मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के क्या परिणाम होंगे?

अभी हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (UNSC) ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया है. इसका मतलब है कि अब मसूद की विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध लग जायेगा जिससे वह अपनी आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दे पायेगा. आइये इस लेख में जानते हैं कि सुरक्षा परिषद् का निर्णय मसूद को किस तरह से प्रभावित करेगा?
May 2, 2019 12:38 IST
    Masood Azhar Global Terrorist

    आम तौर पर कहा जाता है कि दुनिया में गरीबी, अशिक्षा, स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता, अस्पतालों की कमी मुख्य समस्याओं में शामिल हैं लेकिन आजकल के परिदृश्य में इन समस्याओं में एक और समस्या " आतंकवाद” के रूप में पूरे विश्व को परेशान कर रही है. यहाँ तक कि कुछ देशों की तो विदेश नीति ही आतंकबाद को बढ़ावा देना है.

    जब से भारत में पुलवामा हमलों की जिम्मेदारी पाकिस्तान में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद ने ली है तब से इसके प्रमुख मसूद अजहर को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए पूरी दुनिया के देश लामबंध हो चुके थे. अब जब भारत के प्रयासों के कारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के द्वारा मसूद अजहर को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया गया है तो आइये जानते हैं कि इस घोषणा के क्या प्रभाव होंगे?

    ज्ञातव्य है कि भारत ने मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के प्रयास 2009 में ही शुरू कर दिए थे लेकिन कामयाबी नहीं मिली. इसके बाद 2016 में भारत ने इस संबंध में पी3 देशों यानी फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति के समक्ष मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पेश किया था.

    इसके बाद 2017 में भारत ने पी3 देशों के साथ इसी प्रकार का प्रस्ताव फिर से पेश किया था लेकिन चीन ने इसमें अडंगा लगाया और अपनी वीटो पॉवर का इस्तेमाल करके प्रस्ताव को गिरा दिया था.

    किन देशों में भारतीय करेंसी मान्य है और क्यों?

    जानिए कैसे पास होता है प्रस्ताव?

    किसी भी शख्स को ग्लोबल आतंकी घोषित करने की एक प्रक्रिया होती है. यह प्रक्रिया संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद में पूरी की जाती है. जहां यूएनएससी के स्थाई सदस्य यानी की फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और चीन और 10 अस्थाई सदस्य वोट डालते हैं. किसी को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए सभी स्थाई सदस्यों की सहमति जरूरी होती है

    सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों में से कोई देश इसका प्रस्ताव लाता है. बाकी सदस्य देश इस पर अपना मत रखते हैं. स्थाई सदस्यों के पास वीटो पावर होता है. मतलब ऐसे प्रस्ताव पर पांचों स्थाई सदस्यों का सहमत होना जरूरी है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो प्रस्ताव पास नहीं होता है. प्रस्ताव आने के बाद 10 कार्य दिवसों तक इस पर आपत्तियां मांगी जाती हैं. अगर कोई स्थाई सदस्य आपत्ति दर्ज नहीं करवाता तो प्रस्ताव पास हो जाता है.

    unsc meeting

    वैश्विक आतंकी घोषित होने से मसूद पर प्रभाव;

    1. मसूद अजहर पर बैन लगने के बाद वह संयुक्त राष्ट्र संघ के किसी भी सदस्य देश की यात्रा नहीं कर सकेगा. ऐसा इसलिए भी क्योंकि दूसरे देश ऐसे शख्स को अपनी सीमा में घुसने की अनुमति नहीं देते हैं.

    2. संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश को अपने देश में मौजूद वैश्विक आतंकी की व्यक्तिगत या उसकी संस्थाओं के आर्थिक संसाधनों को ब्लॉक करना होगा.

    3. वैश्विक आतंकी घोषित होने वाले व्यक्ति की विश्व के अन्य देशों में मौजूद संपत्ति जब्त हो जाएगी. अर्थात उसे सबसे पहले वित्तीय रूप से अपंग किया जायेगा.

    4. संयुक्त राष्ट्र से जुड़े किसी भी देश के लोग आतंकी अजहर को किसी तरह की मदद नहीं पहुंचा सकेंगे. 

    5.  ग्लोबल आतंकी घोषित होने के बाद कोई भी देश ऐसे शख्स को हथियार मुहैया नहीं कराता है. साथ ही अगर किसी ने ऐसे शख्स के साथ पहले हथियार की आपूर्ति या खरीद-फरोख्त को लेकर कोई एग्रीमेंट किया है तो उसे उस एग्रीमेंट को तोडना पड़ता है.

    इस प्रकार स्पष्ट है कि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किये जाने से उसके ऊपर विभिन्न तरह के प्रतिबन्ध लग जायेंगे जिससे कि उसकी आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगेगी.

    भारत की कूटनीति के कारण पाकिस्तान किस तरह के संकटों से गुजर रहा है?

    जानिए भारत के अपराधी ब्रिटेन में ही क्यों शरण लेते हैं?

    Loading...

    Register to get FREE updates

      All Fields Mandatory
    • (Ex:9123456789)
    • Please Select Your Interest
    • Please specify

    • ajax-loader
    • A verifcation code has been sent to
      your mobile number

      Please enter the verification code below

    Loading...
    Loading...