छात्रों के लिए खेल में करियर के अनेक विकल्प

आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे ही खास करियर विकल्प बताने जा रहें हैं जिनमें आप अपने खेल में रूचि के अनुसार करियर के लिए आगे बढ़ सकते हैं|राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आये दिन होने वाले तरह-तरह के मैच और प्रतियोगिताओ के कारण खेल, खिलाड़ी और उससे जुड़ें लोगों के लिए करियर, ग्लेमर और अच्छा पद सब कुछ संभव है|

Created On: Apr 17, 2019 12:16 IST
Career options in sports for students
Career options in sports for students

यदि आपकी खेल में खास दिलचस्पी है तो आप इस रूचि को खेल में करियर के विकल्प के रूप में भी चुन सकते हैं|

खेलकूद में दिनभर व्यस्त रहने वाले छात्रों को यही कहा जाता है कि इसकी जगह उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए| स्कूल छात्रों के लिए यह और भी कारामद है क्योंकि स्कूल में पढाई के साथ साथ खेल की भी सविधा होती है |खेल अब करियर के नए आयाम विकसित कर चूका है| राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आये दिन होने वाले तरह-तरह के मैच और प्रतियोगिताओ के कारण खेल, खिलाड़ी और उससे जुड़ें लोगों के लिए करियर, ग्लेमर और अच्छा पद सब कुछ संभव है| खेलों में बढ़ते स्कोप के कारण आज इसमें तरह-तरह के करियर और काम निकलकर सामने आ रहे हैं| जैसे- स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, खेलों का सामान तैयार करना, खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करना, उनके खानपान और स्वास्थ्य की देखभाल आदि, ऐसे कई क्षेत्रों में आप अपना करियर बना सकते है| आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे ही खास करियर विकल्प बताने जा रहें हैं जिनमें आप अपने खेल में रूचि के अनुसार करियर के लिए आगे बढ़ सकते हैं|

स्पोर्ट्स मार्केटिंग में करियर :

खेलों की सफलता का राज मार्केटिंग में छिपा है| बाजार के साथ खेल के अलायन्स में मार्केटिंग कैसे करनी है| यह कला सबसे अच्छी है तथा इसे जानने वाले आज अपने करियर को इस क्षेत्र में सफलता के एक अच्छे मार्ग तक ले जा चुके हैं| खेलों की मार्केटिंग करके अच्छा करियर आसानी से प्राप्त किया जा सकता है| आज कल तो खिलाड़ी भी खुद की मार्केटिंग के लिए, खुद के ब्रांड को बेचने के लिए बाकायदा मार्केटिंग मैनेजरों को हायर करने लगे हैं। सानिया मिर्ज़ा,  सचिन तेंदुलकर, महेन्द्र सिंह धोनी ऐसे कई खिलाड़ी हैं जिनसे एड कंपनियां सीधे संपर्क नहीं कर सकतीं इसके लिए मर्केकिंग मेनेजर कि आवश्यकता पड़ती है| इस के साथ-साथ स्पोर्ट्स कंपनियों के लिए विज्ञापन जुटाना, टिकटों की बिक्री का जिम्मा स्पोर्ट्स मार्केटिंग मैनेजर का होता है। स्पोर्ट्स गुड्स, स्पोर्ट्स वियर आदि बनाने वाली कंपनियां भी मार्केटिंग मैनेजर हायर करती हैं।

खेल पत्रकारिता में अपना करियर बनाये :

खेल ने मिडिया के क्षेत्र में भी कई नए अवसर प्रदान किये है| कमेंटेटर, स्पोर्ट्स राइटिंग और रिपोर्टर्स के लिए विशेष प्रशिक्षित युवाओं की जरुरत पड़ती है| ऐसे युवाओं की, जिन्हें खेल की अच्छी समझ हो और उनमें राइटिंग और कम्युनिकेशन स्किल भी अच्छी हो| प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों ही ऐसे लोगों के लिए अवसर उपलब्ध करा रहे है|

स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में करियर :

कुछ छात्र खेल के साथ मनोरंजन भी पसंद करते है तो वह स्पोर्ट्स मैनेजमेंट जैसी फील्ड में करियर बना सकते हैं| आजकल ऐसे कई बड़े स्पोर्टस इवेंट्स होते है| जिनमें स्पोर्ट्स मेनेजर की भूमिका काफी अहम होती है| स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में विज्ञापन, बाजार, ऑडियंस, सुरक्षा आदि शामिल होती है|

स्पोर्ट्स एजेंट में करियर :

किसी खिलाड़ी का आइकन कैसा बनाना है, उसकी ब्रांडिंग कैसे करनी है, यह काम भी करियर के तौर पर उभर रहा है, इसके अलावा खिलाड़ीयों के लिए उनका डाइट भी काफी महत्वपूर्ण होता है| खाने में किसी भी चीज की कमी या अधिकता उनके स्टेमिना को प्रभावित कर सकती है| ऐसे में डाइटीशियन का रोल बढ़ जाता है तथा हर खिलाड़ी को आज के समय में अपना डाइटीशियन चाहिए जो उनके इन सभी चीजों का ध्यान रख सकें|

फिटनेस एक्सपर्ट में करियर :

स्पोर्ट्स पर्सन किसी एथलीट से कम नहीं होते है और अपनी इस खूबी का फायदा वह फिटनेस सेंटर या हेल्थ क्लब में बतौर फिटनेस एक्सपर्ट के रूप में उठा सकते है| तेजी से भागती इस जिन्दगी में सभी को फिट रहने की चाह है जिसके चलते फिटनेस एक्सपर्ट भी अच्छा करियर हो सकता है|

साइकोलॉजिस्ट में करियर :

खेलों में हार जीत के लिए खिलाड़ियों को स्वस्थ रखना बड़ी चुनौती है| स्वास्थ का एक बहुत बड़ा पहलु मनोविज्ञान से भी जुड़ा है| किसी खिलाड़ी को मैदान में जाने से पहले कैसे प्रेरित और प्रोत्साहित करना है, उसे मानसिक तौर पर मजबूत कर आत्मविश्वास के लिए हमेशा एक साइकोलॉजिस्ट की जरुरत होती है|

स्पोर्ट्स टीचर में करियर :

स्कूल में आजकल बच्चो की बेहतर ग्रोथ के लिए एक्स्ट्रा एक्टिविटिज पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है| इसी के चलते स्कूलों में इन दिनों अच्छे स्पोर्ट्स टीचर की काफी अच्छी डिमांड रहती है| तो जिन छात्रों को स्पोर्ट्स में अच्छी रूचि है वह स्पोर्ट्स टीचर का भी आप्शन अपने आगे के करियर के लिए चुन सकते हैं|

कमेंटेटर बनकर बनाये अपना करियर :

स्पोर्ट्स एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ यदि आपका खेलों के प्रति जनून है और किसी भी कारण की वजह से इसमें बतौर खिलाड़ी सफल नहीं हो सके तो आप खेल कमेंटेटर बन सकते है| केवल क्रिकेट ही नहीं बाकी अन्य खेलों में भी कमेंटेटर कि आव्श्यक्का होती है और इस फील्ड में भी आगे काफी अच्छे करियर स्कोप है|

शुभकामनायें !!

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