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एसएससी की तैयारी के दौरान अभ्यास की जाने वाली गलत रणनीतियां

इस लेख में, हमने एसएससी की तैयारी के दौरान होने वाली कुछ प्रमुख और अक्सर होने वाली गलतियों के बारे में बताया है| जिसके कारण मात्र कुछ ही अभ्यर्थियों का चयन ही हो पता है| विस्तृत जानकारी के लिए पूरा लेख जरूर पढ़े|

Feb 22, 2017 14:56 IST

यह देखा गया है कि प्रत्येक 100 में से सिर्फ 30-40 उम्मीदवार ही सफल हो पाते हैं.

क्या आप जानते हैं, ऐसा क्यों होता है?

जवाब है, बाकी उम्मीदवारों द्वारा अपनाई जाने वाली गलत रणनीति. इस लेख में हम कुछ आम टिप्स दे रहें हैं जिसे आपको अपनाना चाहिए–

१.     बेकार के नोट्स और गाइड्स को न पढ़ें: एसएससी सीजीएल टीयर–। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार हो चुकी है और टीयर– ।।, ।।। और IV की परीक्षा अभी होनी बाकी है. ज्यादातर उम्मीदवार अभी भी नतीजों का इंतजार कर रहे हैं जबकि कुछ उम्मीदवार अपने नतीजों को लेकर आश्वस्त हैं. इसलिए अब सफलता की गारंटी देने वाली किताबों, गाइडों और कोचिंग इंस्टीट्यूटों में भीड़ लग रही है लेकिन उनके दावे सिर्फ विज्ञापनों में ही होते हैं, असल में नहीं. इसलिए, यह हमेशा अच्छा रहता है कि आप स्टैंडर्ड पब्लिकेशंस की प्रामाणिक पुस्तकों  या जाने–माने लेखकों की किताबों, जो परीक्षा विशेष के लिए ही लिखी गईं हैं, से पढ़ाई करें. जैसा कि अनुभव बताता है, इनमें से ज्यादातर किताबें नकली संस्करण होती हैं और इनमें काफी त्रुटियां, गलतियां और विसंगतियां पाई जाती हैं. ये नकली किताबें ही आपके सपनों को पूरा न होने देने के लिए  जिम्मेदार हैं. बीते वर्षों की परीक्षा के प्रश्नपत्रों और आर. एस. अग्रवाल आदि जैसे प्रख्यात लेखकों की किताब से पढ़ने की सलाह दी जाती है.

२.     गणित को कभी भी पढ़ाई वाला विषय समझने की भूल न करें: गणित अभ्यास का विषय है. इसके प्रश्नों को कभी भी जीके, अंग्रेजी और कभी– कभी रीजनिंग के प्रश्नों से न जोड़े . सैद्धांतिक प्रमेयों के अलावा उदाहरणों का अभ्यास करना अच्छा रहेगा क्योंकि पढ़ने में प्रश्न आसान लगता है लेकिन जब उसे हल करना पड़ता है तो वह उतना आसान नहीं रह जाता|

३.     कई किताबों को न पढ़ें. ज्यादातर उम्मीदवारों में एक ही विषय की तैयारी के लिए कई किताबों को पढ़ने की आदत विकसित हो चुकी है क्योंकि वे खुद को अकादमिक क्षेत्र में अच्छा मानते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी इसी मानसिकता को दिखाने की कोशिश करते हैं. अधिक किताबों को पढने का नतीजा होगा आप अधिक भ्रमित हो जाएंगे. इसलिए, मन में सही अप्रोच के साथ खास किताबों को कई बार पढ़ना ठीक रहेगा|

४.     तुक्का लगाने से बचें, यह अक्सर सही नहीं होता है. ट्रायल के आधार पर जवाब देना हमेशा ठीक नहीं होता. हमेशा उसी प्रश्न का उत्तर दें जिसके बारे में आप निश्चित हैं. छात्र आमतौर पर तुक्का लगाते हैं जैसे– उंगलियों पर गिनना, विकल्प विशेष– जैसे मान लेते हैं कि प्रश्न क का उत्तर ख होगा,  के लिए सिक्का उछालना आदि. विकल्पों के साथ जैक और जिल जैसा करने के आदि होना. पिछले प्रश्न के विकल्प के साथ जाते समय ध्यान रखें कि ये ट्रिक्स और टिप्स आपको मदद नहीं करेंगें बल्कि इसका नजीता अंकों की कटौती होगी|

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