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चीन से निपटने के लिए भारत का “प्रोजेक्ट 73” क्या है?

चीन से बढ़ते तनाव के बीच भारत ने चीन से लगने वाली सीमा पर 73 सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया है जिसमे 46 सड़कों का निर्माण रक्षा मंत्रालय और 27 सड़कों का निर्माण गृह मंत्रालय कराएगा. अतः भारत द्वारा बनायीं जाने वाली इन 73 सड़कों के निर्माण को ही “प्रोजेक्ट 73” का नाम दिया गया है. इस प्रोजेक्ट की 30 सड़कों का काम पूरा भी हो चुका है.
Aug 4, 2017 10:57 IST
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Project 73
Project 73

जैसा कि सभी को पता है कि चीन भारत को चारों तरफ से घेरने की कोशिश कर रहा है यही कारण है कि चीन भारत के सभी पडोसी देशों के साथ आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को बहुत तवज्जो दे रहा है. चीन द्वारा भारत को घेरने के लिए भारत के पडोसी देशों के साथ मिलकर जो भी सैन्य समझौते हो रहे हैं उन्हें "पर्ल ऑफ़ स्ट्रिंग्स" का नाम दिया गया है.
चीन की इसी रणनीति के चलते भारत और चीन की सेनाएं भूटान के डोकलाम इलाके में एक दूसरे के आमने-सामने हैं. चीन, डोकलाम में सड़क का निर्माण कर रहा है ताकि युद्ध की स्थिति में इस जगह से भारत के खिलाफ सैन्य कार्यवाही में आसानी हो सके. यही कारण है कि भारत ने भी चीन को उचित जवाब देने के लिए ‘प्रोजेक्ट 73’ शुरू किया है.

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प्रोजेक्ट 73 क्या है?
भारत और चीन के बीच जम्मू और कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक 3,488 किमी लंबी साझा सीमा है. भारत, चीन से होने वाले किसी भी संभावित हमले से निपटने के लिए भारत और चीन के बीच के बॉर्डर इलाके में तेजी के साथ सड़कें बना रहा है. भारत इस सीमावर्ती इलाकों में 73 सड़कें बनाने की योजना पर काम कर रहा है. गृह राज्यामंत्री किरण रिजिजू ने 18 जुलाई 2017 को लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि था चीन के सीमावर्ती इलाकों में रक्षा मंत्रालय के खर्च से 46 सड़कों का निर्माण कराया जाएगा जबकि 27 सड़कों का निर्माण गृह मंत्रालय कराएगा. उन्होंने बताया कि सीमा पर 30 सड़कों का निर्माण लगभग पूरा भी हो चुका है. हालांकि इन सभी सड़कों के निर्माण की योजना साल 2012-13 तक थी.
Project 73 india
प्रोजेक्ट में देरी पर रिजिजु ने बताया कि ये इलाके काफी ऊंचाई पर हैं. यहां पर घने जंगल, दुर्गम रास्ता, प्राकृतिक आपदायें, वन / पर्यावरण मंजूरी में देरी और भूमि अधिग्रहण में दिक्कतें इत्यादि शामिल हैं इन्ही के कारण सड़क निर्माण में परेशानी हो रही है. हालाँकि कुछ प्रोजेक्ट्स जिनकी डेड लाइन 2024 थी उसे घटाकर 2020 किया गया है.
(भारत और चीन के बीच बोर्डर सीमा)

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Image source:India Today
चीन सीमा से लगने वाले वाला भारत का सबसे आखिरी गांव टास्किंग समुद्र तल से करीब 8000 फीट की ऊंचाई पर है. भारत सरकार की योजना यहां तक सड़क बनाने की है. अगर यहां तक सड़क बन जाती है तो उसे 12 महीने की कनेक्टिविटी मिल जाएगी. अभी तक यहां हेलिकॉप्टेर के जरिए सेना को भेजा जाता है. प्रोजेक्ट 73 के पूरी तरह तैयार हो जाने पर भारतीय सेना को किसी भी वक्त यहां पहुंचने में आसानी होगी. दोनों देशों के बीच युद्ध की दशा में भी सेना तक रसद सामग्री आसानी से पहुंचाई जा सकेगी.
project 73 road
मंत्री ने कहा कि सड़क गृह परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं जैसे सीमावर्ती बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा और निगरानी के लिए केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय अधिकार समिति की स्थापना की गयी है.
इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि भारत चीन की हर एक चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और जहाँ कहीं भी सुधार की जरुरत है उसमे जरूरी सुधार भी किया जा रहा है. इसलिए यह उम्मीद की जा सकती है कि भारत सीमा पर शक्ति संतुलन बनाने में कामयाब हो जायेगा.
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