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आयुर्वेद की फील्ड में ये कोर्सेज करके बनाएं अपना करियर

अगर आप भारत में आयुर्वेद की फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए कुछ खास कोर्सेज उपलब्ध हैं. आयुर्वेद में अपनी पसंद का कोई कोर्स करें और इस लोकप्रिय फील्ड में अपना करियर शुरू करें. 

Jun 21, 2019 18:44 IST
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The Available Courses in the field of Ayurveda
The Available Courses in the field of Ayurveda

भारत का आयुर्वेद काफी पुराना मेडिसिन सिस्टम है. ‘आयुर्वेद’ संस्कृत भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘आयुर अर्थात जीवन’ और ‘वेद अर्थात ज्ञान’. सरल शब्दों में, जीवन का ज्ञान ही आयुर्वेद है जिसमें मानव शरीर की सभी बीमारियों से रक्षा की जाती है ताकि मनुष्य लंबी आयु तक जीवित रह सके. आयुर्वेद की मान्यता के मुताबिक मनुष्य के शरीर में 3 एलिमेंट्स की प्रधानता होती है – वात, पित्त और कफ़ और हमारे शरीर में इन 3 एलिमेंट्स का प्राकृतिक संतुलन कायम रहना चाहिए. इन तीनों एलिमेंट्स के हमारे शरीर में संतुलन से हम स्वस्थ रहते हैं और अगर इन तीनों एलिमेंट्स अर्थात वात, पित्त और कफ़ में से कोई भी एलिमेंट हमारे शरीर में कम या ज्यादा हो जाए तो हमें बीमारी हो जाती है. ये बीमारियां जानलेवा भी हो सकती हैं. हमारे देश में आयुर्वेद के एक स्टूडेंट के तौर पर आपको 5000 वर्ष पुरानी आयुर्वेद की परम्परा को समझना होगा. वर्ष 1969 में भारत सरकार ने इंडियन मेडिसिन और होमियोपैथी में रिसर्च के लिए सेंट्रल काउंसिल (CCRIMH) की स्थापना की. इस सेंट्रल काउंसिल का प्रमुख कार्य आयुर्वेद में रिसर्च एक्टिविटीज़ को प्रोत्साहित करना है. इसी तरह, वर्ष 2003 में AYUSH  अर्थात डिपार्टमेंट ऑफ़ आयुर्वेद, योग एंड नैचुरोपैथी, यूनानी, सिद्धा और होमियोपैथी की स्थापना की गई ताकि भारत की सभी किस्म की मेडिसिन फ़ील्ड्स में एजुकेशन और रिसर्च एक्टिविटीज़ को लगातार बढ़ावा दिया जा सके.

भारत में आयुर्वेद की फील्ड में उपलब्ध प्रमुख कोर्सेज

हमारे देश में आयुर्वेद से संबंधित सभी कोर्सेज आजकल औपचारिक मेडिकल एजुकेशन का प्रमुख हिस्सा बन चुके हैं. लेकिन आयुर्वेद की शुरुआत से ही भारत में इसकी शिक्षा अनौपचारिक तौर पर दी जाती रही है. पूरी दुनिया में आयुर्वेद की मेडिसिन्स ने अपनी पहचान बना ली है क्योंकि आयुर्वेद मेडिसिन के साइड इफेक्ट्स तो नहीं होते और आयुर्वेद द्वारा लाईलाज बीमारियों का ईलाज भी हो सकता है. आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर्स को वैद या हकीम के नाम से जाना जाता है. भारत में आयुर्वेद की फील्ड के प्रमुख कोर्सेज निम्नलिखित हैं:

ग्रेजुएशन लेवल के कोर्सेज:

  • बैचलर ऑफ़ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS)
  • बैचलर ऑफ़ सिद्ध मेडिसिन एंड सर्जरी (BSMS)

पोस्टग्रेजुएशन लेवल के कोर्सेज:

  • मास्टर ऑफ़ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन इन आयुर्वेद फार्मेसी (MBA – आयुर्वेद फार्मेसी)
  • डॉक्टर ऑफ़ मेडिसिन इन आयुर्वेद (MD)
  • मास्टर ऑफ़ सर्जरी इन आयुर्वेद (MS)

डॉक्टोरल डिग्री लेवल के कोर्सेज:

  • मास्टर ऑफ़ फिलोसोफी इन आयुर्वेद सिद्धांत (MPhil)
  • डॉक्टर ऑफ़ फिलोसोफी इन आयुर्वेद (PhD)

आयुर्वेद की प्रमुख स्पेशलाइजेशन फ़ील्ड्स

  • कायाचिकित्सा – इंटरनल मेडिसिन
  • शल्य चिकित्सा – सर्जरी
  • बाल चिकित्सा – पेडियाट्रिक्स
  • ग्रह चिकित्सा – भूत विद्या – साइकाइट्री
  • उर्ध्वांग चिकित्सा – आंख, कान, नाक, गले और सिर का इलाज
  • अगद चिकित्सा - टॉक्सिकोलॉजी
  • जर चिकित्सा – रसायण – गेरेंटोरोलॉजी
  • वृष्य चिकित्सा – वाजीकरण – एफ्रोडीसीएक्स

आयुर्वेद में निम्नलिखित में से एक या सभी विषयों को पढ़ना जरुरी होता है:

  • चरक संहिता (उत्तरार्ध)
  • स्त्रीरोग और प्रसूति तंत्र
  • पंचकर्म
  • रोगनिदान
  • नाड़ी परीक्षा
  • धातु चिकित्सा
  • द्रव्य गुण विज्ञान
  • पदार्थ विज्ञान
  • संस्कृत

ऋषिकेश में आयुर्वेद प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्सेज

यहां आयुर्वेद की फील्ड में बिगनर्स और आयर्वेद प्रैक्टिशनर्स के लिए निम्नलिखित सर्टिफिकेट कोर्सेज करवाए जाते हैं:

  • बिगनर्स के लिए आयुर्वेद सर्टिफिकेशन कोर्स – अवधि 30 दिन
  • एडवांस्ड आयुर्वेद थेरेपी डिप्लोमा कोर्स – अवधि 90 दिन/ 45 दिन  

आयुष विभाग, मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, भारत सरकार

मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, भारत सरकार के आयुष डिपार्टमेंट द्वारा भी आयुर्वेद में विभिन्न केटेगरियों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम करवाए जाते हैं जैसेकि:

  • केटेगरी 1 – आयुर्वेदिक मेडिसिन प्रैक्टिशनर्स

टाइप – 1 – फुल आयुर्वेदिक एजुकेशन

यह एक फुल टाइम ट्रेनिंग प्रोग्राम है जिसकी कुल अवधि कम से कम 4500 घंटे है. इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत क्लास रुम थ्योरी और प्रैक्टिकल टीचिंग के साथ मान्यताप्राप्त आयुर्वेदिक कॉलेजों या इंस्टीट्यूशंस कम से कम 3 प्रोफेशनल एग्जाम्स लिए जाते हैं. इसके बाद स्टूडेंट्स के लिए किसी मान्यताप्राप्त हॉस्पिटल में 1000 घंटे की इंटर्नशिप ट्रेनिंग लेनी जरुरी है. यह कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स को BAMS की डिग्री प्रदान की जाती है.  

टाइप – 2 – लिमिटेड आयुर्वेदिक एजुकेशन

यह एक फुल टाइम/ पार्ट टाइम ट्रेनिंग प्रोग्राम है जिसकी कुल अवधि कम से कम 2500 घंटे है. इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत क्लास रुम थ्योरी और प्रैक्टिकल टीचिंग के साथ मान्यताप्राप्त आयुर्वेदिक कॉलेजों या इंस्टीट्यूशंस कम से कम 3 प्रोफेशनल एग्जाम्स लिए जाते हैं. इसके बाद स्टूडेंट्स के लिए किसी मान्यताप्राप्त आयुर्वेदिक क्लिनिक में 500 घंटे की इंटर्नशिप ट्रेनिंग लेनी जरुरी है. यह कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स को आयुर्वेद में डिप्लोमा प्रदान किया जाता है.  

टाइप – 3 – लिमिटेड आयुर्वेदिक एजुकेशन

यह एक फुल टाइम/ पार्ट टाइम ट्रेनिंग प्रोग्राम है जिसकी कुल अवधि कम से कम 1500 घंटे है. इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत क्लास रुम थ्योरी और प्रैक्टिकल टीचिंग के साथ मान्यताप्राप्त आयुर्वेदिक कॉलेजों या इंस्टीट्यूशंस कम से कम 2 प्रोफेशनल एग्जाम्स लिए जाते हैं. इसके बाद स्टूडेंट्स के लिए किसी मान्यताप्राप्त आयुर्वेदिक इंस्टीट्यूशन में 500 घंटे की इंटर्नशिप ट्रेनिंग लेनी जरुरी है. यह कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स को आयुर्वेद में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा प्रदान किया जाता है.

  • केटेगरी - 2 – आयुर्वेदिक थेरेपिस्ट

टाइप – 1 – लिमिटेड एजुकेशन फॉर पंचकर्म थेरेपी

यह एक फुल टाइम या पार्ट टाइम लिमिटेड ट्रेनिंग प्रोग्राम है. इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत कम से कम 600 घंटे की क्लास रुम थ्योरी के साथ ही किसी मान्यताप्राप्त पंचकर्म हॉस्पिटल में 400 घंटे की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शामिल है.  

टाइप – 2 – लिमिटेड एजुकेशन फॉर आयुर्वेदिक डायटेटिक्स  

यह एक फुल टाइम या पार्ट टाइम लिमिटेड ट्रेनिंग प्रोग्राम है इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत कम से कम 600 घंटे की क्लास रुम थ्योरी के साथ ही किसी मान्यताप्राप्त आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में 400 घंटे की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शामिल है.  

टाइप – 3 – लिमिटेड एजुकेशन फॉर आयुर्वेद फार्मेसी

यह एक फुल टाइम या पार्ट टाइम लिमिटेड ट्रेनिंग प्रोग्राम है इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत कम से कम 600 घंटे की क्लास रुम थ्योरी के साथ ही किसी मान्यताप्राप्त आयुर्वेदिक इंस्टीट्यूट में 400 घंटे की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और क्लिनिकल डिस्पेंसिंग शामिल है.  

  • केटेगरी – 3 – सेल्फ हेल्थ केयर के लिए लिमिटेड आयुर्वेदिक एजुकेशन

यह एक फुल टाइम या पार्ट टाइम लिमिटेड ट्रेनिंग प्रोग्राम है इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत कम से कम 200 घंटे की क्लास रुम थ्योरी के साथ ही किसी मान्यताप्राप्त आयुर्वेदिक कॉलेज या इंस्टीट्यूट में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शामिल है. यह ट्रेनिंग प्रोग्राम उन लोगों के लिए है जो अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आयुर्वेद सीखना चाहते हैं. कोई भी 12वीं पास या समान एजुकेशनल क्वालिफिकेशन वाला व्यक्ति यह कोर्स कर सकता है.

आयुष विभाग, मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, भारत सरकार का ओरिजिनल लिंक यहां देखें

भारत में विभिन्न आयुर्वेदिक कोर्सेज करवाने वाले प्रमुख इंस्टीट्यूट्स

  • यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंस, विजयवाड़ा
  • डॉ. एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी, चेन्नई
  • श्री धनवंत्री आयुर्वेदिक कॉलेज, चंडीगढ़
  • अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज, इंदौर
  • आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, कोल्हापुर
  • श्री आयुर्वेद महाविद्यालय, नागपुर  
  • राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज, बैंगलोर
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद, जयपुर
  • गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी, जामनगर
  • महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट

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