प्रधानमंत्री आवास के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य

May 12, 2020, 14:26 IST

भारत के प्रधानमंत्री के सरकारी आवास का नाम 7 रेस कोर्स रोड या 7 आरसीआर था जिसे अब '7 लोक कल्याण मार्ग' के नाम से जाना जाता है. मोदी जी इस जगह पर 26 मई 2014 से रह रहे हैं और यहीं पर वे अपने ज्यादातर कार्यालय या राजनीतिक बैठकों का आयोजन करते हैं। लोक कल्याण मार्ग, नई दिल्ली में स्थित, पीएम के निवास परिसर का आधिकारिक नाम पंचवटी (यह भगवान राम के वन का नाम था) है. लोक कल्याण मार्ग में रहने वाले सबसे पहले प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे। वे वर्ष 1984 में यहां आए थे। आइये प्रधानमंत्री आवास के बारे में कुछ आश्चर्यजनक तथ्यों पर नज़र डालते हैं.

Facts about Prime Minister's Residence
Facts about Prime Minister's Residence

7 लोक कल्याण मार्ग (7 रेस कोर्स रोड) भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का 26 मई, 2014 से  सरकारी आवास है। यह लगभग 12 एकड़ जमीन पर बना है। इसमें लुटियन के दिल्ली (1980 में निर्मित) में बने पांच बंगले हैं, जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय– सह– आवास क्षेत्र और सुरक्षा प्रतिष्ठान– इसमें से एक विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) और दूसरा गेस्ट हाउस, शामिल है। हालांकि सभी को समग्र रूप से 7 लोक कल्याण मार्ग  कहा जाता है। लोक कल्याण मार्ग में रहने वाले सबसे पहले प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे जो कि 1984 में यहाँ आए थे.

चूंकि प्रोटोकॉल नियमों की प्रणाली होता है जो औपचारिक समारोहों या विशेष परिस्थिति में व्यवहार करने का स्वीकार्य तरीका होता है। एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन समूह) का प्रमुख सचिव होता है। यह प्रधानमंत्री की गतिविधियों के लिए प्रोटोकॉल निर्धारित करता है, संचालन प्रक्रियाएं तैयार करता है और सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं में शामिल एजेंसियों को उनकी जिम्मेदारी बताता है। ये प्रावधान नीली किताब (Blue Book) में निहित हैं जिसमें प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दिशानिर्देश दिए गए हैं।

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प्रधानमंत्री आवास और प्रोटोकॉल के बारे में रोचक तथ्य

• 7 लोक कल्याण मार्ग पर बने प्रधानमंत्री आवास के बंगले का नक्शा रॉबर्ट टॉर रसेल ने बनाया था। रसेल 1920 और 1930 के दशक के दौरान नई दिल्ली का नक्शा तैयार कर रहे ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लूटियन की टीम का हिस्सा थे।  

• क्या आप जानते हैं कि 7 लोक कल्याण मार्ग प्रधानमंत्री वीपी सिंह के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री का सरकारी निवास बना था उन्होंने इस जगह को स्थायी रूप से प्रधानमंत्री आवास में तब्दील कर दिया था। उनसे पहले, प्रधानमंत्री सांसद के तौर पर दिए जाने वाले बंगले में रहा करते थे।

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7 लोक कल्याण मार्ग में 5 बंगले हैं–  1, 3, 5, 7 और 9। यहां पुत्रजीव के पेड़ कतार में लगाए गए हैं। वर्तमान में 5 लोक कल्याण मार्ग हमारे प्रधानमंत्री का निजी आवास क्षेत्र है और 7 लोक कल्याण मार्ग  उनका कार्यालय। बंगला 9 में विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) रहते हैं। ये उत्कृष्ट बल प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। इसमें एक टेनिस कोर्ट भी है। बंगला 3 प्रधानमंत्री के अतिथियों के लिए गेस्ट हाउस है। लोक कल्याण मार्ग पर बना बंगला 1, प्रधानमंत्री की सेवा के लिए बनाया गया हेलिपैड है। इसका इस्तेमाल 2003 से किया जा रहा है।

• ये बंगले बड़े बंगले नहीं हैं। उनके आवास में दो शयनकक्ष, एक अतिरिक्त कक्ष, एक भोजन कक्ष और मुख्य बैठकखाना है जिसमें एक समय में करीब 30 लोग बैठ सकते हैं।

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• दिलचस्प बात यह है कि करीब 2 किमी लंबी भूमिगत सुरंग भी है जो भारत के प्रधानमंत्री आवास को सफदरजंग हवाईअड्डे से जोड़ती है। यहां डब्ल्यूआईपी (WIP) हेलिकॉप्टरों के लिए स्थान बनाया गया है ताकि यातायात की भीड़ को कम किया जा सके।  इसे कमल अतातुर्क मार्ग, गोल्फ कोर्स और सफदरजंग मकबरे के पीछे बनाया गया है औऱ फिर हवाईअड्डे के हेलिकॉप्टर हैंगर तक जाने के लिए भूमिगत मार्ग बनाया गया। इस सुरंग का काम 2010 में शुरु किया गया था और जुलाई 2014 में यह बन कर तैयार हो गया। इसके अलावा, इसका इस्तेमाल करने वाले पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है।

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क्या आप जानते हैं कि 7 लोक कल्याण मार्ग के उद्यान सब को पीछे छोड़ सकते हैं। ये बहुत बड़े, साफ– सुथरे हैं। ये इतने बड़े हैं कि इसमें एक घोड़ा आराम से दौड़ सकता है। प्रचूर मात्रा में गुलमोहर, सेमल और अर्जुन के वृक्षरिसर में लगाए गए हैं। ये वृक्ष मोर समेत कई पक्षियों का घर भी हैं। 7 लोक कल्याण मार्ग में एक मात्र प्रवेश द्वार है और इस द्वार की पहरेदारी भी एसपीजी करती है।

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• 7 लोक कल्याण मार्ग के कार्यस्थल पर दो छोटे कक्ष बने हैं। दोनों ही कक्ष में दो व्यक्तिगत सचिव रहते हैं। आगंतुक (visitor) कक्ष दाईं तरफ है। इसके आगे अतिथियों से मिलने का कक्ष बना है। इसके साथ ही बड़ी बैठकों के लिए कक्ष बनाया गया है, इसके पीछे भोजन कक्ष है जहाँ जलपान और दोपहर के खाने के साथ बैठकों का आयोजन किया जाता है। 

• 7 लोक कल्याण मार्ग से एक गलियारा आपको पंचवटी ले जाता है जिसे दो या तीन सम्मेलन कक्ष में या एक बड़े बैंक्वेट हॉल में बांटा जा सकता है। दीवारों पर राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्राहलय (एनजीएमसे) से लाई गईं कलाकृतियां लगाई गईं हैं। अपने यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री को कई उपहार, पेंटिंग, स्मृति चिह्न, धातु की कलाकृतियां आदि मिलती हैं जिन्हें या तो 7 लोक कल्याण मार्ग में प्रदर्शित की जाती हैं यो तोशखाना (खजाना घर) भेज दी जाती हैं।

जब आप लोक कल्याण मार्ग पर प्रवेश करेंगे तो सबसे पहले आप 9 लोक कल्याण मार्ग में प्रवेश करेंगे। इसके बाद पार्किंग हैं और फिर स्वागत कक्ष। इसके बाद बेहद सुरक्षा वाला क्षेत्र आरंभ होता है और इसके दायरे में 7, 5, 3 और 1 लोक कल्याण मार्ग आते हैं। यहाँ तक कि रिश्तेदारों को भी बिना बताए नहीं छोड़ा जा सकता। दोस्त/ यार भी प्रधानमंत्री से मिलने नहीं आ सकते। प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत सचिवों द्वारा एसपीजी को जिन आगंतुकों के नाम दिए जाते हैं, सिर्फ उन्हें ही प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति दी जाती है। यह नियम सभी पर लागू है। ये नियम सुरक्षा सलाहकारों, शीर्ष नौकरशाहों, रिश्तेदारों और अतिथियों पर भी लागू होते हैं। आगंतुकों के पास उनका एक पहचान पत्र होना चाहिए।

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• एक बार इस बाधा को पार कर लेने के बाद, एसपीजी आगंतुक (visitor) को प्रधानमंत्री से मिलने जाने देते हैं। वहां कारों – टाटा नैनो, का एक बेड़ा होता है और पूरा इलाका उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र होता है। यहाँ तक कि आवासीय बंगला अतिरिक्त सुरक्षा के दायरे में होता है। इसके पास बना गगनचुंबी होटल सम्राट के शीर्ष चार मंजिल सरकार ने ले रखे हैं।

• इस छोटे से किले में कई सुविधाएं हैं जिसका अन्य बड़े बंगले सिर्फ सपने देखते हैं। इसमें एक पावर स्टेशन है अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टर और नर्स चौबीसों घंटे यहाँ ड्यूटी देते हैं और एक एंबुलेंस छह बीएमड्ब्ल्यू कारों वाली प्रधानमंत्री के गाड़ियों के काफिले के साथ– साथ चलती है। ये सारी सुविधाएं वाजपेयी कार्यकाल के दौरान दिए गए आदेश के बाद दी गईं थीं। दो बीएमड्ब्ल्यू कारों का प्रयोग प्रधानमंत्री दिल्ली में करते हैं। दो कारें वीआईपी अतिथियों के लिए है और बाकी की दो कारें देश में प्रधानमंत्री के किसी भी यात्रा के दौरान साथ जाती हैं।

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मजेदार बात यह है कि 7 लोक कल्याण मार्ग में सिर्फ कलाकृतियां और पेंटिंग ही नहीं दिखाई देती बल्कि यहाँ फिल्म देखने की भी व्यवस्था है। वर्ष 2006 में लगे रहो मुन्ना भाई के रिलीज होने के तुरंत बाद यूएफओ मूवीज के निर्देशन ने 7 लोक कल्याण मार्ग में निजी स्क्रीनिंग का आयोजन किया था। बाद में तारे जमीन पर और पीपली लाइव के निजी स्क्रीनिंग भी आयोजित किए गए।

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यहाँ तक कि नाई, दर्जी और स्टाइलिस्ट एक फोन कॉल पर हाजिर हो जाते हैं। 7 लोक कल्याण मार्ग की कुशलता से काम करने के लिए कामगारों की सेना की जरूरत होती है। सचिव कर्मचारियों के अलावा, इसमें करीब 50 माली, चपरासी और इलेक्ट्रिशियन हैं। इन कर्मचारियों को उनके संपूर्ण पृष्ठभूमि की जांच के बाद काम पर रखा जाता है। कर्मचारी रोज आते हैं और दिन समाप्त होने के बाद जाते हैं। यहां कुछ कर्मचारी तो ऐसे हैं जो दशकों से काम कर रहे हैं। 

एयर इंडिया अपने आधिकारी विमान 'एयर इंडिया वन' से भारतीय प्रधानमंत्री को विमान सेवाएं मुहैया कराती है। इस फ्लाइट का नंबर हमेशा AI 1 होता हैं| 'एयर इंडिया वन' बोइंग 747-400 विमान है, जिसका मुख्य रूप से इस्तेमाल प्रधानमंत्री के विदेश दौरों के लिए किया जाता है। विमान के वीवीआईपी गियर में शयनकक्ष सुइट (suit), एक लाउंज और छह– सीटों वाला कार्यालय है। विमान में सेटेलाइट फोन, 4 पायलट और उन्नत हथियार होते हैं। विमान पर दिल्ली के पालम वायु सेना स्टेशन से निगरानी की जाती है। एयर फोर्स वन में कई मिसाईरोधी ढाल लगे हैं। इसमें सैट लिंक के साथ सुरक्षित संचार कक्ष भी है। घरेलू हवाई मार्ग के लिए भारतीय वायु सेना के पास प्रधानमंत्री के लिए 3 बिजनेस जेट विमान – राजदूत, राजहंस और राजकमल, हैं।

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• वीआईपी सुरक्षा को प्रभावित कर सकने वाली जानकारी के समन्वय, संग्रह और प्रसार की जिम्मेदारी आईबी और राज्य/ केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस की होती है।

प्रधानमंत्री को शारीरिक सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करने की जिम्मेदारी राज्य/ केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और एसपीजी की होती है जबकि आईबी ऐसी संचालन एजेंसियों को खुफिया जानकारी प्रदान करती है।

• भारतीय प्रधानमंत्री तक कोई बाहरी व्यक्ति न पहुंच पाए इसके लिए एसपीजी उन्हें चारों तरफ से घेर कर चलती है। इन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका की खुफिया सेवा में दिए जाने वाले प्रशिक्षिण के जैसे ही प्रशिक्षण दिया जाता है।

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सार्वजनिक उपस्थिति के दौरान प्रधानमंत्री को बुलेट–प्रूफ जैकेट पहनना होता है।

क्या आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी पहली महिला थीं जिन्हें एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी और उनके सुरक्षा में महिला कमांडो को तैनात किया गया था।

तो अब आप भारत के प्रधानमंत्री के आवास के बारे में जान गए होंगे। यह वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का सरकारी आवास है और मुख्य कार्यालय भी है।

Shikha Goyal is a journalist and a content writer with 9+ years of experience. She is a Science Graduate with Post Graduate degrees in Mathematics and Mass Communication & Journalism. She has previously taught in an IAS coaching institute and was also an editor in the publishing industry. At jagranjosh.com, she creates digital content on General Knowledge. She can be reached at shikha.goyal@jagrannewmedia.com
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