Search

पूर्व विदेश मंत्री और दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री रह चुकी सुषमा स्वराज का निधन

सुषमा स्वराज ने 6 August 2019  को AIIMS  (Delhi) में अंतिम सांस ली वो 67 वर्ष की थीं. PM Modi समेत बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने  उनकी मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है. 
Aug 7, 2019 10:20 IST
facebook Iconfacebook Iconfacebook Icon
सुषमा स्वराज
सुषमा स्वराज

सुषमा स्वराज 6 August 2019  को दिल्ली के AIIMS हॉस्पिटल (Delhi) में निधन हो गया. सुषमा स्वराज जी 67 वर्ष की थीं. बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रह  चुकी हैं. प्रधान मंत्री समेत भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. 

Jagranjosh

वर्ष 1977 में सुषमा स्वराज 25 साल की उम्र में हरियाणा की सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री  और 27 साल की उम्र में हरियाणा में जनता पार्टी की राज्य अध्यक्ष बनी थीं। उस समय वो किसी भी  राजनीतिक पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर पहली महिला प्रवक्ता थी। सिर्फ यही नही, सुषमा स्वराज केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनाने वाली पहली महिला भी थी। उन्हें हरियाणा राज्य विधानसभा द्वारा सर्वश्रेष्ठ स्पीकर के सम्मान से  सम्मानित किया गया था । सुषमा स्वराज को 2008 और 2010 में सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से दो बार सम्मानित किया गया था। 

सुषमा स्वराज जी से जुड़ी कुछ बातें:

→ सुषमा स्वराज जी हरियाणा में जनता पार्टी के अध्यक्ष पद पर चार वर्ष तक विराजमान रहीं।

→ वो जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की चार वर्ष तक सदस्य रहीं।

→ सुषमा स्वराज  2 वर्ष तक भाजपा की अखिल भारतीय सचिव भी बनी रहीं।

→ वर्ष 1977 में सुषमा स्वराज जी ने हरियाणा विधान सभा के लिए चुनी गईं और हरियाणा में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लिया।

→ वर्ष 1987 में सुषमा स्वराज जी फिर से हरियाणा विधान सभा के लिए चुनी गई।

→ वर्ष 1990 में, सुषमा स्वराज जी राज्य सभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित हुई थीं।

→ वर्ष 1996 में  सुषमा स्वराज दुसरे कार्यकाल के लिए ग्यारहवीं लोकसभा की सदस्य बनी।

→ वर्ष 1998 में  सुषमा स्वराज तीसरी बार बारहवीं लोकसभा के सदस्य के रूप में चुनी गईं।

→ सुषमा स्वराज दिल्ली की प्रथम महिला मुख्यमंत्री थी 

→ नवंबर 1998 में, वह दिल्ली विधानसभा के लिए हुए चुनाव में हौज खास विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में निर्वाचित की गयी थीं, लेकिन लोकसभा सीट बरकरार रखने के कारण उन्हें अपने विधान सभा सीट से इस्तीफा देना पड़ा।

→ 30 सितंबर, 2000 से 29 जनवरी 2003 तक  वह सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनी रही।

→ मार्च 19 से 12 अक्टूबर 1998 तक वह सूचना एवं प्रसारण और दूरसंचार मंत्रालय में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री थीं।

→ 29 जनवरी 2003 से 22 मई 2004 तक, वह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं संसदीय मामलों की मंत्री थी।

→ अप्रैल 2006 में वह फिर से पांचवीं अवधि के लिए राज्य सभा के सदस्य के रूप में चुनी गयीं।

→ 16 मई 2009 को वह छठीं बार के लिए 15 वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित की गयी।

→ 3 जून, 2009 को वह लोकसभा में उप-नेता प्रतिपक्ष बनी थी। 

→ 21 दिसंबर 2009 में श्री लाल कृष्ण आडवाणी द्वारा नियुक्त किये जाने के बाद वह विपक्ष की पहली महिला नेता बनी थी 

→  वर्ष 2014 में वो भारत की पहली महिला विदेश मंत्री बनी