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एक नयी पहल Dream के साथ आये जम्मू-कश्मीर के IPS संदीप चौधरी

जम्मू कश्मीर के युवा IPS अधिकारी संदीप चौधरी, युवाओं के बीच, अब एक उम्मीद बन चुके हैं.अपने ऑपरेशन ड्रीम के लिए उन्होंने युवाओं को पढ़ाना शुरू किया था और देखते ही देखते ये क्लास अब एक मुफ्त कोचिंग का रूप ले चुकी है.

Jun 7, 2018 14:57 IST
IPS Sandeep Chaudhary - J&K (PTI Photo)

 

जम्मू कश्मीर के युवा IPS अधिकारी संदीप चौधरी, युवाओं के बीच, अब एक उम्मीद बन चुके हैं.अपने ऑपरेशन ड्रीम के लिए उन्होंने युवाओं को पढ़ाना शुरू किया था और देखते ही देखते ये क्लास अब एक मुफ्त कोचिंग का रूप ले चुकी है. अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर, संदीप चौधरी, हर सुबह दो घंटे छात्रों की अध्ययन में मदद करते हैं. इनमे से बहुत से छात्र जम्मू कश्मीर पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं तथा कुछ प्रतिष्ठित सिविल सेवा में जाना चाहते हैं. IPS संदीप चौधरी के इस कदम की सभी ने सराहना की है तथा यथासंभव सहायता का भी भरोसा दिलाया है . अपने उच्च अधिकारियों का समर्थन पा कर, संदीप चौधरी बहुत खुश हैं तथा अपने इस प्रयास में सफल होने के लिए हर कोशिश कर रहे हैं.

IPS संदीप चौधरी की इस पहल से छात्र बहुत ही उत्साहित हैं. छात्रो का कहना है की आम तौर पे कोचिंग संस्थान अल्पावधि कोर्स के लिए 15 से 20 हजार रूपए लेते हैं और वहाँ कोई IPS भी नहीं पढ़ाता. दक्षिण जम्मू पुलिस अधीक्षक संदीप चौधरी ने छात्रों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ही 'ऑपरेशन ड्रीम' की शुरुआत की है।

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जम्मू-कश्मीर कैडर के 2012-बैच के IPS अधिकारी संदीप चौधरी ने शुरुआत में 10 छात्रों के लिए अपने कार्यालय कक्ष से मुफ्त कोचिंग की शुरुआत की थी. राज्य पुलिस में उप-निरीक्षक की भर्ती होने वाली है जिसके लिए बहुत से छात्रो ने आवेदन किया है. इन्ही छात्रो से संदीप चौधरी ने शुरुआत की थी . धीरे धीरे छात्रो की संख्या बढ़ने लगी और अब ये संख्या लगभग 150 पहुँच चुकी है. उनकी इस पहल को देखते हुए कुछ स्थानीय निवासियों ने उन्हें एक निजी सामुदायिक केंद्र प्रदान किया है. राज्य पुलिस उप निरीक्षक की परीक्षा तो 24 जून को निर्धारित है परन्तु बहुत से छात्र ऐसे भी है जो SSC, Banking तथा सिविल सेवा की तैयारी बभी कर रहे हैं. उनका कहना है की ऐसा मार्गदर्शन उन्हें किसी कोचिंग में नहीं मिल सकता.

"मैं अपने सहयोगियों के साथ सब-इंस्पेक्टर के पद के लिए आने वाली परीक्षा पर चर्चा कर रहा था, जब इच्छुक छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग शुरू करने का विचार मेरे दिमाग में आया ... प्रत्येक दिन, छात्रों की संख्या बढ़ रही है और इस पहल का मुख्य बिंदु है कि कक्षाओं के लिए 25 से ज्यादा लड़कियां भी आ रही हैं, "चौधरी ने PTI को बताया।

पंजाब के संदीप चौधरी ने 30 मई को अपने कार्यालय कक्ष से यह पहल शुरू की, यह कक्षा 1 जून को निजी सामुदायिक केंद्र में स्थानांतरित हो गयी , और उप-निरीक्षकों के लिए परीक्षा की निर्धारित तारीख से एक दिन पहले 23 जून तक चलती रहेगी।

चौधरी ने छात्रों के साथ अपने जीवन की कहानी भी साझा की। उन्होंने कहा कि वह कभी भी उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज नहीं गए तथा संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने के लिए कोई कोचिंग भी नहीं की. "मैंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से बीए और एमए किया था। मैंने लगभग तीन महीने तक पत्रकारिता में नियमित पाठ्यक्रम के लिए पंजाब विश्वविद्यालय में पढ़ाई की लेकिन फिर मैं परिस्थितियों के कारण वापस आ गया और IGNOU से लोक प्रशासन में एमए में प्रवेश लिया.

उन्होंने कहा, "मैंने पत्राचार के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी की - जो बहुत महँगी नहीं थी, लेकिन यूपीएससी की तैयारी के दौरान हर चरण के लिए दोस्तों और वरिष्ठों ने मेरा मार्गदर्शन किया," उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए महँगी कोचिंग लेना आवश्यक नहीं है।

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पैर में चोट तथा IPS की वर्दी के साथ भी संदीप चौधरी अपनी कक्षा को जीवंत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। प्रीती, जो पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बनने की इच्छुक है, ने कहा कि वह भाग्यशाली है जो उन्हें यहां शामिल होने का अवसर मिला क्योंकि यहां आने के बाद पुलिस के प्रति उनका दृष्टिकोण बदल गया है। उन्होंने कहा कि IPS अधिकारी के मार्गदर्शन में तैयारी करना कुछ ऐसा है जो किसी भी कोचिंग सेंटर में हासिल नहीं किया जा सकता है।

चौधरी ने कहा "जम्मू के युवाओं में, विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि के, एक्सपोजर की कमी है। वे अपनी किताबों के माध्यम से पढ़ते रहते हैं लेकिन बाहरी दुनिया के सामान्य दृष्टिकोण से बेखबर हैं। छात्रों को तैयारी कराते समय मैं इस बात को ध्यान में रख रहा हूं, "। उन्होंने कहा कि छात्र विभिन्न पृष्ठभूमि और दूरदराज के स्थानों से आए हैं। "उन्हें मुफ्त में पढ़ाने से, मैं न केवल उन्हें पैसे बचाने में मदद करता हूं बल्कि इसके साथ साथ उनका करियर निर्माण करने में उनकी मदद करता हूं लेकिन खुद के लिए एक अनोखी संतुष्टि भी प्राप्त करता हूं। मैंने इस तरह ही सीखा है और मुझे यकीन है कि जब जीवन में यह छात्र ऊंचाई हासिल करेंगे तो यह सब भी आगे आएंगे और किसी की मदद के लिए हाथ बढ़ाएंगे। "

"सामुदायिक पुलिस की अवधारणा ने हमें लोगों के करीब ला दिया है। हम सुरक्षित समाज सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ नागरिकों के साथ बैठक आयोजित करने के अलावा, स्कूलों और कॉलेजों का दौरा कर रहे हैं, जो अधिकतर ड्रग्स के खतरे से संबंधित हैं। मेरी पूरी तरह से एक अलग पहल है और एसएसपी, आईजीपी और डीजीपी समेत मेरे वरिष्ठों द्वारा समर्थित है। "

उन्होंने कहा, "देश में विभिन्न प्रकार की शिक्षा प्रणाली है और गरीब पृष्ठभूमि के लोगों को प्रतिस्पर्धी चरण में बहुत कठिनाई का सामना करना पढता है।" संदीप चौधरी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक न केवल उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं बल्कि उन्हें पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दे रहे है। जम्मू शहर के बक्षी नगर इलाके के अमित सिंह ने कहा कि उन्होंने विभिन्न केंद्रों में प्रशिक्षण लिया है लेकिन यहांकी बात अलग है। "वह (चौधरी) पैसे के लिए यहां नहीं हैं। वह व्याख्यान दे रहे हैं और तत्काल प्रतिक्रिया मांगते हैं । मुझे यकीन है कि यह परीक्षा को पास करने में बहुत मदद करेगा, "
सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले एक अन्य छात्र दिग्विजय सिंह जामवाल ने कहा कि उन्हें एक अच्छा अनुभव मिला है क्योंकि इस पहल ने उन्हें एक मंच प्रदान किया था। "किसी भी शॉर्ट कोर्स के लिए कोचिंग सेंटर द्वारा आम तौर पर 15,000 रुपये से 20,000 रुपये चार्ज किया जा रहा है। (लेकिन) यह मुफ़्त और बहुत उपयोगी है, " ।

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