी त्रासदी काफी है। किसी के जीवन जीने का कोई अर्थ नहीं रह जाता है। अंजलि के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब कुछ साल पहले एक कार दुर्घटना में उन्होंने अपने पति को खो दिया था।

उन्हें अपने पति की यादों और उनके प्यार की निशानी उनकी बेटी आध्या के साथ ही अपना जीवन जीना था। ऐसे समय में जब जीने की इच्छाशक्ति समाप्त हो जाती है उन्होंने एक ऐसे साहस का परिचय दिया जो पहाड़ों से भी ऊँची है। वह अपने पति को आखिरी बार देख भी नहीं पाई थीं। वह लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहीं लेकिन न तो उन्होंने हार मानी और न ही पीछे मुड़कर देखा। उन्हें SDM के रूप में चुना गया और यही उनके पति के लिए सच्ची श्रद्धांजलि थी।

Best Books for UPPCS Exam 2018

अंजलि- सिविल सेवा के उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा का स्रोत

अंजलि की सफलता की कहानी बताती है कि ऐसी स्थितियां भी आती हैं जो मानव नियंत्रण से परे हैं और जीने के उत्साह को कम कर देती हैं। लेकिन जीने की इच्छा और जज्बा अगर इंसान में हो तो कुछ भी असंभव नहीं। इस तरह की घटनाएँ परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के आत्मविश्वास को हिला सकती है, लेकिन अगर उन्हें अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है तो, उन्हें इन सभी बाधाओं को दूर करना ही होगा।

इस तरह अंजलि उन सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं जो PCS परीक्षा के लिए प्रयासरत हैं। उनकी सफलता की कहानी वास्तव में युवा उम्मीदवारों को प्रेरित करेगी।

अगर आपको यह लेख पसंद आया तो आप ऐसे ही अन्य लेख के लिए UPPCS सेक्शन को अवश्य देखें।

Loading...

Register to get FREE updates

    All Fields Mandatory
  • (Ex:9123456789)
  • Please Select Your Interest
  • Please specify

  • ajax-loader
  • A verifcation code has been sent to
    your mobile number

    Please enter the verification code below

Loading...