भारत आज पूरी दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढती अर्थव्यवस्था बन चुका है और इसकी अर्थव्यवस्था का आकार 2.54 लाख करोड़ का हो चुका है जो कि इसे पूरी दुनिया में 7 वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का ख़िताब दिलाता है. भारत आज पूरी दुनिया में सबसे युवा देश माना जाता है जबकि जापान और चीन की जनसंख्या बूढ़े लोगों से भर रही है इसलिए पूरी दुनिया की नजरें भारत के युवाओं पर टिकी हुई हैं.
इस लेख में हमने भारत की अर्थव्यवस्था में सन 2013-14 से 2016-17 तक अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में हुए परिवर्तनों के बारे में बताया है.
1. अर्थव्यवस्था का आकार: (Size of the Economy)
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2. महंगाई दर (Inflation Rate)
(थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित-WPI): आधार वर्ष -2011-12
2013-14 में : 5.2%
2016-17 में : 1.7%
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित-CPI:
2013-14 में: 9.4%
2016-17 में: 4.5%
3. शिक्षा पर खर्च: (Expenditure on Education)
a. UPA सरकार के समय में शिक्षा पर खर्च 65,867 करोड़ रुपये था जो कि 2017-18 में बढ़कर 79,868 करोड़ रुपये हो गया है.
b. UPA सरकार के समय (2013-14) में देश में कुल विश्वविद्यालयों की संख्या थी 723 जो कि NDA के शासनकाल (2016-17) में बढ़कर 799 हो गयी है. 76 नये विश्वविद्यालयों की स्थापना हुई है.
c. UPA के समय में देश में कुल कॉलेज 2013-14: 36,634 थे जो कि NDA के शासनकाल में बढ़कर 2016-17 : 39071 हो गए हैं अर्थात 2437 नये कालेजों की स्थापना हुई है.
d. UPA के समय (2013-14) में देश में कुल स्कूलों की संख्या थी 1518160 जो कि NDA के शासनकाल में बढ़कर 1522346 हो गयी हैं अर्थात कुल 4186 नये स्कूलों की संख्या बढ़ गयी है.
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1. कर संग्रह (Tax Collection)
वर्तमान NDA सरकार के कार्यकाल में सबसे अधिक वृद्धि एक्साइज ड्यूटी से प्राप्त आय में हुई है. सन 2013-14 में यह आय 1.70 लाख करोड़ रुपये थी जो कि NDA सरकार के कार्यकाल में 139% बढ़कर 4.06 लाख करोड़ रुपये हो गयी है. UPA सरकार के समय 2013 -14 में कुल कर संग्रह 8.16 लाख करोड़ का था जो कि वर्तमान सरकार में बढ़कर 12.27 लाख करोड़ का हो गया है, अर्थात पूरे 50% की वृद्धि हुई है. वर्ष 2016-17 से संपत्ति कर को समाप्त कर दिया गया है.
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2.स्वास्थ्य पर खर्च (Expenditure on health):
वर्ष 2013-14 में सरकार सकल घरेलू उत्पाद का केवल 1.2% स्वास्थ्य पर खर्च करती थी जो कि 2016-17 में बढ़कर 1.4% कर दिया गया है. NDA सरकार ने वर्ष 2017-18 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 48,878 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जो कि वर्ष 2013-14 में 37,330 करोड़ रुपये था.
वर्तमान सरकार ने 2017 में नयी राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति घोषित की है जिसके तहत 2025 तक औसत आयु को 67.5 वर्ष से बढाकर 70 वर्ष करने का लक्ष्य है साथ ही GDP का 2.5% भाग स्वास्थ्य सेवाओं पर करने का लक्ष्य रखा गया है.
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3. कृषि उत्पादन (Agriculture Production)
देश में 2013-14 में 2650 लाख टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ था जो कि 2016-17 में बढ़कर 2733 लाख टन होने का अनुमान है. UPA के शासन काल में कृषि की विकास दर 4.01% थी जो कि 2016-17 में बढ़कर 4.83% हो गई है. वर्तमान सरकार ने इस साल किसानों को 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देने का लक्ष्य रखा है जबकि 2013-14 में 7.11 लाख करोड़ का कृषि लोन बांटा गया था.
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4. रोजगार सृजन (Employment Generation)
वित्त वर्ष 2015-16 में देश में 1.35 लाख नौकरियां आयीं हैं देश में जबकि 2013-14 में यह आंकड़ा 4.20 लाख का था. हालांकि 2016-17 में देश में 2.13 लाख नयी नौकरियों का सृजन हुआ है जिसमे प्रमुख योगदान सेवा, विनिर्माण और व्यापार जैसे क्षेत्रों का है. वर्तमान में देश में 15 से 30 साल की उम्र के 30% से ज्यादा युवा इस समय या तो बेरोजगार हैं या ट्रेनिंग नही ले रहे हैं. कुल मिलाकर रोजगार सृजन के क्षेत्र में मोदी सरकार का प्रदर्शन ठीक नही है.
8. सबके लिए घर (Housing for all): जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार शहरों में 27% लोग किराये के मकानों में रहते हैं. देश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख घरों को बनाने की अनुमति दी गयी है जबकि UPA के 10 साल के शासन में13.82 घरों का निर्माण कराया गया था. वर्तमान सरकार ने 2016-17 के लिए 15 लाख करोड़ का आवंटन बजट में किया है. ज्ञातब्य है कि भारत में 2022 तक 3 करोड़ मकानों की जरुरत होगी.
9. औद्योगिक विकास (Industrial Development): वर्ष 2013-14 में देश की GDP में औद्योगिक क्षेत्र का योगदान 31.6% था जो कि 2016-17 में घटकर 31.12% रहने का अनुमान है. हालांकि वर्तमान सरकार के समय में औद्योगिक विकास दर 4.5% है जो कि पूर्व UPA सरकार के 4.2% की तुलना में थोडा बेहतर है. वर्ष 2016-17 में भारत में 25.30 लाख कारें बिकी थी जबकि वर्तमान सरकार में समय यह आंकड़ा 30.46 लाख है.
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10. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment): वर्ष 2013-14 में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का बहाव (Inflow) 28 अरब डॉलर था जो कि वर्ष 2016-17 में बढ़कर 54 अरब डॉलर हो गया है. मोदी सरकार ने "केबल और DTH सेवा" के लिए FDI की सीमा 74% से बढाकर 100% कर दी है जबकि न्यूज़ चैनल और रेडियो चैनल के लिए यह सीमा 26% से बढाकर 49% कर दी गयी है.
ऊपर दिए गए आंकड़ों को देखने पर यह बात स्पष्ट रूप से कही जा सकती है कि वर्तमान सरकार पूर्ववर्ती UPA सरकार की तुलना में सभी क्षेत्रों में बेहतर तरीके से कार्य कर रही है. हालांकि कुछ क्षेत्र ऐसे अवश्य हैं जहाँ पर वर्तमान सरकार को ध्यान देने की जरुरत है.
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