S-400 एयर डिफेन्स सिस्टम किस-किस देश के पास? भारत का यह पड़ोसी भी शामिल
S-400 ट्रायम्फ एक एडवांस मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे रूस ने विकसित किया है। यह दुश्मन के विमान, ड्रोन, क्रूज़ और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम है। यह एक साथ 80 टारगेट को ट्रैक कर सकता है. भारत ने यह शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम रूस से ख़रीदा है। बताते चलें की वर्तमान में चल रहे भारत-पाक संघर्ष में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पाक के कई हवाई हमलों को नाकाम कर चुका है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद हाल ही में बौखलाए पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके 15 भारतीय शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की लेकिन भारतीय वायु सेना ने अपने S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेन्स सिस्टम से सभी अटैक को नाकाम कर दिया. S-400 को भारत में "सुदर्शन चक्र" भी कहा जा रहा है. भारत ने इसके लिए रूस से साल 2018 में एक डिफेन्स डील की थी. चलिए इसके बारें में विस्तार से जानते है.
s 400 air defence system S-400 एक साथ 80 टारगेट्स को ट्रैक करने की क्षमता रखता है और इसका रडार कवरेज 360 डिग्री यानी पूरी दिशा में होता है। इसकी मल्टी-मिसाइल क्षमता इसे विभिन्न प्रकार के टारगेट्स—जैसे लड़ाकू विमान, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों—को एक साथ नष्ट करने में सक्षम बनाती है
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What is s 400 S-400 ट्रायम्फ क्या है?
What is s 400 S-400 ट्रायम्फ (S-400 Triumf) दुनिया का सबसे आधुनिक और ताकतवर सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम (Surface-to-Air Missile System - SAM) है. जिसे भारत ने रूस से ख़रीदा है. इसे रूस के 'Almaz Central Design Bureau' के द्वारा तैयार किया गया है. यह दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन, क्रूज़ मिसाइलों और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही तबाह करने की क्षमता रखता है. यह एक साथ 80 टारगेट को ट्रैक कर सकता है.
S-400 Range हाईलाइट्स (Key Features):
| निर्माता देश | रूस |
| सेवा में आया | 2007 (रूसी सेना में शामिल) |
| निर्माता | अल्माज़-एंटेई |
| अधिकतम मारक क्षमता | 400 किलोमीटर तक |
| ऊंचाई सीमा | 30 किलोमीटर |
| टारगेट टाइप | विमान, ड्रोन, क्रूज़ व बैलिस्टिक मिसाइलें |
| रडार क्षमता | 600 किलोमीटर या उससे अधिक |
| एक साथ टारगेटिंग | 36 टारगेट पर 72 मिसाइलें एक साथ |
| मिसाइल स्पीड | कुछ मिसाइलें Mach 14 तक की स्पीड से |
S-400 कैसे करता है काम?
यह टारगेट को अपने 91N6E 'Big Bird' रडार System से बहुत जल्दी ट्रैक कर लेता है. यह 600 किमी दूर तक के टारगेट पहचान सकता है और एक साथ 300 km तक ट्रैक कर सकता है। यह ‘IFF सिस्टम’ के ज़रिए टारगेट की पहचान करता है।
कमांड और कंट्रोल (C2 Center): रडार से मिली जानकारी 55K6E कमांड पोस्ट को भेजी जाती है, जिसके बाद मिसाइल लांचर को कमांड पंहुचता है.
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S-400 चार प्रकार की मिसाइलें दागने में सक्षम:
| मिसाइल | रेंज | लक्ष्य |
| 40N6 | 400 किमी | लंबी दूरी के विमान जैसे AWACS |
| 48N6 | 250 किमी | फाइटर जेट्स |
| 9M96E2 | 120 किमी | तेज टारगेट्स |
| 9M96E | 40 किमी | क्रूज़ मिसाइलें, नजदीकी खतरे |
गाइडेंस और इंटरसेप्शन
S-400 Range मिसाइल को रडार के ज़रिए डायरेक्शन (रडार होमिंग) दी जाती है. इसके बाद मिसाइल खुद टारगेट को लॉक करके हवा में ही नष्ट कर देती है.
S-400 को सबसे बेहतरीन क्यों माना जाता है?
- विभिन्न रेंज और ऊंचाई वाले खतरे को इंटरसेप्ट कर सकता है.
- मोबाइल सिस्टम – ट्रकों पर लगाया जा सकता है.
- तेज़ तैनाती – सिर्फ 5–10 मिनट में एक्टिव।
- स्टेल्थ टारगेट भी पकड़ने की क्षमता – F-22, F-35 जैसे विमानों का भी पता लगा सकता है।
- कई लक्ष्यों पर एक साथ हमला करने में सक्षम
किन देशों के पास S-400?
- रूस (निर्माता देश)
- भारत (रूस से डील; डिलीवरी 2021 से शुरू)
- चीन
- तुर्किये
Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.