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J&K से Article 370 हुआ खत्म, सरकार के फैसले का तुलनात्मक अध्ययन

5 अगस्त 2019 को; एनडीए सरकार ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 (खंड 1 को छोड़कर) हटा दिया है. अब जम्मू और कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश होगा जिसमें दिल्ली और पुदुचेरी जैसी विधानसभाएँ होंगी. लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है लेकिन इसमें विधान सभा नहीं होगी. अब आइए विस्तार से जानते हैं कि आर्टिकल 370 के हटने से कश्मीर में क्या क्या बदल जायेगा?
Aug 5, 2019 17:39 IST
Map of Jammu & Kashmir

केंद्र सरकार के द्वारा 5 अगस्त 2019 को भारतीय संविधान में जोड़े गये आर्टिकल 370 को हटाने की अधिसूचना जारी कर दी है. अब आर्टिकल 370 के तहत जम्मू और कश्मीर को दी गयी सभी विशेष रियायतें खत्म हो जायेंगी और यह प्रदेश पूरी तरह से भारतीय संविधान में उल्लिखित कानूनों को मानने के लिए बाध्य होगा.

आइये अब एक विश्लेष्ण के माध्यम से जानते हैं कि आर्टिकल 370 के पहले जम्मू और कश्मीर में क्या प्रावधान थे और अब क्या प्रावधान हो गये हैं.

तुलना का आधार

पहले

अब

1. राज्य की संवैधानिक स्थिति

विशेष दर्जा प्राप्त राज्य

केंद्र शासित प्रदेश

2. विधान सभा सदस्य संख्या

87

83

3. विधान सभा का कार्यकाल

6 वर्ष

5 वर्ष

4. एससी / एसटी / अल्पसंख्यक समुदायों को आरक्षण

आरक्षण नहीं था

अब नौकरियों और यूनिवर्सिटीज एडमिशन में आरक्षण मिलेगा

5. नागरिकता

दोहरी (जम्मू और कश्मीर और भारत दोनों की)

एकल नागरिकता (केवल भारत की)

6. राष्ट्रीय ध्वज

2, (कश्मीर और भारत)

1, (केवल भारत का)

7. सूचना का अधिकार

लागू नहीं होता था

अब पूरे प्रदेश में लागू होगा

8. राष्ट्रपति शासन

पहले राज्यपाल लगता था

राष्ट्रपति शासन लगना शुरू

9. संविधान

2, कश्मीर का अलग से संविधान था  

1, कश्मीर सहित पूरे भारत का केवल एक संविधान

10. J&K में राष्ट्रीय प्रतीकों की बेईज्ज़ती करना

अपराध नहीं था

अब अपराध होगा

11. J&K में देश के सभी नागरिकों को जमीन खरीदने का अधिकार

नहीं था

अब होगा

12भारत में केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या

7

9

13. भारत में राज्यों की संख्या

29

28

केंद्र सरकार ने आर्टिकल 370 को खत्म करके एक ऐतिहासिक फैसला किया है. इस फैसले से देश में राज्यों की संख्या घटकर 28 रह गयी है और केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या बढ़कर 9 हो गयी है. इन परिवर्तनों से देश की राजनीति में आने वाले वर्षों में बहुत बड़े परिवर्तन दिखाई देंगे.

लद्दाख  को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाये जाने से इस प्रदेश के विकास को नया आयाम मिलेगा और उम्मीद है कि लद्दाख क्षेत्र में पर्यटन के नए अवसर तैयार होंगे.

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