कैसे पौधे पर्यावरण से कार्बन डाइऑक्साइड प्राप्त करते हैं?

सभी जीवों और पौधों को विभिन्न जीवन सम्बंधी प्रक्रियाओं को करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिसके लिए भोजन अनिवार्य है. प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया की मदद से पौधें अपना स्वयं भोजन तैयार करते हैं. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते है कि पौधें कैसे पर्यावरण से कार्बन डाइऑक्साइड लेते है ताकि प्रकाश संश्लेषण कर सके और अपना भोजन बना सकें.
Feb 7, 2018 17:32 IST
    How Plants obtain Carbon Dioxide from atmosphere?

    पौधों को भोजन की आवश्यकता होती है ताकि वह विभिन्न चयापचय गतिविधियों के लिए ऊर्जा की आपूर्ति कर सकें. जानवरों की तरह भोजन की तलाश में पौधें एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं जा सकते है. वे एक ही जगह रहकर अपना खाना बनाते हैं. हम जानते हैं कि हरे पौधें स्वपोषी (autotrophic) होते हैं जो कि प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) की प्रक्रिया से अपने स्वयं के लिए भोजन का संश्लेषण करते हैं. क्लोरोफिल की उपस्थिति में पौधें कार्बन डाइऑक्साइड और पानी से भोजन तैयार करने के लिए सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा का उपयोग करते है. पौधों की कोशिकाओं के क्लोरोप्लास्ट में क्लोरोफिल उपस्थित होने के कारण पौधें हरे होते हैं.
    इसलिए, वह प्रक्रिया जिसके द्वारा हरे पौधें क्लोरोफिल की उपस्थिति में सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और पानी से ग्लूकोज तैयार करते है, प्रकाश संश्लेषण कहलाता है. यह प्रक्रिया पौधों की पत्तियों में होती है.
    प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक सामग्री हैं:
    1. कार्बन डाइऑक्साइड
    2. पानी

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    आइये देखते है, कैसे पौधे कार्बन डाइऑक्साइड पर्यावरण से प्राप्त करते हैं
    पौधों के पत्तियों की सतह पर एक बड़ी संख्या में छेद होते हैं जिसे स्टोमेटा (stomata) या स्टोमा (stoma) कहा जाता है. प्रकाश संश्लेषण के लिए हरे पौधे हवा से कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं. कार्बन डाइऑक्साइड उनकी सतह पर मौजूद स्टोमेटा के माध्यम से पत्तियों में प्रवेश करती है. प्रत्येक स्टोमेटा गार्ड कोशिकाओं (guard cells) की एक जोड़ी से घिरा हुआ होता है. स्टोमेटा के छिद्रों का खुलना और बंद होना केवल गार्ड कोशिकाओं द्वारा नियंत्रित किया जाता है. जब गार्ड कोशिकाओं में पानी आता है तो, वे फूल जाते हैं, घुमावदार हो जाते हैं और इनके खुलने का कारण यही होता है.
    दूसरी तरफ, जब गार्ड कोशिकाओं से पानी निकल जाता हैं; वे सिकुड़ जाते हैं, सीधे हो जाते हैं और स्टोमेटा के छिद्र बंद हो जाते हैं. पौधे की कोशिकाओं से स्टोमेटा के छिद्रों के माध्यम से बड़ी मात्रा में पानी निकलता है. इसलिए, जब पौधों को कार्बन डाइऑक्साइड की जरूरत नहीं होती है और पानी को संरक्षित करना चाहते है, तो स्टोमेटा के छिद्र बंद हो जाते हैं.

    What are stomata in leaves
    Source: www. wp-content.com
    पत्तियों में स्टोमेटा के छिद्रों के माध्यम से प्रकाश संश्लेषण के दौरान, ऑक्सीजन गैस उत्पन्न होती है. क्या आप जानते हैं कि स्टोमेटा एक पौधे के हरे रंग के तने या शूट (shoot) में भी मौजूद होता हैं? इसलिए, हम कह सकते हैं कि हरे रंग का तना या शूट प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया करते हैं. सबसे बड़े और चौड़े पत्तियों वाले पौधों में, पत्ती की निचली सतह में पीछे की तरफ स्टोमेटा होता हैं लेकिन संकीर्ण पत्ती वाले पौधों में, पत्ति के दोनों तरफ स्टोमेटा समान रूप से वितरित होते हैं. पानी में रहने वाले जलीय पौधें प्रकाश संश्लेषण करने के लिए पानी से कार्बन डाइऑक्साइड गैस का इस्तेमाल करते है.

    Where Stomata are present in leaves
    Source: www.cdn.biologydiscussion.com
    इसलिए, हम यह कह सकते हैं कि स्टोमेटा छिद्र पौधों की कोशिकाओं में और बाहर से गैसों के आवागमन की अनुमति देते हैं. इसलिए, पौधों में गैसीय आदान-प्रदान पत्तियों और अन्य हरे रंग के हिस्सों में स्टोमेटा के माध्यम से होता है.

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